शादी में चोदने मिली अनजान लड़की की चूत

हॉट ब्यूटीफुल सेक्सी गर्ल की चुदाई का मौका मुझे मिला जब मैं एक शादी में गया था. मैं पेग लगाने छत पर जाने लगा तो सीढ़ियों में एक लड़की बैठी थी.

दोस्तो, मेरा नाम राज है, ये बदला हुआ नाम है.
मैं ग्रेटर नोएडा का रहने वाला हूं. मेरी उम्र 25 साल है और हाईट साढ़े पांच फुट है.

मेरे लंड का साइज सवा सात इंच है और ये काफी मोटा भी है.

यह हॉट ब्यूटीफुल सेक्सी गर्ल की चुदाई कुछ दिन पहले की है.

मैं एक शादी में गया था.
तब ठंड का मौसम था इसलिए मैं अपने लिए कुछ पीने का सामान (दारू) ले गया था.

मैंने हॉल में जाकर पीने के लिए जगह देखने लगा. जगह देखते देखते मैं मैरिज होम की छत पर चला गया.

वहां सीढ़ियों पर पहले से ही एक लड़की बैठी थी.
मैं उसे देख कर डर गया कि ये इतनी रात में अकेली बैठी क्यों है, कुछ मामला गड़बड़ तो नहीं है.

मुझको देख कर वो बोली- ऊपर जाओगे क्या?
मैंने हां में सर हिला दिया.

उसने रास्ता छोड़ दिया.

मैं उससे बचता हुआ ऊपर पहुंच गया और देखा कि उधर एक गद्दा पड़ा हुआ था, शायद मुझसे पहले कुछ लोग उधर दारू पी रहे थे.

मैंने भी अपना प्रोग्राम जमा दिया.
कुछ देर बाद वो लड़की भी ऊपर मेरे पास ही आ गई और बोलने लगी- तुम यहां पर अकेले क्या कर रहे हो?

मैंने उसको गिलास दिखाते हुए इशारा किया.
वो समझ गई और चुपचाप खड़ी रही.

मैं समझ नहीं पा रहा था कि ये क्या चाहती है.

थोड़ी देर बाद मैंने जैसे ही सिगरेट जलाई, तो वो बोली- एक मुझको भी मिलेगी?
मैंने उसकी तरफ सिगरेट और माचिस दोनों बढ़ा दिए.

उसने सिगरेट मुँह से लगा कर सुलगाई और कश लेते हुए मुझसे पूछा- कहां से हो?
मैंने उसको बता दिया.

फिर कुछ देर बाद मैंने उससे पूछा- और तुम?
उसने बताया- मैं यहां शादी में अपने फ्रेंड के साथ आई थी और वो मुझको छोड़ कर चला गया है. फिलहाल मैं अकेली हूँ.

मैंने उसका नाम पूछा- तुम्हारा नाम क्या है?
उसमें अपना नाम चंचल बताया.

वो दिल्ली से थी और बहुत ही हॉट माल लग रही थी.
उसने सफ़ेद शर्ट और काली पैंट पहनी हुई थी और वो कयामत लग रही थी.

फिर हम दोनों की ऐसे ही बात चलती रहीं.

मैंने उससे ड्रिंक के लिए पूछ लिया तो उसने हां में सर हिला दिया.
मैंने उसको पैग बना कर दे दिया क्योंकि ठंड बहुत थी और हम ऊपर छत पर खुली हवा में खड़े थे.

मैंने उससे पूछा- तुम अकेली कैसे रह गई?
उसने बताया- अरे यार, बताया था ना कि मैं अपने फ्रेंड के साथ किसी और काम के लिए आई थी, लेकिन वो कमीना मुझको यहां शादी में छोड़ कर भाग गया. मैं यहां शादी में नहीं आई थी. इसीलिए इधर सीढ़ियों पर आ गई थी.

मैंने उससे पूछा- अब तुम जाओगी कैसे?
वो बोली- पता नहीं … शायद रात भर यहीं रहूंगी, सुबह जाऊंगी. मैं घर पर सुबह तक आने की कह कर आई हूँ तो रात को घर जाना मुनासिब नहीं होगा.

मैं कुछ नहीं बोला.

फिर वो मुझसे पूछने लगी- तुम कब जाओगे?
मैंने उसको बताया- मैं तो एक घंटे में निकल जाऊंगा.

वो बोलने लगी- मेरे लिए रुक जाओ, मैं यहां किसी को जानती नहीं हूँ, तो सुबह तक यहीं रुक जाओ.
मैं उसकी बात मान गया और रुक गया.

मैंने उसके लिए एक पैग और बनाया और उसके बाद सिगरेट सुलगा दी.
अब मुझको भी थोड़ा नशा हो रहा था और उसको भी.

अब तक मेरे मन में उसको लेकर कोई ख्याल नहीं था, बस वो मुझे सेक्सी माल लग रही थी.

वो बोलने लगी- यार, मुझको वाशरूम जाना है.
मैंने बोला कि वो तो नीचे है. तुमको नीचे जाना पड़ेगा.

