दोस्त की सहेली की चुदाई

मेरा नाम साहिल यादव है और मैं गुड़गांव हरियाणा का रहने वाला हूं.
मेरी पिछली कहानी
पहले प्यार की चुदाई उसी के घर में
बहुत सारे पाठकों ने पसंद किया. धन्यवाद.

अब मैं आपको अपने एक दोस्त की सहेली की चुदाई की कहानी आपको बताने जा रहा हूं. उसको मैंने बहुत बार चोदा और हम दोनों मिलकर चुदाई के खूब मज़े लिए.

इस रसीली चुदाई की कहानी को शुरू करने से पहले मैं आपको अपने बारे में बता देता हूँ.

मेरी हाईट लगभग 5 फुट 7 इंच है. मैं दिखने में बहुत स्मार्ट हूं और लड़कियों से हमेशा खुल कर बात करना पसंद करता हूं. मेरे मन में जो भी बात होती है, मैं उस खुल कर बोलना पसंद करता हूं. मैं एक साफ दिल का व्यक्ति हूं और सबसे मिल जुल कर रहता हूं.

मेरा एक दोस्त है उसका नाम मोहित है. वो गुड़गांव के ही एक प्राइवेट कॉलेज में पढ़ता है. हम दोनों हमेशा से ही साथ रहे हैं. एक साथ घूमना, एक साथ खाना, अपनी जिंदगी के हर सुख दुख में एक दूसरे का साथ देना हमारी आदत में था.

एक दिन ऐसे ही घूमते घूमते उसने मुझे अपने कॉलेज के दोस्तों से मिलवाने के लिए कहा. मैं झट से हां कह दिया. क्योंकि मैं हमेशा नए लोगों से मिलने के लिए और नए दोस्त बनाने के लिए उत्सुक रहता हूं.

अगले दिन हम दोनों और उसके दोस्तों का मिलने का प्लान बना. हम दोनों सुबह करीब 9 बजे घर से निकले और गुड़गांव के ही एक कॉम्प्लेक्स में गए. वहां उसके कुछ दोस्त आए हुए थे, जिसमें 5 लड़कियां भी थीं. वो सभी काफी खूबसूरत थीं. दो लड़के भी थे, वो सभी मेरे साथ बहुत अच्छा व्यवहार कर रहे थे.

हमने सभी ने कोल्ड कॉफ़ी पीने का मन बनाया और ऑर्डर करके कोल्ड कॉफ़ी पीने लगे. कोल्ड कॉफ़ी पीते हुए हम सभी आपस में बातें करने लगे.

तभी मेरे दोस्त ने एक लड़की से पूछा- प्रीति कहां है?
उस लड़की ने कहा- बस वो आ रही है. किसी काम की वजह से थोड़ी लेट हो गई.

मोहित चुप हो गया और वो अपनी घड़ी की तरफ देखने लगा.

हम सभी लोग आपस में बात कर रहे थे. कुछ ही में एक लड़की करीब आयी. मोहित उसे देख कर खुश हो गया. हाय हैलो का दौर चलने लगा.

कसम से दोस्तों क्या कहूं … मैं तो जैसे उसमें खो ही गया था. पहली बार किसी लड़की को देखकर इतनी जोर से दिल धड़का था कि क्या कहूँ. मैं तो जैसे उस लड़की के ख्यालों में ही खो गया था.

वहां बैठे सभी लोग उससे बात करने लगा. मैं उससे कुछ बोला ही नहीं था. बस मैं तो उसके ख्यालों में ही खोया हुआ था.

तभी मेरे दोस्त ने मुझे हाथ पकड़ कर हिलाया और कहा- ओए किधर है?

उसके झंझकोरने से मुझे जाकर कहीं होश आया. मेरा दोस्त कान में कहने लगा लगता है, तू भी इसे देख कर पागल हो गया है.
मैं मन ही मन हंसने लगा.

वो जब आयी थी, तो उसने सबसे हाथ मिलाया था … और मेरी तरफ हाथ बढ़ाए खड़ी थी. मैं जैसे ही दोस्त के टहोकने से चौंका. मैंने उसकी तरफ खींसे निपोरते हुए हाथ बढ़ा दिया. जैसे ही उसने मुझसे से हाथ मिलाया, मुझे लगा आह क्या मक्खन से हाथ लगा दिया. मैं उसकी खूबसूरती देख कर सोचने लगा कि भगवान ने इसे बड़ी फुर्सत से बनाया होगा.

इसके बाद उसने लेट होने के लिए मोहित से माफी मांगी.

मेरे दोस्त ने मुझे उससे मिलवाया और उसे भी मेरे बारे में बताया.

हम लोग ऐसे ही बातें करने लगे. कुछ ही देर में मेरी उन सबसे अच्छी जान पहचान हो गई थी. और हो भी क्यों ना … मैं सबके साथ बहुत जल्दी घुल मिल जाता हूं. मैं एक साफ दिल का इंसान हूं, इसलिए सभी मुझे पसंद भी जल्दी ही कर लेते थे.

