लड़के से मर्द कैसे बना मैं- 2

देसी सेक्सी चुत की पहली चुदाई उस लड़की ने मेरे बड़े लंड से करवाई. मैंने कभी चूत चुदाई नहीं की थी। मेरा पहला सेक्स अनुभव कैसा रहा, मेरी स्टोरी में पढ़ें।

दोस्तो, मैं रेवती रमन (रम्मू) फिर से हाजिर हूं, अपनी कहानी का दूसरा भाग लेकर।

कहानी के पहले भाग
भाभी ने मेरी नुन्नी को लंड बना दिया
में मैंने बताया था कि कैसे बचपन से जवानी तक मेरी भाभी ने मेरे शरीर और लंड मालिश कर मेरा शरीर और लंड, दोनों तगड़े कर दिए थे।
फिर रजनी नाम की हमारी किरायेदार लड़की का दिल मेरे लंड पर आ गया और एक दिन उसने मुझे बेसमेंट में नंगा करवा लिया और सेक्स सिखाने लगी।

अब आगे देसी सेक्सी चुत की कहानी:

रजनी- देख रम्मू … कभी भी किसी लड़की की चूत में तब तक लंड नहीं डालना चाहिए जब तक वो एकदम से गर्म ना हो जाए, क्योंकि लड़का तो लड़की की कुछ अदाओं से ही गर्म हो जाता है, लेकिन लड़की को गर्म करना आसान नहीं है। इसका कारण है ये कि लड़की में लड़के की तुलना में 8 गुना सेक्स होता है, और उसकी निशानी है लड़की की चूत का गीला होना। चूत गीली करने के लिए ओरल सेक्स बहुत जरूरी होता है।

मैंने पूछा- दीदी, ये ओरल सेक्स क्या होता है?
वो बोली- मुंह से … जैसे किस करना, चाटना, चूसना वगैरह। किस में लड़की के पूरे बदन को चूमते हैं। चाटने में लड़की की चूत के दोनों छेदों को जीभ से चाटा जाता है। चूसने में चूत को चूसा जाता है। इसी तरह लड़की भी लड़के के लंड को चूसती है, चाटती है, किस करती है। किसी लड़की को तब तक सेक्स के लिए तड़पाना चाहिए जब तक वो खुद ये न कह दे कि बस … अब चोद दो … रहा नहीं जा रहा है। और हो सके तो कुछ देर ऐसा कहने के बाद भी उसको तड़पा दो। समझ गया बद्धुराम!

मैंने कहा- हाँ दीदी, बिल्कुल समझ गया।

रजनी- रम्मू, मैं तुझे एक विशेष बात तो बताना ही भूल गई। तू कोशिश करना कि जब तक लड़की कम से 3 से 4 बार ना झड़ जाए, मतलब लड़की की चूत से सफेद गाढ़ा पानी न निकल जाए, तब तक अपने वीर्य को रोक कर रखना। कोशिश करना कि तेरा वीर्य ओरल करते टाइम लड़की के मुँह में निकल जाए, जिससे चुदाई के समय कुछ ज्यादा टाइम लगे। क्योंकि तू जितनी ज्यादा देर तक बिना झड़े चुदाई करेगा लड़की उतनी ही ज्यादा खुश होगी, और हो सकता है वो तेरी गुलाम भी बन जाये।

मैंने कहा- जी दीदी, अब मैं बिल्कुल समझ गया।
रजनी बोली- चल फिर मुझे गर्म कर!

मैंने सबसे पहले रजनी के होठों पर अपने होंठ रख दिए और कम से कम करीब 5 मिनट तक चूसे।

फिर रजनी ने कहा कि कान के पीछे किस कर तो मैंने वैसा ही किया।
और उसके बाद मैंने उसके कंधे, बाजू और दूधों पर किस किया।

वो बोली- इनको दबाते हुए चूस पागल!
मैंने उसके दूधों को चूसना शुरू किया।

कुछ देर चूसने के बाद जब दूध नहीं निकला तो मैंने कहा- इनमें दूध तो आ ही नहीं रहा दीदी?
वो बोली- गधे, अभी बताया था। जब तक मैं बच्चा पैदा करके मां नहीं बनूंगी, तब तक इनमें से दूध नहीं आएगा।

