मौसा जी और उनके बेटे ने मेरी मम्मी को चोदा

जीजू साली Xxx कहानी में पढ़ें कि मेरी मौसी की मौत के बाद मेरी मम्मी और मैं मौसा जी के घर रही कुछ दिन तो मम्मी कैसे मेरे मौसा जी यानि अपने जीजू से चुद गयी.

मेरा नाम हिमानी सिंह है. मैं पानीपत की रहने वाली हूं. मेरी उम्र 28 साल की है और मेरा फिगर 34-28-38 का है.

हमारे घर में मेरी एक छोटी बहन, एक छोटा भाई और मम्मी-पापा हैं. मेरा भाई मुझसे एक साल और बहन 3 साल छोटी है. मेरे भाई का नाम राहुल और बहन का नाम कोमल है.

मेरी मम्मी का फिगर 36-30-40 का है, वो बहुत खूबसूरत हैं.
आज की मेरी सेक्स कहानी काफी पहले की है, जहां से मेरी चुदाई की कहानी शुरू हुई थी.

जीजा साली Xxx कहानी उस वक्त की है जब मैं जवान हुई ही थी.

मेरी मौसी जी, जो दिल्ली में रहती थीं, उनकी कैंसर से मौत हो गई थी.
उनके परिवार में बस तीन लोग थे. मौसी मौसा और उनका लड़का सोनू.

मौसी के गुजरने के टाइम सोनू की उम्र 21 साल की रही होगी. मौसी जी के जाने से मौसी जी टूट से गए और बस दिन रात शराब पीने लगे थे.

ये सब देख-सुन कर पापा मम्मी ने आपस में सलाह की कि कुछ दिन दिल्ली चलते हैं, शायद कुछ लोग आसपास होने से रमेश (मेरे मौसा जी) कुछ संभल जाएं.

मेरे पापा का कपड़े का बिजनेस है, तो पापा दुकान की जिम्मेदारी छोटू ( हमारा नौकर) के भरोसे छोड़ कर अक्सर बाहर जाते रहते थे इसलिए कुछ दिन के लिए दिल्ली जाने में भी उन्हें कोई दिक्कत नहीं थी.

हम सब दिल्ली आ गए.

पापा मम्मी मौसा जी को समझाने में लगे थे कि जो होना था सो हो गया, अब आगे का देखो. सोनू को भी संभालना है.
वो इसी तरह की बातें करके मौसा को समझाने का प्रयास कर रहे थे.

धीरे धीरे एक हफ्ता बीत गया.

पापा को वापस काम पर भी लौटना था तो पापा ने मम्मी से कहा- तुम यहां कुछ दिन और रुक जाओ, मैं बच्चों को लेकर घर जाता हूं, काम भी देखना है.
मम्मी ने मुझे रोक लिया और कहा- तुम राहुल और कोमल को ले जाओ.

पापा दोपहर में निकल गए.
मौसा जी भी धीरे धीरे अब उबरने की कोशिश कर रहे थे पर अभी भी वो शराब पीते थे.

हालांकि वो दिन भर नहीं पी रहे थे अब वो सिर्फ शाम को पीते थे.

एक दिन शाम के वक्त बहुत जोर से बारिश पड़ने लगी.
छत पर कपड़े पड़े थे, मम्मी जल्दी से कपड़े उठाने के लिए ऊपर गईं.

पर लौटते टाइम उनका जीने से पैर स्लिप हो गया और वो जीने से गिर गईं. उनकी कमर में बहुत चोट लग गई और शायद मांसपेशी खिंच गई.

उस वक्त मौसा जी ड्राइंग रूम में ही थे और शराब पी रहे थे.
वो मम्मी की आवाज सुनकर जल्दी से दौड़ कर आए और मम्मी को उठा कर उनसे पूछने लगे- चोट तो नहीं लगी ज्यादा?

पर मम्मी को देखकर वो समझ गए कि चोट ज्यादा लग गई है.
मम्मी ठीक से खड़ी भी नहीं हो पा रही थीं और चल भी नहीं पा रही थीं.

मौसा जी उन्हें सहारा देकर कमरे में ले गए और लिटा दिया.
फिर मौसा जी ने मम्मी कमर में दर्द कम करने वाला ट्यूब लगाया और दर्द की गोली दी.
मम्मी आराम करने लगीं.

उस दिन बाहर से खाना मंगवाया गया और सब खाकर सो गए.

अगले दिन मौसा जी आए और पूछने लगे- दर्द कैसा है?
मम्मी को बहुत दर्द हो रहा था, मम्मी ने कहा- अभी हो रहा है, चलने में भी दिक्कत है.

फिर मौसा ने उनसे उल्टा लेटने को कहा और उनका कुर्ता ऊपर करके कमर में दवा लगा कर रगड़ने लगे.
मम्मी की सलवार शायद रात को ढीली होने की वजह से थोड़ी नीचे हो गई थी, जिस वजह से उनकी मोटी गांड की दरार साफ नजर आ रही थी.

