दूर के रिश्ते में बहन की चुदाई

बेस्ट Xxx कजिन चुदाई का मजा मुझे हमारे घर के पास ही रहने वाली मेरी एक दूर की बहन ने दिया। मैं उसकी जवानी देख पागल था। एक दिन उसके घर कोई नहीं था … और फिर …

प्यारे दोस्तो!
मेरा नाम राज है और मैं पहली बार अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज पर कहानी लिखने जा रहा हूं।
पता नहीं स्टोरी कैसी लगेगी, आप लोगों को पसंद आएगी या नहीं, यह तो आपको कहानी पढ़ने के बाद ही समझ में आएगा।
मैं उम्मीद करता हूं कि आप लोगों को यह कहानी अच्छी लगेगी।

मुझे सेक्स के बारे में बहुत पहले से, यानि छोटी उम्र में ही पता चल गया था।
इसकी वजह से मेरे अंदर सेक्स के प्रति बहुत ही ज्यादा आकर्षण हो गया था।

लेकिन कहते हैं कि वक्त से पहले कुछ चीजें मिलती नहीं हैं।
मेरे साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ था, मुझे सेक्स ये अनुभव बहुत बाद में आकर हुआ।

तो मैं आपको अब वो वाकया बताने जा रहा हूं।
यह घटना वैसे सालभर पहले की है।

मेरी पहली सेक्स कहानी एकदम सच्ची है लेकिन गोपनीयता के लिए मैं यहां पर पात्रों के नाम बदल रहा हूं।
मैंने कहानी की नायिका का नाम नीरा रखा है जिसने मुझे बेस्ट Xxx कजिन चुदाई का मजा दिया था.

नीरा उस वक्त 21 साल की थी। उसका फिगर एकदम हिरोइनों के जैसा है। वो रिश्ते में मेरी दूर की बहन लगती है।

लेकिन जब से मैंने उसको जवान हुए देखा था मैं उसको चोदने के ख्यालों में ही रहता था।

आपको बता दूं कि मैं मोबाइल का काम करता हूं और मेरी खुद की दुकान है।
दुकान पर नीरा भी आया करती थी इसलिए किसी न किसी बहाने से मैं उसके घर भी चला जाता था।

कभी मैं उसके लिए चॉकलेट लेकर जाता तो कभी कुछ खाने की चीज, ऐसे ही उसको पटाने और अपने जाल में फंसाने की कोशिशों में लगा रहता था।

बाद में मुझे पता चला कि उसका एक बॉयफ्रेंड भी है।

फिर बातों ही बातों में मैंने उससे पूछा कि उन दोनों के बीच कुछ हुआ है कि नहीं।
उसने बताया कि उन दोनों के बीच सब कुछ हो चुका था।

अब तो मेरा मन और भी उसको चोदने के लिए करने लगा।
जब वो पहले ही चुद चुकी थी तो फिर मैं पीछे कैसे रहता।

मैंने उसको अपने लंड के नीचे लाने के लिए जाल बिछाना शुरू कर दिया।
मैं बहाने से उसको छूने लगा, छेड़ने लगा, कभी उसकी छाती तक हाथ ले जाता तो कभी चूत के पास।
नीरा भी इस बात पर ज्यादा ध्यान नहीं देती थी।

ऐसे ही एक बार मैं उसके घर चॉकलेट लेकर गया।
उस दिन मैं सोच रहा था कि अगर मौका मिला तो आज ये चॉकलेट उसकी चूत में डालकर ही खाऊंगा।

मैं पहुंचा तो वह अपने किसी काम में लगी हुई थी।
मैंने देखा कि उसके घर पर कोई नहीं था।
ये मौका देखकर मैंने बार बार अपने लंड को खुजलाना शुरू कर दिया।

जानबूझकर मैं उसके सामने लंड को खुजला रहा था।

एक दो बार तो उसने ध्यान नहीं दिया लेकिन जब बार बार मेरा हाथ वहीं जाने लगा तो वह भी गौर करने लगी।
फिर मैंने उससे कह ही दिया- मेरे यहां पर बहुत खुजली हो रही है।

मेरा लंड मेरी लोअर में पहले ही अपना आकार ले चुका था।
वो मेरे लंड को थोड़ा ध्यान देकर देखने लगी लेकिन साथ में नजर भी चुरा रही थी।

फिर मैंने दोबारा से कहा तो वो शर्मा गई।

मैं बोला- देखो ना नीरा … बहुत खुजली हो रही है, बंद ही नहीं हो रही। तुम एक बार देखो ना क्या दिक्कत है?
वो बोली- तू पागल है क्या, मैं क्या देखूं … मुझे शर्म आ रही है!

