दुकान वाली जवान भाभी की चुत चुदाई- 1

हॉट सेक्सी भाभी की कहानी मेरे पड़ोस में परचून की दूकान चलाने वाली भाभी की है. साड़ी में उनकी गहरी नाभि देख मेरा मन मचल जाता था. बात आगे कैसे बढ़ी?

दोस्तो, मैं अनुज आपकी सेवा में पड़ोस में रहने वाली हॉट सेक्सी भाभी की कहानी लेकर हाजिर हूँ.

मेरी कॉलोनी की अगली गली में एक परचून की दुकान है. वो परचून की दुकान एक भाभी अपनी सास के साथ चलाती हैं. उन्हें मैं व्यक्तिगत तौर पर जानता हूं.

अलीगढ़ में कोरोना कर्फ्यू के कारण मेरा, भाभी की दुकान पर कोल्ड ड्रिंक पीने आना जाना बढ़ गया था.

भाभी भाभी का नाम चंचल था और उनकी उम्र लगभग 35 साल है. वे दिखने में बहुत सुंदर हैं.
उनका चेहरा गोल है, रंग भी गोरा है. भाभी एक भरे बदन की मालकिन हैं.

मुझे उनका साइज़ तो नहीं पता, पर उनके चूचे बहुत बड़े हैं और कमर पतली है. गांड बहुत मोटी और बाहर की ओर निकली हुई है, जिसे देख कर किसी का भी मन ललचा जाए.

भाभी हमेशा साड़ी पहना करती थीं तो उनका बदन बड़ा कामुक दिखता था.

शुरू शुरू में उनके लिए मेरा कोई गलत ख्याल नहीं था.
लेकिन जब जब मैं उनकी गहरी नाभि देखा करता था, तो मेरा मन मचल जाता था.

भाभी भी अपने शरीर को ढकने की पूरी कोशिश करती थीं … लेकिन साड़ी में कुछ न कुछ ढकने से रह ही जाता था.

उनकी सास को मैं अम्मा कहता था जोकि 60 साल से ऊपर की थीं. उन्हें उठने बैठने में काफी दिक्कत होती थी.

काफी दिनों तक मेरी निगाहों ने भाभी को वासना की दृष्टि से देखा तो भाभी समझ चुकी थीं कि मैं उनके शरीर को घूरता हूं.

मैं अम्मा से हंसी मजाक करता था तो कभी कभी भाभी भी हंस दिया करती थीं.
भाभी को एक 7 साल का लड़का भी था, वो दुकान में ही पढ़ता रहता था.
उनके पति यानी भैया एक सरकारी बैंक में नौकरी करते थे, तो वो अपने घर से बाहर ही रहते थे.

ऐसे ही लगभग एक महीने तक भाभी को देखना ही चलता रहा.

एक दिन मैं दोपहर को 2:00 बजे कोल्ड ड्रिंक पीने गया.
मैं बाहर खड़ा होकर कोल्ड ड्रिंक पी रहा था.
तभी आगे एक दुकान पर पुलिस की गाड़ी आ गई. क्योंकि उस समय कोरोना कर्फ्यू चल रहा था तो दुकानें चोरी छिपे खुल रही थीं.

पुलिस को आया देख कर अम्मा एकदम से घबरा गईं और शटर गिराने को उठने लगीं. लेकिन वह बूढ़ी थीं, इसलिए उनसे जल्दी से उठा नहीं गया. मैंने तुरंत दुकान में अन्दर घुस कर शटर गिरा दिया.

कुछ देर ऐसे ही बैठे रहने के बाद अम्मा बोलीं- सामने वाली दुकान पर बहुत हंगामा होने की आवाज आ रही है, मैं देख कर आती हूं.

मैंने शटर ऊपर करके उनको बाहर निकाल दिया और शटर फिर से गिरा दिया.

भैया उस समय ड्यूटी पर गए थे.
उस वक्त दुकान के अन्दर मैं भाभी और उनका बेटा था. बेटा फोन में कार्टून वीडियो देखने में लगा हुआ था.

मेरी बात भाभी से ही हो रही थी.
भाभी मेरे पास ही कुर्सी पर बैठी थीं, उनका शरीर देखकर मैं पागल हो रहा था.