उसके बाद मैं हंसी मजाक करते हुए एक दूसरे को छेड़ने लगे.

प्रीति ने मुझसे कहा- आप बहुत क्यूट हो.
उसके मुँह से ये सुनते ही सब हंसने लगने लगे. मुझे भी मुस्कराहट आ गई और मैंने प्रीति को थैंक्यू बोल दिया.

उस दिन की पार्टी के बाद हम सब एक दूसरे से मिलने लगे. फोन पर चैटिंग करने लगे.

मेरे दिमाग में बस प्रीति बस गई थी. इस मुलाक़ात के बाद मैं अपने दोस्त के साथ उससे कई बार मिला. हमारे नंबर शेयर हुए. उसके बाद हमारी लगभग रोज बात होने लगीं.

मुझे पता भी नहीं लगा कि कब हम दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे. हम लोगों के बीच सभी बातें शेयर होने लगीं. हम एक दूसरे को सब कुछ बताने लगे. धीरे धीरे हम दोनों अकेले भी मिलने लगे. कभी किसी रेस्टोरेंट में मिलते, तो कभी किसी मॉल में. उसके बाद साथ साथ मूवी देखने भी जाने लगे.

अब हम एक दूसरे से पूरी तरह खुल चुके थे. प्यार से बातें होने लगीं … ये बातें परवान चढ़ीं, तो धीरे धीरे सेक्स पर बातें पहुंच गईं.

अब हम रोज रात को सेक्स चैट करने लगे. उसने अपनी सेक्सी फोटोज मुझे भेज दीं. उसे फोटो में नंगा देखते ही मंत्र मन उसने चोदने का करने लगा, लेकिन मैंने उससे कभी भी इस बाबत नहीं कहा. क्योंकि मैं जानता था, शायद उसके मन में भी सेक्स करने की इच्छा है, वो खुद ही कहेगी.

एक दिन मैंने फोन पर उससे उसका फिगर पूछा, तो उसने 32-30-34 का बताया.
अब आप खुद सोचिए कि बंदी क्या चीज होगी.

उसने कहा- आज बहुत दिन बाद मेरा फिगर जानने की याद आई.
मैं हंस दिया.

वो आगे बोली- क्या तुमको मुझे देख कर मेरे फिगर का अंदाजा नहीं हुआ था?
मैंने समझ तो लिया था कि प्रीति आज मुझे किस तरफ ले जाना चाह रही है, मगर मैंने उससे ज्यादा कुछ नहीं कहा.

मैं फिर से बस हंस कर कह दिया- ऊपर से कोई कैसे जान सकता है.
उसने मेरी तरफ देखा और मुझे फिर से उकसाया- मैंने अपनी न्यूड फोटो भी भेजी थीं, उसमें तो तुमने मुझे पूरा देखा था.

मैंने फिर से उसे गर्म किया- मोबाइल की चार इंच की स्क्रीन पर तुम्हारा फिगर कैसे चैक किया जा सकता है.
वो एकदम से बोली- तो सामने से नंगी हो जाऊं क्या?

इस तरह से मैंने उसे सेक्स की बातों से गर्म कर दिया था. आखिर उसने खुद ही मुझसे कह दिया कि मुझे कल तेरे साथ सेक्स करना है. उसी में तुम मेरी फिगर नाप लेना.

दोस्तों उसके मुँह ये सुनते ही तो मैं इतना खुश हुआ कि बस उस रात को मुझे नींद ही नहीं आयी. मुझे बार मुठ मारनी पड़ी.

अगले दिन मैंने एक होटल में रूम बुक किया और हम दोनों वहां पहुंच गए. जैसे ही हम रूम में घुसे, हम दोनों एक दूसरे को पकड़ कर किस करने लगे. हम ये भी भूल गए कि दरवाजा तो बन्द ही नहीं किया.

उसके बाद मैंने जैसे ही दरवाजा बन्द किया, तो मैंने और उसने एक दूसरे को कसके जकड़ लिया. मैंने देर न करते हुए झट से उसे बेड पर लेटा दिया और उसके होंठों का रस लेने लगा. वो भी पागलों की तरह मेरे होंठों और चेहरे को चूमने लगी.

उसके बाद मैंने उसका टॉप उतार दिया. कसम से पहली बार जन्नत का एहसास हुआ. क्या मस्त चूचे थे उसके … एकदम गोलमटोल सफेद!
मैं जोर जोर से उसके चूचों को चूसने लगा.

वो भी बड़ी मादक आवाजें निकालने लगी. वो तेज तेज बोलने लगी- आंह साहिल चूसो … इन्हें चूसते जाओ … आह बहुत मज़ा आ रहा इस्स … आह उईईई!

मैं उसकी चूचियों को बेदर्दी से मसलते हुए चूसने में लगा हुआ था और वो मेरे सर को अपने मम्मों पर दबाए हुए मजा ले रही थी.
वो कहने लगी- आंह … जान आई लव यू..