वो बोली- मैं यहीं कोने में कर लेती हूँ बस तुम पलट कर आंखें बंद कर लेना.
मैंने ओके बोल दिया.

वो एक कोने में जाकर बैठ गई. उधर बहुत अंधेरा था.

मैंने छुप कर देखा, तो उसकी गांड अंधेरे में भी शीशे की तरह चमक रही थी. बिल्कुल सफेद मोती की तरह!
उसको देख कर मेरा लंड जोर मारने लगा और मैंने जल्दी से अपने लिए एक पैग बना कर पी लिया.

अब मैं उसको चोदने के बारे में सोचने लगा.
इतने में वो वापिस आ गई.

मैंने उसके लिए भी एक पैग बनाया और दे दिया.

उसके बाद मैंने एक ही सिगरेट जलाई और हम दोनों एक से ही पीने लगे.

मैंने मन में सोचा कि एक बार ट्राई मार लेता हूँ, क्या पता चूत मिल जाए.
मैंने उससे पूछा- तुम अपने दोस्त के साथ किस काम के लिए आई थी?

इस पर वो वासना से बोली- एक लड़की रात में दोस्त के साथ बाहर जा रही है, तो तुमको इसका मतलब समझ नहीं आया क्या?
मैंने कहा- हां पता है, मगर फिर भी ऐसे ही पूछा.
वो बोली- पूछ लिया … अब?

मैं थोड़ी देर चुप रहा और सिगरेट में एक कश मार कर बोला कि वो काम तो अब भी हो सकता है, अगर तुम चाहो तो?
उसने मेरी तरफ देखा और मेरे हाथ से सिगरेट लेकर कश खींचने लगी.

उसने कोई जवाब नहीं दिया.
मैंने हिम्मत करके दुबारा पूछा, तो बोली- खुश कर पाओगे मुझको?

ये सुन कर मेरी बांछें खिल गईं.

मैंने तुरंत उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और किस करते हुए बोला- अगर तुमको खुश नहीं कर पाया तो यहीं ऊपर से कूद कर अपनी जान दे दूंगा.
वो हंस कर बोली- हम्म … बड़ा कॉन्फिडेंस है … तो ठीक है, चलो ट्राई करते हैं.

उसने मुझको जीना का गेट लगाने के लिए कहा.
मैं भाग कर गेट लगा आया.

उसने मुझसे कहा- जब तक मैं न बोलूं, तुम कुछ नहीं करोगे.
ये बोल कर उसने मेरे लंड पर हाथ रखा और सहलाने लगी.

थोड़ी देर में ही लंड टाइट हो गया और पैंट से निकलने के लिए जोर लगाने लगा.
उसने पैंट के अपर से ही लंड को पकड़ा और बोली- क्या साइज़ है?

मैंने उसको अपने लंड का साइज बताया.
सवा सात इंच का नाप सुन कर वो खुश हो गई और बोली- अब तुम कुछ भी कर सकते हो.

मैं तुरंत उसके होंठों पर किस करने लगा.
वो भी मेरा साथ देने लगी.

मैं उसकी पैंट में पीछे से हाथ डाल कर उसके चूतड़ों को सहलाने लगा और दबाने लगा.
मैंने उसकी गर्दन पर किस करना चालू कर दिया.

थोड़ा देर बाद मैंने उसको पीछे से पकड़ लिया और उसकी गर्दन पर किस करने लगा.

एक हाथ से उसकी चूची को मसलने लगा और एक हाथ को मैंने उसकी पैंटी के अन्दर डाल दिया.
मैं उसकी चूत को सहलाने लगा. उसकी सिसकारियां निकलने लगीं और वो गर्म होने लगी.

उसके मुँह से गर्म गर्म सांसों के साथ सिसकारियां निकल रही थीं- आअह आअह्ह ओह्ह राज आअह्ह.

मैंने उसकी शर्ट के बटन खोले और ब्रा के ऊपर से उसके चूचे निकाल कर मसलने लगा.
सच में क्या रसीले गोल मटोल चूचे थे उसके .. पिंक निप्पल और बिल्कुल टाइट थे.

उसकी फिगर का साइज 34-32-36 का था. जैसे ही मैंने उसके एक चूचे को मुँह में लिया और चूसने लगा.
उसने मेरा सर पकड़ लिया और अपने चूचों पर दबाने लगी.

वो- उहह आआह राज पी लो … चूसो इनको पी जाओ.

उसकी सिसकारियां मुझे मजा देने लगीं.
वो मेरे लंड को पैंट के ऊपर से ही सहलाने लगी.

थोड़ी देर बाद वो बोली- अब मैं तुम्हारा हथियार चूसूंगी.
वो घुटनों के बल बैठ कर मेरे लंड को बाहर निकाल कर चूसने लगी.

ओह क्या लंड चूसा था उसने … मजा आ गया. मेरा लंड अब तक किसी ने ऐसा नहीं चूसा था.
साली पूरा लौड़ा गले तक अन्दर लेकर चूस रही थी और टोपे पर जीभ फिरा फिरा कर चूस रही थी.

