भाभी की चूत चुदाई होटल में की

हॉट MILF सेक्स कहानी मेरी चचेरी भाभी की चूत चुदाई की है. वो बहुत सेक्सी देसी माल है. बच्चा होने के बाद उनका बदन और सेक्सी हो गया था.

दोस्तो, मेरा नाम सूरज है. मैं उत्तरप्रदेश के जिला सहारनपुर के एक गांव से हूँ.

मेरी ये सेक्स कहानी एकदम सत्य घटना है.
चुदाई की यह हॉट MILF सेक्स कहानी मेरी कजिन भाभी के साथ घटित हुई थी.

बात वर्ष 2012 की है, तब मेरी उम्र 28 साल और मेरी भाभी की उम्र भी तकरीबन 28 साल ही थी.
भाभी का नाम कल्पना (बदला हुआ) है.

मेरी भाभी देखने में बहुत ही सुंदर सेक्सी लगती है.
कोई भी लड़का मेरी भाभी को देख ले, तो उसका लंड खड़ा हो जाए ऐसी है मेरी भाभी.

भाभी का फिगर 34-30-36 का रहा होगा. मैंने ये चैक नहीं किया, ना ही भाभी से पूछा … मैंने आपको ये अपने अनुमान से बताया है.

मेरे भाई मकैनिक का काम करते हैं और उस समय दूसरे शहर में नौकरी करते थे.
वो महीने में एक बार ही घर आ पाते थे.

घटना कुछ ऐसे घटित हुई.
एक दिन शाम को मैं भाभी के घर गया तो देखा कि मेरी भाभी घर में गोबर से लीप रही थी.
गोबर लीपने के कारण भाभी ने पीछे से कमीज ऊपर किया हुआ था ताकि वो गन्दा ना हो.

भाभी को बड़े गले के सूट पहनने अच्छे लगते हैं.
उस दिन भी भाभी ने बड़े गले का सूट पहना हुआ था.

जिस वक्त भाभी झुकी, तो भाभी के बड़े बड़े स्तन देखकर मेरे होश उड़ गए.

दोस्तो, मैं बताना भूल गया. उस समय भाभी ने लगभग दो माह पहले मेरी एक सुंदर भतीजी को जन्म दिया था, जिस कारण भाभी के स्तन दूध के कारण और भी बड़े हो गए थे.

उस दिन से पहले मैंने भाभी को कभी गलत नजर से नहीं देखा था.
परन्तु उस दिन मैं अपने होश खो बैठा.

ये बात भाभी ने भी नोटिस कर ली कि मैं उनके बूब्स देख रहा हूँ.
जब मुझे लगा कि भाभी ने मुझे देखते हुए देख लिया तो मैंने अपनी नजर हटा ली.

फिर मैं भाभी से बात करने लगा.
मैं बोला- भाभी आपको चुनरी से गला ढकना चाहिए, घर में कोई और भी आ सकता था … ऐसे अच्छा नहीं लगता.

भाभी बोली- क्या अच्छा नहीं लगता?
मैंने बोला- आपकी छाती दिख रही है.
वो मेरी बात सुनकर हंस दी.

मैं मजाक में बोला- अगर इन्हें देखकर मेरा मूड खराब हो गया तो क्या होगा?
भाभी हंसती हुई बोली- आज तेरे भाई को बताऊंगी कि देवर ऐसे बोल रहा था.

उसका ये बोलते ही मेरी गांड फट गई और मैं वहां से अपने घर आ गया.
फिर दो दिन तक भाभी के घर नहीं गया.

दो दिन बाद जब मैं भाभी के घर गया तो मुझे भाभी घर में कहीं दिखाई नहीं दी.

मैंने आवाज लगाई, पर कोई बोला ही नहीं.
मैं वहीं चारपाई पर बैठ गया और अपने मोबाइल में गेम खेलने लगा.

कुछ देर बाद भाभी आयी तो मुझे घर आया देखकर खुश हो गयी.

वो बोली- क्या बात … दो दिन बाद आये देवर जी … भाभी से डर गए थे क्या?
मैंने कहा- नहीं भाभी जी, मैं डरा नहीं था. मैं तो अपनी पढ़ाई में व्यस्त था.

भाभी बोली- चाय लोगे?
मुझे चाय पसन्द थी तो तुरंत हां कर दी.