मैंने उसके मुँह से लव यू सुना, मैंने भी उसे आई लव यू टू जान … कह दिया.

इसके बाद उसने मेरी पैंट और शर्ट दोनों उतार दी. मैंने भी उसकी चूत को उसकी पैंट से आजाद कर दिया. अब वो सिर्फ मेरे सामने एक सफेद पेंटी में थी.

क्या लग रही थी … जैसे कोई हूर आसमान से धरती पर आ गई हो. मुझे उसके आगे सब कुछ फीका लगने लगा था.
सच में क्या मस्त चीज थी वो … आज भी उसकी याद आते ही लंड खड़ा हो जाता है.

उसके बाद वो मेरे लंड को सहलाने लगी और लंड को बड़ी नफासत और प्यार से किस किया. उसने लंड को चूमते हुए कहा- अब से ये मेरा है.
मैंने उसे लेटाया और उसकी चूत को चूसने लगा. उसकी चूत में उंगली करने लगा.

वो तेज तेज सीत्कार करने लगी; वो बड़बड़ाने लगी- आंह … और अन्दर तक जीभ डालो … आह तेज … यस सक मी बेबी … और तेज … आंह मज़ा आ रहा है और तेज!

ये ही सब बोलते बोलते प्रीति एकदम से झड़ गई. झड़ने के बाद उसने कहा- अब मेरी बारी.
वो मेरे लंड को मुँह में लेकर चूसने लगी.

कसम से मुझे तो जन्नत मिल गई थी. मैं तेज तेज उसके मुँह में लंड देने लगा और 5 मिनट में ही झड़ गया.

उसके बाद हम दोनों फिर एक दूसरे को किस करने लगे. प्रीति मेरे लंड को सहलाने लगी. धीरे धीरे लंड पूरा खड़ा हो गया.

प्रीति ने कहा- साहिल यार अब मुझे चोद दे … आई लव यू.

मैंने भी देरी ना करते हुए उसकी टांगों को खोला और धीरे धीरे उसकी चूत में लंड डालने लगा. उसे दर्द होने लगा और वो आराम से करने को बोलने लगी.

मैं थोड़ा रुका और फिर एक झटका दे दिया. इससे मेरा आधा लंड उसकी चूत में घुसता चला गया. वो तेज तेज चिल्लाने लगी. मैं उसे शांत करने के लिए उसके होंठों को चूसने लगा और धीरे धीरे झटके लगाने लगा.

कुछ देर बाद वो भी अपनी गांड को नीचे से उठा कर पूरा लंड अपनी चूत में लेने लगी और तेज तेज बोलने लगी- आंह साहिल आई लव यू … मुझे ऐसे ही प्यार करते रहना … आंह … और तेज चोदो मज़ा आ रहा है.

प्रीति की चूत की मैं तेजी से चुदाई करने लगा. वो बड़ी तेज तेज स्वर में सिसकारियां लेने लगी- उम्म्ह… अहह… हय… याह… आआआ मज़ा आ रहा है.

मैं भी उसे कभी धीरे तो कभी तेज चोदने लगा ताकि हम दोनों चुदाई का पूरा मज़ा ले सकें.

लगभग 15 मिनट के बाद वो सिसयाते हुए कहने लगी- आंह … आई एम कमिंग … और तेज … और तेज … मज़ा आ गया.

बस यही कहते हुए वो झड़ गई और मैं भी साथ साथ झड़ गया. उसके बाद हम दोनों निढाल होकर पड़ गए.

कुछ देर बाद हमने खाना मंगवाया और फ्रेश हुए.

मैंने उस दिन उसकी चुदाई दो बार और की. एक बार नहाते वक़्त चोदा और दोबारा बेड पर पेला.

कसम से आज तक मैंने ऐसा सेक्स किसी लड़की के साथ नहीं किया था. उसकी चुत की बात ही अलग थी.

उसके बाद हमने काफी बार चुदाई की. कभी होटल में, तो कभी दोस्त के फ्लैट पर चोद देता … तो कभी उसके ही घर पर चुदाई का मजा ले लेता.

दोस्तो, उसके रहते मैंने कभी किसी दूसरी लड़की को नहीं देखा. हम हमेशा ही एक दूसरे का पूरा साथ देते थे. प्रीति से मुझे जो प्रीत थी, वो हमेशा उससे लगी रही.

उसके बाद उसकी सगाई हो गई, उसने अपने घर वालों की मर्जी से शादी की थी.

उसके बाद मैंने खुद उससे बातें करनी कम कर दीं … क्योंकि उसको एक अच्छा पति मिल गया था. लेकिन हम आज भी अच्छे दोस्त हैं और एक दूसरे का साथ देने के लिए तैयार रहते हैं.

ये थी मेरी जिंदगी की प्यारी सी सेक्स कहानी. आपको मेरी स्टोरी कैसी लगी, मुझे मेल करके जरूर बताइए.
मेरी मेल आईडी है [email protected]

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