मैंने कहा- यार, शर्म की क्या बात है, हम दोनों दोस्त जैसे हैं बिल्कुल, तुझसे ही तो मैं सारी चीजें शेयर करता हूं। एक बार देख ना आकर!

वो थोड़ी हिचकी लेकिन फिर उठकर आ गई।
बोली- कहां हो रही है?
मैंने हाथ लगाकर दिखाते हुए कहा- यहां! तुम थोड़ा सा खुजला दो ना … मैं तो कर करके थक गया हूं।
फिर वो मेरे लंड पर खुजलाने लगी जिससे मेरा लंड और ज्यादा टाइट हो गया।

मुझे बहुत मजा आने लगा उसके हाथ से लंड खुजलवाने में!
मैंने देखा कि वो भी अब बड़े चाव से मेरे लंड को पकड़ कर खुजला रही थी।
शायद बहुत दिनों से उसको लंड नहीं मिला था।

फिर मैंने कहा- यार पकड़ कर अच्छे से कर दे ना, या फिर बाहर ही निकाल ले।
वो बोली- धत्त … दिमाग खराब है तेरा, बहन लगती हूं तेरी!
मैंने कहा- बहन तो बस कहने को है ना, हम दोनों दोस्त ज्यादा हैं, दोस्त के काम नहीं आ सकती क्या तू?

नीरा- पागल हो गया है तू!
मैं बोला- हां यार, हो गया हूं, तू बस कर दे।
फिर मैंने उसके कुछ कहने से पहले ही अपनी लोअर नीचे कर दी और लंड निकाल कर खड़ा हो गया।

वो मेरे तने हुए लंड को देखकर हैरान हो गई।
मैंने कहा- कर दे ना यार, बहुत जोर से खुजली हो रही है।

फिर उसने मेरे लंड को एक हाथ में पकड़ लिया और दूसरे से खुजलाने लगी।

मेरा लंड अब और सख्त हो गया; एकदम से लोहे जैसा।
अब मेरा मन कर रहा था कि बस वो उसे चूस ले।

मैंने बोला- नीरा, मैंने कभी सेक्स नहीं किया है, आज बहुत मन कर रहा है, तू मेरी मदद करे देगी क्या?
वो कुछ नहीं बोली और एकदम से सन्न रह गई।

मैंने कहा- देख यार, मना मत करना, अगर और कुछ नहीं तो एक बार चूस ही दे?

उसने कुछ पल के लिए सोचा और फिर बोली- देख, किसी को पता नहीं लगनी चाहिए ये बात, नहीं तो बहुत बदनामी होगी।
मैं बोला- कसम से, किसी से नहीं कहूंगा।
वो बोली- ठीक है, लेकिन मैं बस तेरा मन रखने के लिए कर रही हूं ये सब!
मैंने बोला- हां, ठीक है, जैसी तेरी मर्जी।

फिर उसने मेरे लंड को एकदम से मुंह में भर लिया और मजे से चूसने लगी।
मेरी भी एकदम से सिसकारियां निकलने लगीं।

उसके चूसने के अंदाज से लग रहा था कि वो भी बस इसी इंतजार में थी कि कब उसे लंड का स्वाद लेने को मिले।
मैंने उसके सिर को पकड़ लिया और धक्के देने शुरू किए।
वो भी लंड को पूरा अंदर तक ले जा रही थी।

मैं काबू से बाहर हो गया, अब मेरे लिए रुकना संभव नहीं था।
मैंने कहा- नीरा … आह्ह … स्स्स … बहुत मजा आ रहा है … एक बार सलवार उतार ले ना … प्लीज!
वो बोली- दिमाग तो ठीक है तेरा, मैं ये सब नहीं करने वाली, पहले ही बताया था तुझे!

