मैं और मेरी चंदा दी – परिणाम

1st part – मै और मेरी चंदा दी! The beginning

तो थोड़ा मुह निचे करके मुस्कुराइ और चुप हो गई, फिर मैंने चुटकी लेने के लिए बोला, क्यू तुझे क्या लगा? तो कोई जवाब नहीं दिया, बस हलका सा मुस्कुराइ। मुझे थोड़ा ग्रीन सिग्नल लगा। फिर हमने चलने का प्लान किया, मगर मेरे गिले अंडरवियर को देख के वोह बोली इस्के ऊपर कैसे पहनोगे, मैंने बोला फिर कैसे करू? तो वह हस के बोली इसके बिना ही पहन ले। मैं भी झट से बोला, अच्छा विचार है और फिर एक पत्थर के पिछे ज़ाके, अंडरवियर उतार के सिद्धा शॉर्ट्स पहन लिए।

जब मैं चंदा के पास आया तो उसने मस्कुराते हुए कहा कैसा लगा रहा है, मैंने कहा कफी खुला लग रहा है। तो बस मस्कुरा दी फिर हम होटल आ गए, मम्मी पापा ने पुछा कहां गए थे तो हमने बताया के बस यहीं आस पास ही घूम के आ गए। मैंने ध्यान दिया के चंदा मेरी तारफ कुछ ज्यादा ही ध्यान दे रही थी, शायद उसे आज पहली बार उसने मेरा खड़ा लंड अंडरवियर में देखा था। मैंने पूछा क्या देख रही है तो नजर हटा के बोली अब तो फ्रेश हो के चेंज कर ले…

मैंने जल्दबाजी में धीरे से कह दिया के ऐसे ही खुला रहने में बड़ा माजा आ रहा है, फिर चंदा ने कहा हा देख रहे है के कुछ ज्यादा ही मजा आ रहा है, और अब तू बड़ा भी हो गया है। मैंने फिर मजाक से कहा फिर तो मेरी शादी करा दो। फिर अचानक मम्मी की आवाज आई और चंदा मम्मी के पास चली गई, टाइम बिता, हम सब लोगो ने डिनर किया और सोने की तय्यारी करने लगे, मैने भी चंदा को बोल दिया के तुम भी तो रात को बिना ब्रा और पैंटी के सोती हो तुम्हे भी तो अच्छा लगता है

वो थोड़े से गुसे से देखती हुई बोली चुप रहो, सुधार जा। मैं भी जल्दी सिद्ध मे लेट गया। और फिर हम सब लेट गए कल की तरह, मैंने धीरे से चंदा के कानो में कहा, के शायद हम मम्मी पापा के लिए रुकावत बन रहे हैं, तो उसने कहा, बोहत बड़ा हो गया है तू। मेरा तो सोने का मन ही नहीं था, मैं तो इंतजार कर रहा था, के कब सब सोए और मुझे कुछ मौका मिल पाए। चंदा थके होने के कारन जल्दी सो गई मगर मैं आखें बंद करके लेटा रहा

मम्मी और पापा के सोने का इंतजार करने लगा, मगर कुछ देर बाद कुछ धीरे-धीरे बात करने की आवाज आई, शायद मम्मी पापा भी हमारे सोने का इंतजार कर रहे थे। मगर शायद एक कमरे में सोने की वजह से कुछ झिझक थी, और फिर इंतजार करते करते मेरी ही आख लग गई। कुछ समय के बाद मेरी आंख खुली और मैंने जो देखा, उससे मेरी आंखें खुली रह गई। मैंने देखा, की मम्मी और पापा दोनो नंगे थे। पापा लेटे हुए थे और मम्मी उनके लंड के ऊपर ऊंछल रही थी। पापा मम्मी की गांड को हाथ से सहला रहे थे। मम्मी के बड़े-बड़े बूब्स देख कर मैं दंग रह गया था।

कुछ देर ऊंछल ने के बाद पापा ने एक हाथ मम्मी के बूब्स पर रख दिया और जोर-जोर से दबाने लगे। पापा के बूब्स दबाते ही मम्मी की सिसकिया निकलने लगी और वो और जोर से कुदने लगी। इसकी वजाह से उनका एक बूब्स और जोर से ऊंछलने लगा।

कुछ देर ऐसे ही चुदाई के बाद मम्मी पापा के ऊपर से उतर गई और हाथ में थुक कर पापा के लंड को ऊपर-नीचे करने लगी। ऊपर नीचे करते-करते पापा उठ गए और मम्मी को घोड़ी बनने के लिए कहा। जैसे ही मम्मी घोड़ी बनी, तो उनके बड़े स्तन नीचे लटक गए।

पापा 2 उंगली मम्मी की चुत में डाल दिए और मम्मी धीरे-धीरे आह्ह ऊह की आवाज निकालने लगी। फ़िर पापा ने ज़ोर से मम्मी की गांड को स्पेक कर दिया और मम्मी ज़ोर से चिल्ला उठी। फ़िर पापा उन्हे बोले-

