दोस्त की अम्मी ने मेरे साथ सुहागरात मनाई

सेक्स विद हॉट आंट की इस कहानी में पढ़ें कि मेरे दोस्त की अम्मी ने पूरी रात मेरे साथ चुदाई करके सुहागरात मनाई. वो दुल्हन बन कर मेरे कमरे में आयी थी.

दोस्तो, जैसा कि आप जानते हो कि मैं चुदाई का कितना बड़ा दीवाना हूं. आजकल मैं अपने ही दोस्त साहिल शाह की अम्मी को चोद रहा हूं.

आज की ये सेक्स विद हॉट आंट कहानी भी मेरी और आंटी शन्नो की चुदाई की एक और दास्तान है.

शन्नो के साथ मेरी पिछली चुदाई की कहानी
दोस्त की अम्मी की मस्त चुदाई
में आपने पढ़ा था कि मैं अब शन्नो को पूरी रात अपने कमरे में सुला कर चोदना चाहता था. उसी का मजा आज लिख रहा हूँ.

मजा लीजिए सेक्स विद हॉट आंट का:

शनिवार के दिन साहिल के अब्बा को काम से सावनेर जाना पड़ा. उन्हें सोमवार को सुबह वापस आना था.

घर में साहिल, मैं और उसकी चुदक्कड़ अम्मी थी.
मेरे पास दो रातें थीं, जब मैं साहिल की अम्मी को पूरी रात अपने पास लिटा कर चोद सकता था.

उस दिन शाम को हम तीनों ने खाना खाया और अपने अपने रूम में आ गए.
मैंने कमरे में आने से पहले शन्नो की तरफ देखा तो उसने हां में सर हिला दिया.
मैं समझ गया कि वो मेरे कमरे में आ जाएगी.

कमरे में आकर मैं रोज की तरह अंतर्वासना पर सेक्स कहानी पढ़ रहा था.

तभी मुझे किसी के आने की आहट हुई मैंने दरवाजा खोला, तो सामने दुल्हन बनी शन्नो खड़ी थी.

मैं उसे इस रूप में देखकर चौंक गया और देखता ही रह गया.

तभी शन्नो बोली- राज, तुम मुझे अन्दर नहीं बुलाओगे क्या?

मैंने होश में आते हुए उसे अन्दर किया दरवाजा बंद करके लाइट चालू कर दी.

वो किसी नई नवेली दुल्हन की तरह सजी हुई थी और उसके जिस्म से खुशबू आ रही थी.
उसके हाथ में एक बैग था.

मैंने दरवाजा बंद करते हुए कहा- शन्नो, आज तुम्हें क्या हुआ?
वो बोली- राज आज हमारी सुहागरात है, तो क्या तुम मुझे एक दुल्हन की तरह नहीं चोदना चाहते हो?

मैंने उसे बिस्तर पर बैठा दिया और उसके बदन को देखने लगा.

मैंने वासना से उसे देखते हुए कहा- तू मेरी कुतिया रंडी है … आज बड़ी मस्त सजी है … आज तो मैं तुझे जरूर चोदूंगा.

मैं उस पर झपटा तो उसने मुझे नंगा ही रूम से बाहर कर दिया और कुछ देर रुक कर वापस कमरे में आने को कहा.

मैं दरवाजा खोलकर वापस आया तो पलंग पर शन्नो पल्लू ढक कर बैठी थी और गुलाब की पंखुड़ियों से पलंग सजा हुआ था.
ये सब सामान वो अपने बैग में लाई थी.

मैंने बिस्तर पर आकर पल्लू हटाया और उसकी नथ को उतार दिया और उसके सारे गहने धीरे धीरे उतार कर पल्लू हटा दिया.

अब वो भी साथ देने लगी और एक-दूसरे को पागलों की तरह चूमने लगे.
मैंने चूमते चूमते उसकी चोली खोल कर ब्लाउज़ उतार दिया और ब्रा में चूचियों को दबाने लगा.

थोड़ी देर बाद मैंने उसका घाघरा उतार दिया. अब शन्नो सिल्क की जालीदार ब्रा पैन्टी में मेरे सामने थी.

शन्नो मेरे लौड़े को मुंह में लेकर चूसने लगी.

मैं उसके बूब्स दबाने लगा और ब्रा खोल दी. आज उसके बदन से मस्त खुशबू आ रही थी.