फिर मैंने उससे विनती करते हुए कहा- देख, आज बहुत मन है, मुझे तो आजतक किसी लड़की ने भाव नहीं दिया, तू भी मेरी मदद नहीं करेगी क्या?
वो बोली- नहीं, कोई आ जाएगा।
मैंने कहा- बस थो़ड़ी देर की ही बात है, कोई नहीं आएगा।

फिर वो तैयार हो गई और उठ कर खड़ी हो गई। मैं एकदम से उस पर टूट पड़ा और उसकी चूचियों को दबाने लगा। उसने सूट पहना हुआ था और नीचे से ब्रा भी थी जो मुझे मेरे हाथों पर दबाते हुए महसूस हो रही थी।

कभी मैं उसकी चूचियों को दबाता तो कभी चूतड़ों को भींचते हुए उसको किस करने की कोशिश करता। वो भी धीरे धीरे पूरी तरह से गर्म होने लगी। अब उसने भी मुझे बांहों में भर लिया और हम दोनों एक दूसरे के होंठों को चूसने लगे।

फिर मैंने उसे जल्दी से कपड़े उतारने का कहकर उसके शर्ट को हाथ ऊपर करवाकर निकलवा दिया।
उसने सफ़ेद ब्रा डाली हुई थी।

उसकी चूचियां एकदम से कसी हुई थीं।
उन्हें देखकर ही लग रहा था कि उसके बॉयफ्रेंड से उसने बहुत भिंचवाई हैं।

फिर मैंने उसकी ब्रा में ही चूचियों की क्लीवेज में मुंह दे दिया और चूमने लगा।

इस बीच मैं उसके चूतड़ों को भींचते हुए अपना लंड उसकी सलवार पर चूत वाली जगह पर घुसाने की कोशिश कर रहा था।

फिर मैंने उसकी ब्रा भी उतरवा दी और चूचियों पर टूट पड़ा।
उसकी चूचियां एकदम से गोरी थीं जो मेरे हाथों से भींचे जाने के बाद लाल हो गई थीं।

मैं बारी बारी दोनों चूचियों का दूध निचोड़ने में लगा था।
कभी पूरा चूचा मुंह में भरने की कोशिश करता तो कभी निप्पलों को दांतों के बीच में भींचने का मजा लेता।

वो भी जोर से सिसकार देती थी।

मेरा एक हाथ अब उसकी सलवार के ऊपर से ही उसकी चूत को रगड़ने लगा।
मैंने जल्दी से उसकी सलवार में हाथ अंदर दे दिया और जांघिया के ऊपर से चूत को सहलाने लगा।

उसकी चूत गीली होनी शुरू हो गई थी जिसका सबूत उसकी पैंटी पर चूत के छेद के ठीक सामने लगा गीलापन दे रहा था।

अब मैंने उसकी सलवार भी उतरवा दी।
मैंने अपना टीशर्ट भी उतार दिया और एक बार फिर से उसको भींचकर होंठों पर चूसने लगा।

वो भी मेरे से लिपट गई और चूत को मेरे लंड पर सटाने की कोशिश करने लगी।

जल्दी से मैंने उसकी पैंटी नीचे खींची और वहीं बैठकर उसकी चूत में मुंह दे दिया।
मैं उसकी गीली चूत से निकलते नमकीन रस का स्वाद लेने लगा।

चूत चिकनी थी और साफ की गई थी।
अंदर से चूत गहरी गुलाबी थी और बाहर से थोड़ी सांवली, इतनी सेक्सी चूत मैंने तो कभी नहीं देखी थी।

मैं चूत में जीभ अंदर घुसाने लगा और वो पागल सी होने लगी।
उसकी टांगें कांपने लगी और वो मेरे सिर को पकड़ कर होंठों को चूत पर रगड़वाने लगी।

वो टांगों को खोलने की कोशिश करते हुए मेरे मुंह को चूत पर दबा रही थी।
मैं जान गया था कि अब उसके अंदर चुदने की प्यास पूरी तरह से जाग गई है।

फिर उसने मुझे उठाया और मेरे होंठों को जोर जोर से चूसने लगी।
नीचे से वो चूत को बार बार लंड पर छुआ रही थी।

मैं समझ गया कि अब इसको लंड चाहिए।
मैंने उसकी चूत पर लंड को सटाया और वहीं पर खड़े खड़े ही लंड को उसकी चूत में चढ़ाने की कोशिश करने लगा।

मैंने जोर से धक्का दिया तो लंड उसकी चूत में घुस गया।
वो छटपटा गई और एकदम से ‘आई …’ बोलते हुए मेरे से लिपट गई।

मैं बोला- क्या हुआ जान?
वो बोली- आराम से करो … बहुत दर्द हो रहा है, मोटा है तुम्हारा!

फिर मैंने थोड़ा विराम दिया।
धीरे धीरे लंड को चूत में हिलाते हुए मैंने उसको सहज किया।

अब मैंने थोड़ा और धक्का दिया तो उसको फिर से दर्द हुआ लेकिन पहले से थोड़ा कम!