पापा : थोड़ा धीरे आवाज कर। वे लोग उठ गए तो हमारा मजा खराब हो जाएगा।

मम्मी बोली: धीरे मारो, ये बहुत तेज़ था।

फिर पापा ने धीरे-धीरे 10 से 15 बार मम्मी के दोनो चुतडो को स्पेक किया। मम्मी की गांड लाल हो चुकी थी। फिर मम्मी ने कहा-

मम्मी: अब बस भी करो, कितना मारोगे। चोदना शूरु करो अब।

फिर पापा ने मम्मी की चुत में एक ही झटके में उनका बड़ा लंड डाल दिया। मुझे वो सब देख के बहुत मजा आ रहा था। मेरा लंड बहुत बड़ा होगया था

लेकिन मैं अपना लंड पैंट के ऊपर से ही सेहला रहा था और वो सब देख कर मेरा लंड टाइट हो चुका था। फिर पापा ने घोडे से भी ज्यादा जोर से चोदा मम्मी को और मम्मी धीरे-धीरे डॉगी पोजीशन से नीचे जाने लगी। पापा ने उनकी कमर को जकड़ा और वैसा ही लेटे हुए लंड डालते रहे।

मम्मी बार-बार “धीरे-धीरे करो” बोल रही थी और पापा बिना कुछ सुने लंड घुसा रहे थे। फिर पापा ने मम्मी को सीधा किया और उनकी टागे उठा कर अपने कांधो पे रख ली। उसके बाद पापा ने फिर से लंड डाल दिया और साथ में मम्मी के बूब्स दबाने लगे।

मम्मी एक हाथ से खुद की क्लिट रागड रही थी और पापा ने मम्मी के होठों पर किस किया। 2 से 3 मिनट के बाद मम्मी ने पापा से कहा-

मम्मी: आपका हुआ के नहीं? मेरा तो हो गया।

पापा ने कहा: अभी कहा, थोड़ी देर और लगेगी।

पापा बिस्तर से नीचे उतर गए और मम्मी को लंड चुसने के लिए बोला। मम्मी पेट के बल लेट गई और पापा के लंड को अपने मुह में ले लिया। मेरे लिए ये सब नया था, क्यूकी मै ये पहली बार देख रहा था।

फ़िर पापा ने मम्मी के सर को पकडा और ज़ोर-ज़ोर से लंड उनके मुह के अंदर डालने लगे। कुछ ही सेकंड में मम्मी ने उनका लंड छोड दिया और बोली-

मम्मी: हर चीज़ ज़ोर-ज़ोर से ही घुसानी होती है क्या?

मम्मी का फेस भी ऑयली हो गया था। ये असल में उन्हीं के थूक से हुआ था, जो ब्लोजॉब के टाइम उनके चेहरे पर लग गई थी। फ़िर पापा ने कहा-

पापा : थोड़ा और करदो ना। फिर मेरा हो जाएगा। नीचे आजा, और थोड़ा चूस ले.

इस बार मम्मी नीचे बैठी और एक झटके में पापा के मोटे लंड को पूरा मुह में ले लिया और अंदर बहार करने लगी। अब मम्मी के मुह से लार और थूक नीचे उनके बूब्स पे गिर रही थी, जो की बूब्स से होके उनकी नाभि तक जा रही थी।

फिर पापा ने अपने लंड को बहार निकाला और मम्मी उन्हे पोछने लगी-

मम्मी: अभी और चोदोगे क्या?

पापा ने मम्मी को उठा कर बोला-

पापा: बस 5 मिनट देदे, फिर तू भी खुश और मैं भी खुश।

और ये बोल कर पापा ने मम्मी को बिस्तर पे लीटा दिया। मम्मी पूरी तारीके से थक चुकी थी और वो बस लेट गई। पापा ने मम्मी की चुत पे थूका और एक झटके में फिर से लंड डाल दिया। इस बार मम्मी ज़्यदा चिल्लई भी नहीं।

फिर 5 मिनट तक अंदर बाहर करने के बाद, पापा ने लंड बहार निकाला और कमर के ऊपर आके स्तन में पिचकारी मार दी। वो इतनी बड़ी पिचकारी थी, की मम्मी के फेस पे भी कम चला गया। फिर पापा भी थक गए और बेड पे लेट गए, और मम्मी उठी और उनके फेस पे जो कम था उस का स्वाद लिया।

मम्मी ने पापा का लंड चूस कर सारा माल साफ किया। चुसते-चुसते पापा का लुंड भी बैठ गया और वो आधी नींद में जा चुके थे।
फिर मम्मी ने पापा की शॉर्ट्स लेके अपने बूब्स से सारा माल साफ किया और पापा को उनकी शॉर्ट्स पहना दी।

