मैनेजर मैम की वासना मेरे लंड से बुझी

मेरे प्यारे पाठको, मैं जय बड़ोदरा से … मैं यहाँ जॉब करता हूँ. मैं एक इंजीनियर हूँ, यहाँ एक अच्छी कंपनी में जॉब करता हूँ. मैं एक अच्छा गोरा लंबा और स्वस्थ लड़का हूँ.

ये कहानी है तक़रीबन आठ महीने पुरानी है. मेरी कंपनी में प्रितेश सर मेरे डिपार्टमेन्ट के सीनियर थे. वो ही सीधे सीधे सारिका मेम को रिपोर्ट करते थे. सारिका मेम हमारी कंपनी की मैनेजर थीं.

सारिका मेम के बारे में बताऊं तो वो एक अड़तीस साल की औरत हैं, जो कि कमाल की माल हैं. उनका एक बच्चा भी है. उनका रूप बताऊं तो वो दूध सी गोरी हैं और उनका 36-28-34 का फिगर है. आप बस यूं समझिए कि वो हमारी कंपनी की माल हैं. वो ऑफिस आती हैं तो सब उनको ही देखते रहते हैं.

हुआ यूं कि हमारी कंपनी का एक प्रोजेक्ट खत्म होने को था, तो अगले प्रोजेक्ट के लिए क्लाइंट से मीटिंग होनी थी. साधारणतया क्लाइंट को मेम ही संभालती हैं. लेकिन इस बार की कंपनी मीटिंग में यह तय हुआ था कि अब से क्लाइंट से मीटिंग में हमारे डिपार्टमेंट का कोई आदमी भी रहेगा.

इस मीटिंग के तकरीबन चार हफ़्तों के बाद किसी क्लाइंट के साथ बंगलोर में मीटिंग थी, तो हमारे डिपार्टमेंट से हमारे बॉस जाने वाले थे.

तय हुआ कि क्लाइंट के साथ चौबीस तारीख को मीटिंग होगी. तो मेम और हमारे बॉस 22 तारीख को ही फ्लाइट से जाने वाले थे. लेकिन पता नहीं क्या हुआ कि बीस तारीख को मेरे बॉस ने मुझे उनके ऑफिस में बुलाया और कहा कि मैं बंगलोर नहीं जा सकता क्योंकि मेरी कुछ निजी दिक्कतें हैं, तो तेरे को मेम के साथ जाना होगा.

मेरे बॉस को मेरे पे भरोसा था … इसलिए वो मुझे भेज रहे थे. मुझे मेरे बॉस ने बोला कि देख जय तेरे को परसों जाना है … तू कल हाफ डे लेकर पैकिंग कर ले और प्रेजेंटेशन अच्छे से देना. वैसे तो मेम हैं ही तेरे साथ … मैंने मेम को बता दिया है कि मैं तेरे को उनके साथ भेज रहा हूँ.

मैं वहां से हां बोल कर चला गया.

फिर मैंने 21 को अपनी पैकिंग कर ली और मेम से मिल कर बात कर ली. मेम ने बोला कि 22 को दोपहर के ढाई बजे की फ्लाइट है, तो डेढ़ बजे एयरपोर्ट पे मिलते हैं. वहां बंगलोर में होटल बुक है. मैं खुश था क्योंकि मेम के साथ जा रहा था और बंगलोर घूमने को भी मिल रहा था.

मैं ठीक डेढ़ बजे एयरपोर्ट पहुंच गया. मेम भी दस मिनट में आ गईं. मेम को देख कर मैं तो पागल ही हो गया … क्योंकि मेम को मैंने कभी कैपरी और टी-शर्ट में नहीं देखा था.

मेम की चूचियां तो टी-शर्ट फाड़ कर बाहर आ रही थीं और गांड भी टाइट कैपरी में साफ़ दिख रही थी. जैसे तैसे करके मैंने अपने आपको संभाला. कुछ देर बाद हम दोनों फ्लाइट में बैठ गए.

हम पांच बजे बंगलोर पहुंच गए. वहां से आधे घंटे में होटल, जहां पे हमारी रूम बुकिंग थी.
छह बजे होटल पहुंच कर मेम ने कहा कि अभी रेस्ट कर लो … आठ बजे डिनर के लिए मिलते हैं.