लंड 2-3 इंच तक चूत के अंदर जा चुका था।
अब मैंने धीरे धीरे उसको चोदना शुरू किया।

कुछ देर में उसको मजा आने लगा और बोली- अब पूरा अंदर-बाहर करो।

अब मैं लंड को पूरा घुसाकर चोदने लगा।
उसकी सिसकारियां निकलने लगीं।

मुझे भी उसको चोदते हुए स्वर्ग सा मजा आने लगा।

मेरी स्पी़ड बढ़ने लगी तो वह भी चिल्लाने लगी- आह्ह … आह्ह और जोर से … और जोर से आह्ह!
मैं और तेजी के साथ धक्के देने लगा।

मेरा माल अब निकलने की कगार पर था और मैं बेस्ट Xxx चुदाई में मदहोश होकर धक्के लगा रहा था।

8-10 धक्कों के बाद ही मेरा वीर्य चूत में छूट पड़ा और मैं उसे बेड की ओर लेकर उसके ऊपर ही गिर गया।
वो समझ गई कि मेरा माल निकल गया है।

उसने मेरी पीठ पर हाथों को रख लिया और मैं कुछ पल ऐसे ही उसके ऊपर लेटा रहा।

फिर हम उठे और उसने आप को साफ किया। उसने मेरे लंड को भी साफ किया।

उसने लंड को साफ करते हुए ही दोबारा से मुंह में ले लिया और चूसने लगी।
वो चूसती रही और फिर मेरा लंड दोबारा से खड़ा हो गया।

अब मेरा मन उसकी गांड चोदने का कर रहा था।
मैंने उससे गांड चोदने की बात कही तो वो मना करने लगी।

वो बोली- मैंने कभी पीछे नहीं लिया है।
मैंने कहा- तो मैंने कौन सा पहले किसी की मारी है, मैं भी पहली बार ही कर रहा हूं।
फिर वो मेरे जिद करने पर मान गई।

मैंने उससे तेल लाने को कहा तो वो लेकर आ गई।
उसे झुका कर मैंने उसकी गांड के छेद में तेल लगाया और फिर अपने लंड पर भी लगाया।

धीरे धीरे मैंने लंड उसकी गांड में डालना शुरू किया।
उसे दर्द होने लगा और चिल्लाने लगी- आईईई … मर गई … मत डालो … वापस निकालो।
लेकिन मैं नहीं रुका, क्योंकि गांड में दर्द तो होना ही था।

वो छूटने लगी तो मैंने उसको पकड़ लिया और लंड को सरका सरका कर गांड में उतार दिया।

फिर कुछ देर मैं रुक गया और वो शांत हो गई।

अब मैंने उसको गर्दन पर किस करते हुए उसकी चूचियां दबाना शुरू किया।
उसे मजा आने लगा और वो धीरे धीरे गांड को हिलाने लगी।

अब मैंने गांड में लंड को हिलाना शुरू किया और धीरे धीरे मेरी बहन की गांड चुदाई भी शुरू हो गई।

मुझे अब और ज्यादा मजा आ रहा था।
कुछ देर बाद मैं तेजी से उसकी गांड चोदने लगा और वो भी पूरा साथ देने लगी।

दस-पंद्रह मिनट तक मैंने उसकी गांड चोदी और मेरा माल गिरने को हो गया।
मैंने कहा- मेरा होने वाला है!
वो बोली- अंदर ही निकाल देना!

कुछ ही पल में मेरे लंड से माल छूट गया।

इस तरह से नीरा के साथ मेरी पहली चुदाई की शुरुआत हुई।

दोस्तो, उसके बाद हम दोनों के बीच में सेक्स, चुदाई, चूसना-चाटना बहुत आम हो गया।
मौका मिलते ही हम शुरू हो जाते थे।
अब एक साल से ज्याद हो गया है, हम दोनों पूरा मजा लेकर चुदाई करते हैं।

तो ये थी मेरी दूर की बहन की चुदाई की कहानी।
आपको ये बेस्ट Xxx स्टोरी कैसी लगी मुझे जरूर बताना। मैं आप सबकी प्रतिक्रियाओं का इंतजार करूंगा। आप कहानी पर कमेंट्स में अपनी राय दे सकते हैं या फिर ईमेल के माध्यम से भी मुझे बता सकते हैं।
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