शन्नो मेरे लंड को चूसने में लगी हुई थी, तो मैंने उसकी पैंटी में हाथ डालकर चूत को सहलाना चालू कर दिया और चूत में उंगली डालने लगा.

फिर मैंने शन्नो की पैंटी उतार दी और हम दोनों बिस्तर पर नंगे हो गए.

मैंने शन्नो को बिस्तर पर लिटा दिया और एक तकिया उसकी गांड के नीचे लगा दिया.

मैंने पास में रखी डेरी मिल्क उठाई और शन्नो को खिला कर कहा- मेरी रंडी, तुझे सुहागरात मुबारक हो.
उसने आधी चॉकलेट मुझे खिलाई और बोली- आमीन आमीन आमीन.

मैंने अपना लंड चूत में घुसा दिया और तेज़ तेज़ चोदने लगा. अब वो आहह ओल्ला ओह करके अपनी कमर चलाने लगी.

आज मैं शन्नो रंडी को दुल्हन बनाकर चोद रहा था.

मैंने अपने लौड़े की रफ्तार और तेज़ कर दी और तेज़ी से लंड चुत में अन्दर-बाहर करने लगा.

शन्नो चिल्लाने में लगी थी और मैं अपनी पूरी रफ्तार से उसे चोदने में लगा था.

शन्नो बोली- मेरे मालिक, मेरे सरताज, आज की इस रात को यादगार बना दो.

मैंने उसकी एक टांग उठा कर अपने कंधे पर रख कर चोदना शुरू कर दिया.
वो अपनी क़मर चलाने लगी.

मैं भी जोश में आकर जोर जोर से झटके लगाने लगा.
आज उसके बदन की खुशबू मुझे जोश में भर रही थी.

चुदाई की आवाज कमरे में गूंज रही थी और हम दोनों भूल गए थे कि घर में साहिल भी है और रात का समय है.

आज हम दोनों बिल्कुल आजाद थे और बस चुदाई चुदाई ही दिख रही थी.

शन्नो का शरीर अकड़ गया और चूत ने पानी छोड़ दिया. गीला लंड फच्च फच्च करके अन्दर बाहर होने लगा.

अब मैंने शन्नो को बोला- साली रंडी … चल आजा मेरे लौड़े पर बैठ जा.
वो लंड पर बैठ गई और बोली- मेरे सरताज, अपनी इस मुल्ली शन्नो को अपने लंड पर बिठा कर जन्नत की सैर करवा दे

मैं झटके लगाने लगा, वो भी उछल उछल कर लंड पर कूदने लगी और लंड के घोड़े पर सवार होकर सरपट दौड़ने लगी.

मैंने उसकी चूचियां की लगाम बना ली और खींचने लगा. वो और जोश में आकर उछलने लगी. अब रूम में चुदाई का घमासान मच गया था.

थोड़ी देर बाद मैंने शन्नो को लंड से उठाकर बिस्तर पर लिटा दिया और उसकी चूत में लंड घुसा कर गपागप गपागप अन्दर बाहर करने लगा.

मेरे लौड़े ने अपनी रफ़्तार बढ़ा दी और तेज़ी से अन्दर-बाहर करने लगा.

अब हम दोनों की सिसकारियां तेज़ हो गईं और आहह आहहह आहह करके पूरा कमरा गूंजने लगा.

शन्नो आज बहुत खुश थी क्योंकि उसे रात में चुदाई का मौका कितने सालों बाद मिला था. हम दोनों गपागप गपागप चुदाई का मज़ा लेने लगे थे.

एक दोनों ने एक दूसरे को कस कर पकड़ लिया और दोनों की सिसकारियां तेज़ हो गईं और सांसें भरने लगीं.
फिर एक साथ दोनों ने पानी छोड़ दिया और चिपक कर लेट गए.

थोड़ी देर बाद दोनों अलग हुए और बातें करने लगे. मैंने शन्नो को बताया कि ये मेरी ग्यारहवीं सुहागरात है और किसी मुल्ली मुस्लिम औरत के साथ दूसरी बार.

वो बोली- वाह मेरे सरताज … ऊपर वाला तुम्हारे लौड़े को ताकत दे … तुम और चूतों को अपने लंड से जन्नत की सैर कराओ.
मैंने कहा- आमीन.