उसके बाद वो बिस्तर से नीचे आई और उन्होनें खुद भी पैंटी और ब्रा पहनी। फिर उन्होन अपना नाइटी पहनी और मैं तब सोने का नाटक करने लगा। कुछ ही देर में मम्मी आई और चेक करके गई, की हम सोए हुए थे के नहीं। और फिर मैं सो गया अगले दिन सुबह मम्मी ने मुझे उठाया, और सब ब्रेकफास्ट करने लगे। आज पापा ने बोला के आज हमें यहां अपने किसी दोस्त से मिलने जाना है, तो अचानक चंदा ने बोल दिया के नहीं पापा

हम वहा बोर हो जाएंगे मैंने और भाई ने तो कुछ और प्लान कर रखा है, क्यों भाई? मैंने भी उसे हा मे हा मिला दी। फिर मम्मी पापा ने हमे ठीक से रहने कह के जाने की तय्यारी करने लगे और हमें कहां के जलदी आ जाना, आज चंदा ने एक बैग हाथ में लिया हुआ था, हम फिर कल वाले रास्ते पे निकल गए, आज उसने बोला मुझे भी पानी में एन्जॉय करना है, मैं मन ही मन खुश होने लगा।

कुछ ही देर में हम वहा पोहोच गए और मैंने झट से कपड़े उतार के पानी में आ गया, और चंदा को भी आने को कहा, फिर एक पथर के पिछे ज़ाके वो चेंज करके आई और एक बोहत ही सेक्सी ब्लैक कलर की, बिकनी मे मेरे सामने आइ मै तो उसे देखता ही रह गया, और मेरे मुह से निकल गया सेक्सी और वो हल्के से मुकरते हुए पानी में आने लगी, उसके गोरी गोरी टैंगो के ऊपर ब्लैक कलर की पेंटी गजब ढा रही थी

और उसकी सेक्सी वाइट बूब्स पे ब्लैक कलर की ब्रा तो ऐसा लग रही थी के जैसे कोई मॉडल उतर आई हो, मेरे दिमाग में फिर वही उसकी नंगी तस्वीर सामने आ गई, और नशा छाने लगा और लंड एक दम से खड़ा हो गया। पानी में उतर के मुस्कुराते हुए उसने बोला,

चंदा: इतने ध्यान से क्या देख रहा है, कभी लड़की नहीं देखी क्या?

मैं: देखी तो है मगर इतनी सेक्सी नहीं।

चंदा: बहन को सेक्सी बोलता है शर्म नहीं आती।

मैं: काश में तुम्हारा बॉयफ्रेंड होता।

चंदा: होता तो क्या?

मैं: वो तो जब होता तो ही बताता।

फिर एक दम से अचानक आके उसने मुझे पानी में ढाका दे दिया। और पिछे की तरफ भगने लगी मैंने भी संभल के उसे पिछे से पकडने लगा और मेरा लंड उसकी गांड से सट गया उसके मुह से एक सिस्की निकल गई। मैंने बोला क्या हुआ, धिमी आवाज में बोली कुछ नहीं, मैंने बोला कैसा लग रहा है ये मौसम, उसने कहा, बोहत अच्छा, तब तक मै उसे पिछे से अच्छे से पकड चुक्का था, और पानी के अंदर से उसके चुत को हाथो से सेहला राह था। मेरा लंड एक दम से उसकी गांड से चिपका हुआ था।

उसने अपना सर पिछे की तरफ से मेरे कांधे पे रख दिया, और फिर मैंने धीरे से उसके गर्दन पे अपने होठ रख दिया, और उसने एक दम से अपना हाथ अपने पिछे करते हुए मेरे लंड को पकड लिया, और फिर मैं अपने दोनो हाथ उसके दूधिया सफेद बुबश पे ले गया और धीरे धीरे दबने लगा.

हम दोनो तो पागल होते जा रहे थे, हम सब भूल चुके थे, और बस खुले हवा मे पानी के अंदर लिपटे हुए थे। ये सायद रात वाले मम्मी पापा के सेक्स का असर था सायद चंदा ने भी उन्हे सेक्स करता देखा था इसलिए अब उससे कंट्रोल नहीं हो रहा था।

ऐसे ही करते करते मैं उसके एक कांधे से उसकी ब्रा की पट्टी को आलग कर दिया, और उसका एक सफेद बूब, अधे से जादा बहार आ गया, और उसने मेरे लंड को और तेजी से पक्कड लिया। मैंने उसके एक बूब को एक हाथ में लिया और दूशरा हाथ उसकी पैंटी में डाल दिया और उसकी चुत को पहली बार टच किया, टच करते ही वो पागल हो गई और पलट के मेरे अंडरवियर में हाथ डाल दिया, और किस करने लगी।

मैंने भी पिछे हाथ डाल के उसकी ब्रा निकल दी, और वो मेरे सामने से एक दम नंगी खाडी थी, दोस्तों क्या नजारा था वो, गोल सफेद स्तन जिसके गुलाबी रंग के चेरी जैसे निप्पल, मैं अपने होश खो बैठा था, और एक एक करके, उसके निप्पल को मुह में लेके चुनने लगा, और वो मेरे लंड को आगे पीछे करने लगी और उसे निकालने लगी फिर उसने धीरे से मेरे कान में कहा बाहर चलने के लिए।

To be countinued…

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