हम दोनों अपने अपने रूम में चले गए मैं थोड़ा फ्रेश होकर टीवी देख रहा था. डेढ़ घंटे बाद मैंने देखा तो साढ़े सात बज चुके थे … तो मैं फटाफट तैयार हो गया और ठीक आठ बजे मैंने मोबाइल उठा कर मेम को फ़ोन करने के लिए सोचने लगा. फिर मैंने सोचा कि मेम के रूम में ही चला जाता हूँ और पूछ लेता हूँ कि वो तैयार हैं या नहीं.

मैंने मेम के रूम के बाहर जाकर नॉक किया और एक मिनट बाद दरवाजा खुला. मैं देख के दंग रह गया. मेम नाईट सूट में थीं और नहाने जाने की तैयारी कर रही थीं … ऐसा इसलिए लगा क्योंकि उनके हाथ में टॉवल था.

इस वक्त नाइटी में से उनके बोबे साफ़ दिखाई दे रहे थे.
उन्होंने कहा- अरे जय … सॉरी मैं रेडी नहीं हूँ … मुझे थोड़ी देर लगेगी.
मैंने कहा- तो मैं मेरे रूम में जाता हूँ मेम … आप रेडी हो जाओ तो कॉल कर देना.
मेम- अरे जय बैठो न इधर ही … टीवी देखो … मैं भी कब से बोर ही हो रही हूँ. मैं अभी दस मिनट में रेडी हो जाऊंगी.

मैंने सोचा कि ऐसा मौका कब मिलेगा, तो मैंने टीवी चालू किया और सोफे पे बैठ गया. वो नहाने के लिए बाथरूम में घुस गईं और मैं टीवी देखने लगा.

तक़रीबन दस मिनट के बाद वो बाथरूम से निकलीं और जो कमरे के बाजू में ड्रेसिंग रूम जैसा एक रूम था, वे उसमें चली गईं. वो क्या कयामत लग रही थीं … मैं तो उनको ही घूरे ही जा रहा था. जब वो बाहर आईं तो उन्होंने एक टी-शर्ट और जीन्स पहनी हुयी थी. उसमें से उनके चुचे बहुत बड़े दिख रहे थे.

टीवी एक ओर चल रहा था और मैं तो उनको ही घूरे जा रहा था. उन्होंने मेरे से बात करनी चालू की कि जय कैसा चल रहा है … और इधर उधर की बातें करने लगीं. उनसे बात करके समय भी मैं उनके तने हुए बोबों को ही देख रहा था और ये चीज़ वो भी नोटिस कर रही थीं.

फिर अचानक से बात बात में मुझसे उन्होंने पूछ लिया- जय तूने कितनी गर्लफ्रेंड पटा रखी हैं?
मैं उनकी इस बात से चौंक गया. उनके फेस के एक्सप्रेशन भी बदल चुके थे.
मैंने थोड़ा शर्मा कर बोला- क्या मेम आप भी … मेरी तो एक भी नहीं है.
मेम- अरे क्या लड़की तरह शर्मा रहा है.
मैं बोला- अरे मेम कोई है ही नहीं … तो क्या बोलूँ.
मेम- लगता नहीं है कि तेरे जैसे की कोई जुगाड़ नहीं है.

उनके मुँह से जुगाड़ शब्द सुना तो फिर मैंने भी हिम्मत करके बोल ही दिया- मेम आप जैसी और आप जैसे फिगर वाली कोई मिली ही नहीं न … इसलिए मन नहीं बना.
मेरी इस बात से वो हल्का सा मुस्कुराईं और जानबूझ कर अपने मम्मों को तानते हुए बोलीं- फिगर?

मैं उनके तने हुए मम्मों को ललचाई नजरों से देखने लगा.
इस बात को देख कर थोड़ी देर मेम कुछ नहीं बोलीं … फिर बोलीं- वैसे क्या अच्छा लगता है … मेरे फिगर में?

अब वो मुझसे बात करने के लिए मेरे बगल में बैठ चुकी थीं.तो मैंने हिम्मत करके बोला कि मेम आपकी हिल्स बहुत कातिल हैं.
मैं सोच रहा था कि कहीं मेरी जॉब खतरे में न आ जाए. लेकिन मैं एक तरफ ये भी सोच रहा था कि ऐसा मौका बार बार नहीं आता.