फिर मैंने उसके पेट पर और उसकी देसी सेक्सी चुत पर किस किया.
तो वो बोली- रम्मू, मेरी चूत के दाने को अपनी जीभ से चाट … इससे मुझे बहुत मजा आएगा और मैं जल्दी से गर्म हो जाऊँगी। तब तू अपनी जीभ को नुकीला करके चूत के नीचे वाले छेद में डालना, इससे लड़की तड़पने लगती है।

तो मैंने भी वैसा ही किया जैसा रजनी ने मुझे बताया।
जैसे ही मैंने अपनी जीभ रजनी की चूत पर लगाई वैसे ही रजनी मजे में ऐसे उछली जैसे उसे कोई 1000 वॉट का बिजली जैसा झटका लगा हो।

मैंने रजनी के पेशाब वाले छेद को करीब 10 मिनट तक बिना रुके चाटा।

तभी उसकी चूत से पतला सफेद सा पानी रिसने लगा और रिसते-रिसते उसकी जाँघों से होते हुए चादर पर गिरने लगा।
इधर रजनी ने सिसकारते हुए मेरे सिर को अपने दोनों हाथों से पकड़ा और अपनी चूत पर दबाने लगी।

मैं करीब 15 मिनट तक लगातार उसकी चूत को चाटता रहा।
उस दौरान रजनी ने कराहते हुए कहा- रम्मू बस … और मत तड़पा। अपना मूसल जैसा लंड मेरी चूत में पेल दे!

लेकिन मैंने उसके कहे अनुसार उसे थोड़ा और तड़पाना चाहा और उसकी चूत को करीब 5 मिनट और चाटा।
इससे वो बिल्कुल बिना पानी की मछली की तरह तड़पने लगी।

इधर मेरा लंड भी खड़ा हो गया था तो रजनी बोली- रम्मू, आज मैं तुझे 69 पोजीशन बताती हूँ। इस पोजीशन में लड़का और लड़की दोनों को ही बहुत मजा आता है।

समझाने के लिए रजनी ने चॉक से जमीन पर अँग्रेजी के अंकों में 69 लिखा और बताया- देख 6 के अंक में घुंडी किधर की तरफ है, जिस तरफ को 6 के अंक में घुंडी है उस तरफ मान के चल मेरा सिर है और जिधर 9 के अंक में घुंडी है उस तरफ तेरा सिर है। मतलब मेरे सिर की तरफ तेरे पैर और तेरे पैर की तरफ मेरा सिर करके लेट जाते हैं जिससे हम दोनों एक दूसरे के लंड चूत एक ही समय में चूस और चाट सकेंगे। इससे हम दोनों को बहुत मजा आएगा और इसी पोजीशन को 69 पोजीशन बोलते हैं, समझ गया?

मैंने भी हाँ कहा और झट से हम दोनों 69 पोजीशन में लेट गए।

फिर जैसे ही रजनी ने इशारा किया, वैसे ही मैंने उसकी चूत चाटनी शुरू कर दी।
मैंने भी उसके मुँह के सामने अपना लंड कर दिया।

उसने अपने मुँह को खोलकर मेरा लंड जल्दी से गपक लिया और चूसने लगी।

कुछ देर तक तक तो सामान्य तरीके से चूसा लेकिन करीब 10 मिनट बाद वो लंड की खाल को अपने हाथ से आगे-पीछे करके हिलाते हुए चूसने लगी।

करीब उसने ऐसा लगभग 10 से 15 मिनट ही किया होगा कि मुझे महसूस हुआ कि मेरे लंड से कुछ निकलने वाला है।
मैं चिल्लाया- दीदी … मेरा शायद पेशाब निकलने वाला है।
उसने इशारे से कहा कि मुंह में ही कर दे।

मुझे खुद ही उसके मुंह में धक्के मारने का मन करने लगा तो मैं उसके मुंह में लंड के धक्के देने लगा।

तभी थोड़ी देर में ही मेरे लंड से पिचकारी सी निकली और देखते ही देखते रजनी का मुँह मेरे वीर्य से भर गया।
मगर उसने मेरे लंड को अपने मुँह से तब तक नहीं निकाला जब तक मेरा लंड फिर से नहीं तन गया।

इधर कुछ देर पहले रजनी एकदम से अकड़ने लगी थी और उसने भी अपनी चूत की पिचकारी मेरे मुँह पर मार दी थी।