शन्नो हंसने लगी और मेरे लौड़े को मुंह में लेकर चूसने लगी.
मैं उसकी गांड के सुराख में उंगली डालने लगा.

वो वासना से भरी हुई सिसकारियां लेकर लंड को गपागप गपागप चूसने लगी.

इस बार मैंने शन्नो को कुतिया बनाकर चोदना शुरू कर दिया और उसकी चूचियों को मसलने लगा.
शन्नो ‘अहह अह ओहल्ला’ चिल्लाने लगी.

मैंने झटकों की रफ्तार बढ़ा दी और शन्नो अपनी गांड को आगे पीछे करने लगी.

अब कमरे में लंड और गांड की रेस शुरू हो गई थी और आहह आहह की आवाज से पूरा कमरा गूंज रहा था.
मेरा लौड़ा साहिल की रंडी छिनाल अम्मी शन्नो को गपागप गपागप चोद रहा था.

कुछ देर यूं ही चोदने के बाद मैंने लंड निकाल लिया और शन्नो को लिटा कर उसके ऊपर चढ़कर चोदने लगा.

मैंने शन्नो के बाल हाथों में पकड़े और उसे तेजी से चोदना शुरू कर दिया.

‘आहह अह ओह याला बचाओ मर गई …’
मैंने कहा- साली छिनाल लंड का मज़ा ले भैन की लौड़ी.

मैं उसे रंडी समझ कर बेरहमी से चोदने लगा.

वो कराहती हुई बोली- आह खुदा के लिए मुझ पर रहम कर … मुझे दर्द हो रहा है.
मैंने कहा- ले कुतिया तेरे बाल छोड़ देता हूँ.

मैं उसके गालों पर थप्पड़ मारने लगा तो वो और जोरों से चिल्लाने लगी.

मैंने कहा- साली छिनाल आज इतना क्यों चिल्ला रही है … साहिल आ गया तो तेरी बदनामी हो जाएगी.

साहिल का नाम सुनते ही उसने अपनी आवाज धीमी कर दी और मेरे लौड़े के झटकों से अपने होंठ दबाने लगी.

अब मेरा लौड़ा भी थोड़ा थक चुका था.
मैंने उसे सीधा लिटा दिया और उसकी चूत में लंड घुसा दिया, सटासट सटासट लंड चुत में अन्दर बाहर करने लगा.

हम दोनों की सिसकारियां तेज़ हो गई थीं और ‘आह ओहहह आहहह …’ की आवाज से पूरा कमरा गूंज उठा था.

मैंने शन्नो की दोनों टांगों को मोड़ दिया और तेज़ तेज़ झटके देकर उसे चोदने लगा.

वो ‘आहह अल्लाह अल्लाह अल्लाह मैं गई आह …’ करने लगी और मैं भी जोश में आकर गपागप अन्दर बाहर करने लगा.
तभी शन्नो की चूत कसने लगी और मैंने अपने लौड़े की और ज्यादा रफ्तार बढ़ा दी.

तभी सैलाब बह निकला और हम दोनों चिपक गए. हम दोनों ने एक साथ पानी छोड़ दिया था. झड़ते हुए ही दोनों एक-दूसरे से लिपटकर किस करने लगे और सो गए.

सुबह 6 बजे शन्नो की नींद खुली तो मैं उसके ऊपर लेट कर खर्राटे मार रहा था.

उसने मुझे जगाया और बोली- राज उठो … सुबह हो गई है.

मैंने देखा तो 6 बजे थे. साहिल 7 बजे उठता था. मैंने शन्नो को पानी लाने के लिए बोला, वो उठकर पानी लाई.
मैंने पानी पिया और बचा हुआ शन्नो पी गई.

उसे सुबह सुबह नंगी देख कर मेरा लौड़ा धीरे धीरे खड़ा होने लगा. मैंने शन्नो को अपनी तरफ खींच लिया और उसके होंठों को चूसने लगा.
वो भी साथ देने लगी और मेरे लौड़े को सहलाने लगी.

मैंने उसे नीचे बैठा दिया और उसके होंठों पर लंड फिराने लगा.
वो मुंह खोल कर लौड़े को गले तक अन्दर ले गई और लंड को लॉलीपॉप समझकर चूसने लगी.

मैं उसके बूब्स मसलने लगा.