मौसा जी कमर पर ट्यूब लगाते लगाते अपने हाथ मम्मी की गांड के ऊपर ले गए और पूछने लगे- यहां पर हो रहा है दर्द?
मम्मी ने कहा- हां, गिरने से उस पूरे हिस्से में दर्द हो रहा है.

मौसा जी की शायद लॉटरी लग गई थी, उन्होंने कहा- चलो, मैं वहां भी दवा लगा देता हूँ.
बस ये बोलकर उन्होंने मम्मी की सलवार और नीचे कर दी.

अब मम्मी की आधी गांड मौसा जी के सामने थी.
वो वासना से देखने लगे.

मेरी मम्मी की गांड देखकर किसी बूढ़े के लंड में भी जान आ जाए, मौसा जी तो अभी 40 साल के मर्द थे.

मौसा जी ने मम्मी के कूल्हे पर क्रीम लगाना शुरू किया और जब वो दवाई लगा रहे थे तो मम्मी की पूरी गांड फैला देते थे.

खैर … दवा लगाने के बाद वो अपने ऑफिस के लिए निकल गए और जाते जाते मम्मी को बता गए कि वो अपने किसी डॉक्टर दोस्त से पूछ लेंगे कि तुम्हें और कुछ दवा की तो जरूरत नहीं है.

शाम को मौसा जी वापस आए.
मम्मी आराम कर रही थीं.

मौसी जी फ्रेश होकर सोनू के कमरे में गए, उसके दिन के बारे में पूछताछ की और फिर एक पैग लगाने के बाद दूसरा पैग हाथ में लेकर हमारे कमरे में आ गए.
उन्होंने मम्मी से पूछा- दर्द कैसा है?
मम्मी ने बताया कि पहले से आराम है.

मौसी जी एक तेल की शीशी दिखाकर कहा- डॉक्टर ने इससे मालिश करने को कहा है.
ये कहकर उन्होंने अपना पैग पिया और मम्मी को उल्टा लेटने को कहा.

मम्मी उल्टी लेट गईं और मौसा जी ने उनका कुर्ता ऊपर कर दिया.
उन्होंने मम्मी से कहा- अपनी सलवार का नाड़ा जरा ढीला कर लो, वर्ना कपड़ों में तेल लग जाएगा.

मम्मी ने नाड़ा ढीला कर दिया.
अब मौसा जी की चांदी होने वाली थी.

मौसा जी ने तेल अपने हाथ में लेकर मालिश शुरू की.
मम्मी आराम से लेट कर अपनी मालिश करवा रही थीं.

मौसा जी धीरे धीरे मम्मी की गांड तक पहुंचे. फिर उन्होंने गांड पर तेल लगाया और गांड को मसल मसल कर मालिश करने लगे.
क्योंकि मम्मी ने नाड़ा ढीला कर दिया था तो उनकी पूरी नंगी गांड अब मौसा जी के सामने थी.

जब वो मम्मी के चूतड़ मसलते थे, तो मम्मी की पूरी गांड की दरार खुल जाती थी और उनकी गांड का छेद और चूत साफ नजर आती थी.

कुछ देर बाद मौसा जी का अंगूठा मम्मी की गांड के छेद और चूत में बार बार रगड़ने लगा.
मम्मी के मुँह से धीरे धीरे आह निकल रही थी.

इससे मौसा जी की हिम्मत बढ़ने लगी.
अब तो मौसा जी मालिश करते करते अपना अंगूठा मम्मी की चूत में पूरा घुसा देते थे.
मम्मी भी कुछ नहीं बोल रही थीं.

फिर मौसा जी मुझसे बोले- हिमानी बेटा, जाओ बाहर मेरी बॉटल रखी होगी, वो ले आओ … और एक बॉटल पानी फ्रिज से भी ले आना.

मैं चली गई और दोनों चीजें लेकर कमरे में घुसने ही जा रही थी कि मैं देखा कि मम्मी और मौसा जी एक दूसरे को किस कर रहे हैं, मौसा जी का हाथ मम्मी की चूत पर है.

मैं रूम में घुस गई तो वो दोनों अचानक से अलग हो गए.
मौसा जी कहने लगे- हां इससे दर्द जल्दी ठीक हो जाएगा. आज रात में अच्छे से मालिश कर देंगे.
मम्मी बोलीं- ठीक है.

फिर मौसा जी दारू पीने लगे और मम्मी खाना बनाने चली गईं.
सब लोग खाना खाकर लेट गए.

मौसा जी कुछ देर बाद रूम में आए.
मम्मी और मौसा जी को लगा कि मैं सो गई हूँ.

मौसा जी ने गेट को लॉक किया और मम्मी के पास आकर बोले- कौन सी मालिश करूं … आगे की या पीछे की?
मम्मी कुछ नहीं बोलीं और उन्हें किस करने लगीं.

मौसा जी ने बिना टाइम बर्बाद किए मम्मी के सारे कपड़े उतार फेंके.
वो खुद भी पूरी तैयारी से आए थे क्योंकि उन्होंने सिर्फ अंडरवियर पहनी थी.

मम्मी ने उनकी अंडरवियर उतारा और उनका लंड झट से अपने मुँह में रख लिया.
मेरी मम्मी किसी पगली की तरह लंड चूसने लगीं.