मेरा पूरा मुँह उसकी पिचकारी से भीग गया था लेकिन मैंने भी उसकी देसी सेक्सी चुत को चाटना बंद नहीं किया।
मैं लगातार चाटता ही रहा जब तक वो फिर से सिसकारने नहीं लगी।

तभी कुछ देर बाद रजनी ने अपने मुँह से मेरा लंड निकाला और बोली- रम्मू अब और मत तड़पा। मेरा मुँह भी तेरे मोटे लंड से दुखने लगा है, इसलिए अब मेरी चूत में अपना लंड डालकर इसकी प्यास को बुझा दे।

मैंने भी देर न की और रजनी की दोनों टाँगों के बीच आकर अपने लंड को रजनी की चूत पर घिसने लगा।
चूत से चिपचिपा पानी रिसने के कारण रजनी की चूत एकदम चिकनी हो गई थी जिससे मेरा लंड चूत में घुसने के बजाय फिसल कर इधर उधर हो जा रहा था।
इसलिए रजनी ने मेरे लंड को अपने हाथ से पकड़ा और छेद पर लगा दिया।

फिर बोली- सबसे पहला धक्का जोर से मारना … चाहे लड़की कितना ही धीरे डालने के लिए कहे। लेकिन तुझे पहला धक्का जोर से, पूरी ताकत से लगाना है क्योंकि बिना ताकत के किसी भी सील पैक चूत में लंड घुस ही नहीं सकता है। हाँ, चुदी हुई चूत की अलग बात है। उसमें तो इशारे से लंड घुस जाता है। इसलिए पहला धक्का तेज ही लगाना चाहिए। फिर कुछ धक्के धीरे लगाने चाहिएं। समझ गया?
मैंने कहा- हाँ दीदी, समझ गया।

फिर मैंने एक जोरदार धक्का पूरी ताकत से दे मारा जिससे मेरा लंड रजनी की चूत में करीब 3 इंच तक घुस गया।
इधर रजनी की इतनी जोर की चीख निकली कि शायद कोई आसपास होता तो हमारी सारी पोल खुल जाती।

खैर, फिर मैंने रजनी के बताए अनुसार धीरे धीरे वहीं 3 इंच पर अपने लंड को चूत में आगे पीछे किया और रजनी के चूचे भी चूसे जिससे रजनी का दर्द कुछ ही देर में मजे में बदल गया।

रजनी ने कहा- ऐसे ही … तेज और धीरे धक्के लगाना जब तक तेरा पूरा लंड मेरी चूत में ना घुस जाए।
मैंने फिर दूसरा जोरदार धक्का लगा दिया तो मेरा लंड करीब 5 इंच तक घुस गया।

इधर रजनी की आंखें दर्द से बाहर निकल आईं और वो बेहोश सी हो गई।

मैंने ना ही उस पर कोई रहम किया और ना ही उसकी चूत से अपना लंड निकाला।
फिर वहीं रुककर धीरे धीरे धक्के लगाने लगा और एक हाथ से उसकी चूची दबाने लगा।
दूसरे हाथ से उसके मूतने वाले छेद को सहलाया और दूसरी चूची को अपने मुँह से चूसने लगा।

कुछ देर बाद रजनी नीचे से अपनी कमर हिला हिलाकर मुझसे ताल मिलाने लगी।
तभी मैंने मौका देखकर तीसरा जोरदार धक्का लगा दिया जिससे मेरा लंड पूरा घुस गया।
मेरी दोनों गोटियां उसके पीछे वाले छेद से टकराने लगीं।

लेकिन रजनी का दर्द से बहुत बुरा हाल था तो मैं थोड़ी देर के लिए रुक गया।
फिर एक एक करके मैंने अपने लंड को बिना निकाले उसकी दोनों चूचियों को चूसा जिससे उसे दर्द में बहुत राहत मिली और वो अपने आप ही फिर से नीचे से धक्के लगाने लगी।

उसने मेरे चूतड़ों पर अपने हाथों से दबाकर मुझे इशारा किया कि धक्का लगा।

फिर मैंने धीरे धीरे धक्के लगाना शुरू किया तो कुछ देर बाद रजनी बोली- रम्मू थोड़ा और तेज … और तेज … कर।
वो मुझे उकसाने लगी तो मैंने भी अपनी स्पीड को बढ़ा दिया और करीब 20 मिनट तक लगातार धक्के मारे।
फिर रजनी ने मुझे रुकने को कहा लेकिन मैं रुका नहीं।