थोड़ी देर बाद मैंने उसे उठाकर लंड पर बैठा दिया. लंड चुत में सरसराता चला गया.
वो अपनी चुत में लंड को गपागप गपागप अन्दर तक ले रही थी और आहह आहह हह करके लौड़े पर उछलने लगी थी.

कुछ ही देर में शन्नो मस्ती में आ गई और लंड पर बेहिसाब कूदने लगी.
मेरा लंड चुत के अन्दर बच्चेदानी तक जाने लगा. मेरा पूरा लौड़ा अन्दर तक जाने से शन्नो रंडी की तरह खुश हो रही थी और आहहहह आहहहहह करके अपनी गांड पटक रही थी.

कुछ देर बाद मैंने उसे कुतिया बना दिया और गांड में घुसा कर गपागप गपागप चोदने लगा.

वो बोली- मेरी चूत में लंड घुसाओ.
मैंने उसके गालों पर थप्पड़ मारने शुरू कर दिए और बोला- साली छिनाल तू मुझे हुक्म कर रही है बहन की लवड़ी!

मैं उसे जमकर चोदने लगा और उसके दोनों गालों को चूम चूम कर लाल कर दिया.

वो बेहाल हो गई, तो मैंने लंड निकाल कर चूत में घुसा दिया और उसकी चूचियों को दबाने मसलने लगा.

‘आह हल्ला बचाओ इतनी बेरहमी से नहीं करो … आहल्ला बचाओ.’

मैंने लंड और तेज़ तेज़ अन्दर बाहर करना शुरू कर दिया.
शन्नो की चीख निकल पड़ी और चूत ने पानी छोड़ दिया.

मैंने गीला लंड निकाल कर गांड में घुसा दिया और तेज़ तेज़ चोदने लगा.

शन्नो फिर से चिल्लाने लगी. मैंने भी अपने लौड़े की रफ्तार बढ़ा दी और तेज़ी से अन्दर-बाहर करने लगा.
मैं पूरी तरह से लंड गांड में घुसा कर गपागप गपागप चोदने लगा था.

कुछ देर बाद मैंने फिर से लंड चूत में घुसा दिया और चूत को चोदने लगा.

मैंने फिर से लंड गांड में घुसा दिया और धाएं धाएं गांड मारने लगा.

मेरा लंड शन्नो की गांड में बिजली की रफ्तार से चलने लगा था.

थोड़ी देर बाद मेरे लौड़े ने गर्म वीर्य की धार छोड़ दी और शन्नो की गांड भर दी.

मैंने लंड गांड में खाली किया और उसको चूत में घुसा दिया.
थोड़ा रस चुत में भी गया.

शन्नो की चूत से उसका और मेरा पानी मिलकर बाहर निकलने लगा.

फिर मैंने घड़ी में देखा तो 6:40 हो गए थे.
शन्नो ने झट से एक कुतिया के जैसे लंड को चूस कर साफ़ कर दिया.

उसने मुझसे मैक्सी का पूछा और बैग से निकाल कर मैक्सी पहन कर दरवाजा बंद करके नीचे आ गई.

क़मरे में शन्नो के गहने और कपड़े चारों तरफ पड़े हुए थे.

मैंने सब उठाकर बैग में रख दिए और अंडरवियर पहन कर लेट गया.

दोस्तो, इस तरह मैंने एक आंटी शन्नो को रात भर चोदा और उसके साथ सुहागरात मनाई.

दूसरे दिन भी मैंने शन्नो को रात में चार बार पेला.

इसके बाद मैंने अपने दोस्त साहिल के सामने भी उसकी अम्मी को चोदा था. वो सेक्स कहानी मैं अगली बार लिखूँगा.

उस सेक्स कहानी में मैंने साहिल को उसकी अम्मी की चुदाई दिखा कर उसे भी अपनी अम्मी को चोदने के लिए व्याकुल कर दिया था.
साहिल की अम्मी भी मुझसे चुदते समय अपने बेटे से चुदने की इच्छा जाहिर कर रही थी.
ये देख और सुनकर साहिल अपनी अम्मी को चोदने के लिए मचल गया था.

दोस्तो, सेक्स विद हॉट आंट कहानी पढ़कर कमेंट्स जरूर करें और अपने दोस्तों को भी इस सेक्स कहानी को पढ़वाएं.
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