मौसा जी मम्मी के बाल पकड़कर उनका मुँह चोद रहे थे और साथ ही कह रहे थे- आह हाय … मेरी लंड की प्यासी रानी आज तेरी चूत का भोसड़ा बना दूंगा.

फिर मौसा जी अपना मुँह मम्मी की चूत पर रखा और चाटने लगे.

कुछ मिनट बाद मौसा जी मम्मी को लिटाया और खुद उनके ऊपर लेट कर एक झटके में लंड उनकी चूत में पेल दिया.
जीजू साली Xxx चुदाई का सिलसिला मस्ती से चलने लगा था. कमरा धप धप की आवाजों से गूंज रहा था.

मम्मी अपनी गांड उठा उठा कर मौसा जी के लंड से चुदवा रही थी और चिल्ला रही थीं- और जोर से मेरे राजा … चोद चोद कर मेरे भोसड़े को और चौड़ा कर दो.
मौसा जी ने उस रात मम्मी को 3 बार चोदा.
फिर मौसा जी मम्मी के ऊपर ही सो गए.

सुबह मम्मी ने मुझे उठाया.
मौसा जी जा चुके थे.

मम्मी बड़ी खुश लग रही थीं.
फिर वो किचन में चली गईं.

मैं टीवी देखने लगी.

मम्मी ने मैक्सी पहन रखी थी और वो आज कुछ ज्यादा ही सुंदर लग रही थीं.
आज सोनू भी कॉलेज नहीं गया था. वो घर पर ही था. मौसा जी ऑफिस जा चुके थे.

थोड़ी देर बाद किचन से कुछ गिरने की आवाज आई तो मैं देखने जाने लगी.
वहां से आवाजें आ रही थीं.

मम्मी सोनू से कह रही थीं- ये गलत है, मैं तुम्हारी मौसी हूं.
सोनू ने कहा- पापा भी तो आपके जीजा लगे, तब तो आपने उनका लंड लेने से पहले क्यों नहीं सोचा?

मम्मी कुछ नहीं बोलीं.
सोनू ने पीछे से जाकर मम्मी की चूचियां पकड़ कर जोर से दबा दीं.

मम्मी उससे कह रही थीं- सोनू रहने दो … ये गलत बात है.
सोनू बिना सुने उनकी चूचियां दबा रहा था.
फिर उसने मैक्सी के ऊपर से मम्मी की चूचियां आजाद कर दीं.

मम्मी की बड़ी बड़ी चूचियां हवा में लटक रही थीं.
सोनू मम्मी की गर्दन पर किस कर रहा था.
मम्मी की आंखें बंद हो गईं और अब उनका हाथ सोनू के सिर को सहलाने लगा था.

वो मुँह से अब भी बोल रही थीं कि ‘मत करो सोनू’ मगर खुद ही सोनू के साथ मजा कर रही थीं.
तभी सोनू ने उनकी मैक्सी उठाई और पैंटी निकाल कर फैंक दी और उनकी गांड में अपना मुँह घुसा दिया.

मम्मी दीवार से टिक कर खड़ी हो गईं.
उनके मुँह ‘आह आह …’ की आवाजें निकलने लगीं.

सोनू ने थोड़ी देर बाद मम्मी को उनके घुटनों पर बिठाया और अपना लंड मम्मी के मुँह में पेल दिया.
सोनू का लंड बिल्कुल मौसा जैसा ही मोटा था पर उनके लंड से एक डेढ़ इंच बड़ा था.

उसने मम्मी को दस मिनट तक अपना लंड चुसाया और फिर मम्मी के मुँह में पिचकारी मार कर उनका पूरा मुँह अपने गाढ़े गाढ़े झंड से भर दिया.
फिर वो अपना लंड उनके होंठों पर रगड़ने लगा.

उसने मम्मी को उठाया और फिर से दीवार से टिका कर उनकी चूत में अपना लंड पेल दिया.
लंड पेल कर वो मम्मी को ताबड़तोड़ चोदने लगा.

वो मम्मी को आधे घंटे तक घोड़ी बनाकर चोदता रहा और बाद में मम्मी के चूचों पर अपना सारा माल गिरा दिया.

मम्मी के चेहरे से पता चल रहा था कि मम्मी को चुदने में बहुत मजा आ रहा है.
कुछ देर बाद मम्मी ने मुझे नाश्ता दिया और मैं टीवी देखने लगी.

सोनू इधर उधर घर में ही घूम रहा था. मम्मी भी मेरे पास बैठ टीवी देख रही थीं.
दोस्तो, आगे क्या हुआ, वो मैं आपको अपनी जीजू साली Xxx कहानी के अगले भाग में लिखूँगी.

आप मुझे मेल व कमेंट्स से बताएं कि आपको सेक्स कहानी कैसी लग रही है.
[email protected]

जीजू साली Xxx कहानी का अगला भाग:

About Antarvasna

Check Also

कामुकता वश ननदोई से चूत गांड की चुदाई करवा ली

मेरा नाम सुजाता है, मैं अपनी एक सहेली की सेक्स स्टोरी बताती हूँ. उसका नाम …