इतना बोलते ही उन्होंने मेरी नज़रों में नज़रें डाल कर देखा और एक मिनट देखती रहीं.इसके बाद में मेम ने मेरा हाथ पकड़ा और अपने बड़े बड़े चूचों पे रख दिया.
वे हवस भरी आवाज़ में बोलीं- ऐसा है तो उनको मसल दे ना!

मैं लग गया और इसके बाद में धीरे धीरे उनकी चूचियों को दोनों हाथ से मसलने लगा. वो अह्हा अहा … करते हुए आहें भरने लगीं.

थोड़ी देर बाद उन्होंने अपने होंठों को मेरे होंठों पे रख दिए और हम दोनों जोर जोर से किस करने लगे. बाद में मैंने उनकी टी-शर्ट निकाल फेंकी और चूची चूसने लगा. उन्होंने भी थोड़ी देर मज़ा लेने के बाद मेरा पेंट उतार दिया और चड्डी में से लंड निकाल कर चूसने लगीं.

कुछ ही देर में हम दोनों नंगे हो चुके थे. वो मेरा लंड चूसे ही जा रही थी. थोड़ी देर लंड चूसने के बाद वो बोलीं- अब मत तड़पा … बहुत हफ़्तों से इसने कोई लंड नहीं खाया … डाल दे इसमें.

मैंने अपना लंड मैडम की चूत में डाल दिया. धकापेल चुदाई होने लगी. पन्द्रह मिनट की इस ताबड़तोड़ चुदाई में वो तीन बार झड़ चुकी थीं. अब मेरा पानी निकलने वाला था. मैंने बताया कि पानी आने वाला है.
मेम बोलीं- डाल दे चूत में ही.

मैंने ऐसा ही किया और सारा पानी उनकी चूत में ही छोड़ दिया. चुदाई के बाद हम दोनों बेड पर एक दूसरे को लिपटाए हुए पड़े थे. फिर मैं बोला- मेम मेरा परफोर्मेंस कैसा लगा?

मेम बोलीं- इधर मेम मेम न कर … जस्ट कॉल मी सारू.
मैंने बोला ओके … कैसा रहा सारू?
वो मुझे चूम कर बोलीं- टॉप ऑफ़ द वर्ल्ड!

फिर दस मिनट हम दोनों ऐसे ही लिपट कर सोये रहे. बाद में उन्होंने बोला कि चलो चलते हैं … भूख लगी है.
मैंने बोला- खाना यहीं आर्डर कर देते हैं.
क्योंकि मैं दूसरी इनिंग चालू करने के फ़िराक में था.

उन्होंने बोला- जरा तसल्ली रख … रुक जा हमारे पास पूरी रात पड़ी है … खाना कहीं बाहर अच्छे रेस्टोरेंट में चल कर करते हैं.

थोड़ी देर बाद हम तैयार हो कर खाना खाने के लिए ऐसे निकले, जैसे कोई कपल हों. हम दोनों वैसे हाथ में हाथ डाल कर बाहर आ गए.

खाना खाने के बाद पूरी रात में हम दोनों ने तीन बार चुदाई की और मैं मेम के रूम में ही शिफ्ट हो गया.

दूसरे दिन हमारी मीटिंग थी. वो अटेंड करके हम दोनों फिर से वड़ोदरा आ गए.

फ्लाइट में उन्होंने मुझसे कहा कि बंगलोर में जो हुआ … उसको बंगलोर में ही छोड़ देना.
मैं समझ गया कि वो क्या कहना चाहती हैं … क्योंकि वो शादीशुदा औरत थीं … तो मैंने भी कुछ नहीं कहा.
मैंने बोल दिया- ओके मेम.

वो हल्का सा मुस्कराईं और बाद में कभी भी हमारे बीच ये ट्रिप की कोई बात ही नहीं हुई.

आप मुझे मेल और चैट कर सकते हैं. मेरी मेम के चुदाई की कहानी आपको कैसी लगी … ये बता सकते हैं. मेरा मेल एड्रेस है.
[email protected]

About Antarvasna

Check Also

पति की सताई हुई लड़की से प्रेम और चूत चुदाई की कहानी-1

This story is part of a series: keyboard_arrow_left पति की सताई हुई लड़की की चूत …