उसके बाद भाभी मेरी भतीजी को मुझे देकर चाय बनाने रसोई घर में चली गयी और मैं अपनी भतीजी के साथ खेलने लगा.

थोड़ी देर के बाद भाभी चाय और नाश्ता लेकर आ गयी.
हम दोनों साथ में चाय पीने लगे.

चाय पीते हुए भाभी बोली- देवर जी उस दिन क्या बोल रहे थे तुम?
मैंने अनजान बनते हुए कहा- किस दिन?

भाभी बोली- जिस दिन मैं गोबर से लीप रही थी.
मैं- छोड़ो उस दिन की बात, मैं तो मजाक कर रहा था भाभी!

पर मुझे नहीं पता था कि आज भाभी का मूड कुछ और था.
फिर हम दोनों इधर उधर की बातें करने लगे.

भाभी बोली- देवर जी एक बात पूछूं, झूठ तो नहीं बोलोगे?
मैंने कहा- बोलो भाभी जी, क्या पूछना है?

भाभी बोली- आपकी कोई गर्ल फ्रेंड तो होगी ना देवर जी?
मैं- नहीं भाभी जी, मेरी आजतक कोई गर्लफ्रेंड नहीं है. मैंने कभी इस तरफ ध्यान नहीं दिया.

भाभी बोली- झूठ बोल रहे हो देवर जी.
मैं- नहीं भाभी जी, आपकी कसम आजतक कोई नहीं है.

ये सुनकर भाभी बहुत खुश हो गयी और मेरी तरफ देख कर मुस्कुरा दी.
मैं भाभी से बोला- भाभी आप बनोगी मेरी गर्लफ्रेंड?

भाभी बोली- मेरी तो शादी हो गयी, अब मैं कैसे बन सकती हूँ?
मैंने कहा- क्यों नहीं बन सकती और भला किसे पता चलेगा कि आप मेरी गर्लफ्रेंड हो? ना मैं किसी से बताऊंगा और ना आप बताना.

भाभी बोली- हम्म … सोच कर बताऊंगी.

उसके बाद मैं अपने घर आ गया और बाथरूम में घुसकर भाभी के नाम की मुठ मारी.

मेरा लंड काफी लम्बा और मोटा है, कोई भी लड़की या भाभी मेरे लंड को देखकर उसकी दीवानी हो जाएगी.

उसके बाद मैंने रोज भाभी के घर आना जाना शुरू कर दिया और एक दिन भाभी को आई लव यू बोल दिया.
भाभी ने भी मुझे आई लव यू बोल दिया.

मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा.
मैंने भाभी को झट से अपनी बांहों में भर लिया और उसके रसीले होंठों पर किस कर दी.

भाभी ने भी किस करने में मेरा साथ दिया.
तभी हम अहसास हुआ कि कोई आ रहा है तो हम एक दूसरे से अलग होकर दूर दूर बैठ गए.

अगले कुछ पलों बाद मेरी चाची (भाभी की सास) वहां आ गयी.
चाची से थोड़ी बातें करके मैं अपने घर आ गया.

घर आकर मैं सीधा अपने कमरे में गया और खुशी से झूम उठा.

अगले दिन मैं फिर से भाभी के घर गया तो उस समय भाभी घर में अकेली थी.
चाची परिवार में ही किसी के पास गपशप करने गयी थी.

जब मैं भाभी के घर गया तो भाभी अपने कमरे में लेटी हुई थी.
मुझे देखकर वह खुश हो गयी.

मैंने जाते ही भाभी को अपनी बांहों में भर लिया और उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए.
भाभी भी खुलकर मेरा साथ देने लगी.

उस दिन भाभी ने साड़ी पहनी हुई थी, तो मैंने साड़ी पीछे से ऊपर उठा दी और भाभी के बड़े बड़े चूतड़ों को दबाने लगा.

कुछ देर ऐसे ही किस करते हुए भाभी अचानक मुझसे अलग हट गई और बोली- आपकी चाची आ सकती है. इसलिए अब और नहीं.

पर मैं कहां मानने वाला था … मैंने फिर से उसे पकड़ लिया और उसके स्तन दबाने लगा.
वो ना नुकर करती रही पर मैंने उसे नहीं छोड़ा. फिर से अपने होंठ भाभी के होंठों पर रख दिए.