कुछ देर की चुसाई के बाद मैंने उसको खड़ा किया और उसकी पैंट को खोल कर घुटनों तक नीचे कर दिया.

मैं खुद नीचे बैठ कर उसकी चूत चाटने लगा.
बिल्कुल चिकनी चूत थी उसकी … शायद आज ही उसने चुत की झांटें साफ़ की थीं.

और साली किसी मस्त परफ्यूम भी चुत में लगाई हुई थी. उसकी मादक महक भी आ रही थी.

मैंने कहा- फुल तैयारी से आई थी बेबी.
उसने हंस कर अपनी चूत को उठा कर मेरे मुँह पर दबा दिया.

जब मैंने उसकी चूत को चूसना शुरू किया तो उसके मुँह से आह निकल गई और उसने मेरे सर को पकड़ कर अपनी चूत पर दबा लिया.
उसने दोनों जांघों से मेरे सर को दबाया और ‘ओहह आअहह …’ करके आवाज निकालने लगी.

कुछ देर बाद वो बोली- बस करो … अब चोद दो. अब नहीं रुका जा रहा है, डाल दो अपना लंड मेरी चूत में … और बुझा दो इसकी प्यास!
मैंने उसको वहीं दीवार के सहारे घोड़ी बनाया और उसकी चूत में लंड डालने लगा.

जैसे ही मेरे लंड का टोपा उसकी चूत में गया, वो कराह कर बोलने लगी- आअहह … आराम से चोदना … बहुत दिनों से अन्दर लंड लिया नहीं है.
मैंने उसको एक जोर का झटका मारा और अपना पूरा लंड उसकी चूत में पेल दिया.

इससे उसकी एकदम से चीख निकल गई- ओह भोसड़ी के … फाड़ दी साले कुत्ते … बाहर निकाल इसको … आह मादरचोद.
वो रोने लगी.

मैं कुछ देर ऐसे ही लंड पेले रुका रहा, उसके चूचे पकड़ कर सहलाने लगा.
जिससे उसका दर्द कम हुआ और वो खुद ही अपने आप आगे पीछे होने लगी.

मैंने भी लंड को आगे पीछे करना शुरू कर दिया.
अब उसकी कामुक सिसकारी निकलने लगी- आह ओह आअहह … राज चोदो बेबी जोर से राज … जोर से चोदो.

मैंने भी अपनी स्पीड बढ़ा दी और उसको जम कर चोदने लगा.
वो भी मेरा साथ देने लगी और गाली देने लगी- चोद साले हरामी … और जोर से चोद माँ के लौड़े … फाड़ दे मेरी चूत को … आह डाल दे अपना लंड और जोर से अन्दर तक … झटके मार भड़वे.

अब मैं भी उसको गालियों के साथ चोदने लगा- ले साली लंड खा … आज तेरी चूत को फ़ाड़ दूंगा अपने लंड से … मादरचोद रंडी साली तेरी चूत का भोसड़ा बना दूंगा साली.
वो भी गाली देती हुई चुद रही थी- आह बना दे साले … मेरी चूत का भोसड़ा बना दे … आंह फाड़ दे इसको … बहुत दिनों से लंड नहीं लिया है इसने … आज इसको लंड दे … अन्दर तक डाल साले … चोद ओह आअहह मैं बस गई आअहह.

ये कहती हुई वो ढीली पड़ गई और बोली- तुम भी जल्दी जल्दी कर लो, अब नहीं सहा जा रहा.
मैंने भी 10-15 झटके और मारे और उसकी चूत के अन्दर ही पानी छोड़ दिया.

मैंने झड़ते हुए कहा- आह बेबी … अन्दर ही टपक गया.
इस पर वो बोली- कोई बात नहीं, मैं सुबह गोली ले लूंगी.

हमारी चुदाई 25 मिनट तक चली, जिसमें मैंने उसको जम कर चोदा था.
चुदाई के हम दोनों ने अपने कपड़े पहने और एक एक पैग मार कर सिगरेट जला ली.

उसने मुझसे कहा- चुदाई में मजा आ गया.
मैंने कहा- हां … एक बार और हो जाए. इस बार मैं तुम्हारी गांड मारना चाहता हूं.

इस पर वो बोली- अब नहीं, अब अगली बार मिलेंगे, तब करेंगे.
हमने फोन नम्बर ले दे लिए.

फिर हम नीचे आ गए. उधर प्रोग्राम चल रहा था.
वो और मैं एक सोफे पर बैठ गए.
बाद में उधर ही एक तरफ लुढ़क गए.

सुबह मैंने उसको बस में बैठा दिया और अपने घर चला गया.
तो दोस्तो ये थी मेरी सेक्स कहानी. आपको कैसी लगी, जरूर बताएं.

अगली कहानी में मैं बताऊंगा कि हम दोनों दुबारा कब मिले और मैंने उसकी कैसे गांड मारी.

यह हॉट ब्यूटीफुल सेक्सी गर्ल की चुदाई कहानी आपको कैसी लगी?
आपका दोस्त राज
[email protected]

लेखक की पिछली कहानी थी: मैं चाची की गांड का दीवाना हो गया

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