तो रजनी ने पहले मेरे गाल पर जोर का तमाचा मारा।
फिर एक जोर का धक्का अपने दोनों हाथों से मेरी छाती पर दिया जिससे मेरा लंड उसकी चूत से निकल गया जो पूरा खून से लाल हो गया था।
उसका धक्का तेज था और मैं एक ओर गिर गया।

तभी रजनी अपने घुटनों के बल बैठ गई और अपने चूतड़ों को ऊपर उठाकर मुझसे बोली- रम्मू, पीछे से मेरी चूत में अपना लंड डालकर मुझे फिर से चोद!

मैंने भी उठकर उसकी चूत पर अपना लंड रखा और एक धक्का दिया और एक ही धक्के में मेरा पूरा लंड उसकी चूत में घुस गया।
पहले धीरे धीरे, फिर स्पीड से धक्के करीब 10 मिनट तक लगाए।

इसी तरह से पोजीशन बदल बदल कर काफी देर तक रजनी की जबरदस्त चुदाई की।
इस दौरान रजनी की चूत से कई बार पिचकारी निकल चुकी थी।
बार बार झड़ने के कारण वो बहुत थक चुकी थी।

फिर उसने मुझसे पूछा- रम्मू यार, तेरा ये हथियार कितनी देर में पिचकारी छोड़ेगा तुझे पता भी है! इसने मेरी चटनी बना दी और अभी भी यह पिचकारी नहीं छोड़ रहा है।
मैंने कहा- दीदी हो सकता है. भाभी एक घंटे तक शायद मालिश करती थीं उसी का नतीजा हो।
खैर, मैंने कुछ देर और धक्के मारे।

तभी मैंने और रजनी ने साथ साथ पिचकारी छोड़ दी।
मेरी पिचकारी निकलने के बाद मैं थकने की वजह से रजनी के ऊपर ही पड़ा रहा।

फिर करीब 5 मिनट बाद उठा।
तभी रजनी भी उठी लेकिन वो लड़खड़ाकर गिरने वाली थी कि उसे मैंने अपनी बांहों में सँभाल लिया।

उससे चला नहीं जा रहा था।
मैंने उसे अपनी गोद में उठाकर पूछा- दीदी, क्या बात है आप ठीक हो?

वो बोली- रम्मू, तू लड़का है या साँड? कसम से बहुत अच्छे से चुदाई करता है। धन्य है तेरी भाभी, जिसकी वजह से आज तेरे लंड में इतना दम है कि मैं आज से तेरी ग़ुलाम हूँ।

उसके बाद बाथरूम में हम दोनों ने चूत और लंड को कपड़े और पानी से साफ किया।
फिर अपने-अपने कपड़े पहने और मैं अपने कमरे में ऊपर आ गया।

दोस्तो, उस दिन मेरे लंड से पहली बार वीर्य निकला था।
मुझे वीर्य छूटने का पहली बार मजा मिला था।
मेरे लंड में अजीब सा दर्द और थकान मुझे लग रही थी।
लेकिन उस दिन मेरे अंदर जैसे किसी मर्द का जन्म हो रहा था।

उसके बाद तो रजनी ने कई बार मुझसे अपनी देसी सेक्सी चुत चुदवाई।
उसने अपने साथ ही अपने सिलाई सेंटर की लड़कियों की चूत भी मेरे लंड से चुदवाई।
अब मुझे चूत मारने में बहुत मजा आने लगा था और मुझे इसकी लत सी पड़ गई थी।

दोस्तो, आपको मेरी ये कहानी कैसी लगी मुझे जरूर बताना।
मुझे कहानी लिखने का कोई अनुभव नहीं है इसलिए आप गलतियों को माफ करें।

रजनी ने जैसे जैसे मुझे बताया, सिखाया … वैसे ही मैंने स्टोरी में लिख दिया है।

आप मुझे मेरे ईमेल पर इस बारे में कुछ भी पूछ सकते हैं।
कहानी के बारे में अपनी राय भी संदेशों में दे सकते हैं।
मुझे आपकी प्रतिक्रियाओं का इतंजार रहेगा। देसी सेक्सी चुत की कहानी पर कमेंट करना भी न भूलें।
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