भाभी भी गर्म हो गयी और खुलकर मेरा साथ देने लगी.
तभी अचानक चाची आ गयी और हम झट से दूर होकर बैठ गए और इधर उधर की बातें करने लगे.

जाते जाते मैंने भाभी को चुपके से बोला- मैं आपकी चूत के बिना तरस रहा हूँ.
भाभी बोली- हम्म मैं भी … करेंगे कुछ!

फिर एक रात को अचानक भाभी की बेटी की तबियत खराब हो गयी और उसे नजदीक कस्बे में डॉक्टर के पास ले गए.
डॉक्टर ने हालात गम्भीर बताते हुए उन्हें बड़े अस्पताल भेज दिया.

भाभी के जेठ उसे सहारनपुर एक चिकित्सक के पास लेकर पहुंचे जहां उसे एडमिट कर दिया और इलाज चालू हो गया.
अगले दिन सुबह मैं घर से खाना लेकर भाभी के पास पहुंचा.

भाभी मुझे देखकर बहुत खुश हुई.
मैंने उससे पूछा- अब बेटी कैसी है?
वो बोली- रात से आराम है.

वहां हम ज्यादा बात नहीं कर सकते थे क्योंकि भतीजी जनरल वार्ड में थी.

खैर … अगले 5 दिन बाद भतीजी की छुट्टी ही गयी और भाभी और भाई उसे लेकर घर आ गए.

फिर एक दिन वो आया, जिस दिन की हम दोनों को तलाश थी.

हुआ ये कि मुझे उस दिन सहारनपुर अपने निजी काम से जाना था.
मेरा भाई मेरे पास आया और मुझे बोला- तू अपनी भाभी को भी साथ में सहारनपुर ले जा. वो डॉक्टर को तेरी भतीजी को दिखा कर दवाई लेती आएगी.

मैंने बोला- मुझे काम है और देर भी हो सकती है, इसलिए भाभी को आप ही लेते जाओ.
तभी मेरी मां बोली- कोई बात नहीं तू लेता जा … और काम आज नहीं करना. पहले अपनी भतीजी को दवाई दिलवाकर ला.

मैं मां को ना नहीं कर सका. मैंने हां कर दी.

थोड़ी देर बाद भाभी और मैं बाइक से दवाई लेने निकल पड़े.
मैं बहुत खुश था कि आज भाभी की चुदाई करने का मौका मिलेगा.

मैंने भाभी से कहा- भाभी आज तो मुझे आपकी चुदाई करनी है.
भाभी बोली- कहां करेंगे?

मैं बोला- पहले दवाई लेंगे, फिर देखेंगे.
उसका मूड भी था तो उसने भी हामी भर दी.

हम दोनों डॉक्टर के पास पहुंचे और जल्दी ही दवाई लेकर वहां से निकल पड़े.
फिर हमने एक रेस्टोरेंट में खाना खाया.

उसके बाद एक होटल में पहुंचे और एक कमरा बुक कर लिया.
मैं भाभी को लेकर में कमरे में आ गया और अन्दर से कमरा लॉक कर लिया.

अब मैं बहुत खुश था कि आज मैं भाभी की चुदाई करूंगा.

मेरी भतीजी भी उस वक्त सो रही थी.
भाभी ने उसे बेड पर लेटा दिया था.

मैंने भाभी को अपनी बांहों में भर लिया और उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए.
हमने जमकर एक दूसरे के होंठों का रसपान किया.

फिर भाभी मुझसे अलग हो गयी, तो मैं बोला- कपड़े निकाल लो, तब तक मैं जूस मंगाता हूँ.
थोड़ी देर बाद वेटर जूस लेकर आया और मैंने जूस लेकर फिर से गेट लॉक कर दिया. मैं अन्दर आ गया.

तब तक भाभी ने अपने सूट निकाल दिया था. वो केवल उस वक्त ब्रा और पैंटी में थी.
भाभी को ऐसे देखकर मेरी हालत खराब हो गयी थी.

दोस्तो, मैंने इससे पहले कभी सेक्स नहीं किया था, बस मुठ मार लेता था.
मैंने भी अपने कपड़े उतार दिए औऱ हम दोनों ने साथ में अपने अपने जूस के गिलास खाली करके रख दिए.

मैंने भाभी को अपनी बांहों में भर लिया और हम दोनों फिर से किस करने लगे.

किस करते हुए मैंने भाभी की ब्रा निकाल दी और उसके दूध दबाने लगा, फिर होंठों को बूब्स पर रखकर निप्पल को पीने लगा जिससे दूध भी मेरे मुँह में जाने लगा.

मैं दूसरे स्तन को हाथ से दबाने लगा तो भाभी गर्म गर्म सांसें छोड़ने लगी.

उसके बाद मैं किस करता हुआ नीचे की तरफ आया और पैंटी के ऊपर से चूत को रगड़ने लगा, अपनी नाक को चूत पर रखकर सूंघने लगा.
मुझे अजीब सी खुशबू आयी.

उसके बाद मैंने पैंटी निकाल दी और भाभी की टांगों को फैलाकर उनकी चूत को देखने लगा.
भाभी की चूत अन्दर से एकदम लाल थी और उसकी चूत से उस वक्त सफेद पानी निकल रहा था.

मैंने अपने होंठ भाभी की चूत पर रख दिए तो भाभी एकदम से मचल गयी.
मैं जोर जोर से चूत को चाटने में लग गया, मैं बहुत देर तक चूत को चाटता रहा.

फिर मैंने अपना अंडरवियर निकाल दिया और भाभी के हाथ में अपना लंड दे दिया.

भाभी लंड को देखकर चौंक गयी और बोली- इतना बड़ा लंड तो तेरे भाई का भी नहीं है.
मैं बोला- मेरा तो है मेरी जान … और आज इस लंड से मैं अपनी जान की चुदाई करूंगा.

मैं फिर से भाभी की चूत चाटने लगा तो भाभी भी मस्ती में मेरा लंड अपने मुँह में लेकर चूसने लगी.
फिर जब भाभी से कंट्रोल नहीं हुआ तो बोली- जान मुझे चोद दे अब बर्दाश्त नहीं होता.

मैंने झट से भाभी की टांगों को फैलाया और अपने लंड का सुपाड़ा भाभी की चूत पर रगड़ने लगा.

फिर जोर से धक्का मारा और आधा लंड चूत में चला गया.
भाभी मस्ती में आ गयी.

मैंने फिर जोर से एक धक्का मारा और लंड जड़ तक चूत की गहराई में उतर गया.
फिर शुरू हुआ चुदाई में धक्कों का सफर.

हॉट MILF सेक्स में भाभी भी मस्त हो गई थी.

हम दोनों की धकाधक चुदाई चलती रही.
काफी देर बाद चुदाई की गाड़ी रुकी. मेरे लंड ने सारा माल भाभी की चूत में गिरा दिया.

दोस्तो, मेरी हालत उठने लायक नहीं बची तो मैं भाभी के ऊपर ही गिर गया.

काफी देर बाद भाभी ने ही मुझे धकेलकर साइड में लेटाया.
भाभी ने फिर जमकर मुझे प्यार किया.

उसके बाद फिर से मेरा लंड खड़ा हो गया तो मैंने झट से भाभी को झुकाकर उनकी चूत में लंड डाला और फिर से जोरदार झटकों का दौर शुरू हो गया.

इस बार आधा घंटा में जाकर चुदाई खत्म हुई.
इस चुदाई से जहां मुझे मजा आया तो वहीं भाभी भी बहुत खुश हो गयी.

फिर हम वहां से घर के लिए निकल पड़े.
रास्ते में मैंने भाभी से पूछा- चुदाई में मजा आया या नहीं?

भाभी बोली- जिंदगी में पहली बार तुम्हारे भैया से चुदाई कराई थी परन्तु जो चुदाई आज तुमने की, ऐसी तुम्हारे भाई ने कभी नहीं की. सच कहूँ तो आज पहली बार जिंदगी में चुदाई का मजा आया.

इसके बाद मैंने ना जाने कितनी बार अलग अलग तरीके से भाभी की चुदाई की.

फिर एक दिन हमारे अवैध सम्बन्ध के बारे में भाई को पता चल गया.
काफी लफड़ा हुआ.

उसके बाद मेरा उनके यहां आना जाना बंद हो गया, साथ ही मैंने गांव भी छोड़ दिया.

मेरी इस हॉट MILF सेक्स कहानी पर आपको क्या कहना है, आप मुझसे मेरी ईमेल आईडी पर सम्पर्क कर सकते हैं.
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