उस समय उन्होंने हरे रंग की साड़ी पहनी हुई थी.

भाभी सब समझ रही थीं कि मैं उनके शरीर को कुछ ज्यादा ही घूर रहा हूं.
वे इधर उधर देखने लगी थीं.
मैं भी अपने फोन में व्यस्त हो गया.

तभी मैं बोला- भाभी, वहां ऊपर से बिस्कुट का पैकेट उतार दीजिए.

ये सुनकर भाभी ने अपना एक पैर स्टूल पर रखा और दूसरा सामान रखने वाले खांचे पर रखा. वो थोड़ा ऊपर को उठकर सामान उतारने लगीं.

फिर जैसे ही उन्होंने बिस्कुट का पैकेट पकड़ा, उसके साथ पूरा सामान नीचे आने लगा. जिससे भाभी हल्की सी असंतुलित हुईं.

वो गिरने को हुईं, तभी पता नहीं कैसे मैंने उन्हें पकड़ने के चक्कर में उनकी मोटी गांड पर अपने दोनों हाथ लगा दिए.
इससे भाभी गिरने से तो बच गईं लेकिन वो चौंक गई कि मैंने उनकी गांड पर हाथ रख कर उन्हें बचाया.

उनकी वो जाने दोस्तो, लेकिन मैं अपनी क्या बताऊं … कितनी गुदगुदी गांड थी भाभी की.

एक मिनट बाद हम दोनों ऐसे व्यवहार करने लगे जैसे कुछ हुआ ही ना हो.
इधर मेरे लोअर में लंड खड़ा हो रहा था जिसे भाभी देख रही थीं.

मैं बार-बार लंड को एडजस्ट कर रहा था.
उनका बेटा अभी भी आगे वाली कुर्सी पर बैठा हुआ था और हम दोनों पीछे थे.

फिर कुछ देर बाद अम्मा ने आकर आवाज दी तो मैंने शटर उठाकर उन्हें अन्दर किया और खुद अपने घर आ गया.

उस रात मैं भाभी की गांड के स्पर्श के अहसास इतना अधिक उत्तेजित हो गया था कि मुझसे रहा ही नहीं जा रहा था.
मैंने लंड हिलाया और भाभी के नाम की मुठ मार ली.
लंड ढीला हुआ और थकान हुई तो नींद आ गई और मैं सो गया.

फिर अगले दिन मैं उसी समय कोल्डड्रिंक पीने गया.
तब भी भाभी अन्दर ही बैठी थीं.

मैंने कोल्ड ड्रिंक ली और पीने लगा. मैं यह चैक करने गया था कि भाभी के ऊपर कल का क्या प्रभाव पड़ा. वो मुझसे बात करती हैं या नहीं.
यदि भाभी का मूड ठीक लगता तो मुझे आगे की बात पता चल जाएगी कि भाभी से सैटिंग हो पाएगी या नहीं.

मैं ये देख कर खुश था कि भाभी कल के जैसे ही मुझसे बात कर रही थीं. उन पर कल की घटना का कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा था.

जैसे ही मैं भाभी के पास आया, तभी अचानक से उनकी सास अम्मा जी आ गईं और मुझसे पूछने लगीं कि अनुज यह ऑनलाइन पैसे कैसे जाते हैं? मुझसे बनता नहीं है, तुम इसे समझा दो.

अम्मा ने भाभी की तरफ इशारा कर दिया.

मैं बोला- ठीक है अम्मा, मैं भाभी को समझा देता हूं.

अम्मा ने मुझे अन्दर आने को कहा तो मैं अन्दर आ गया.

अन्दर आकर मैं भाभी के बराबर में स्टूल डालकर बैठ गया और कोल्ड ड्रिंक पीने लगा.

मैंने भाभी का फोन अपने हाथ में लिया और उनको समझाने लगा.
इस समय भाभी मेरे बहुत करीब थीं, मुझे उनकी मादक खुशबू का अहसास गर्म कर रहा था.

तभी मैंने कोल्ड ड्रिंक की बोतल रखने के बहाने अपना हाथ उनके मम्मों से होकर दूसरी ओर ले गया और कोल्ड ड्रिंक की बोतल उस तरफ रख दी.
ये सब करते समय मैं अपने हाथ को उनके चूचों से चिपकाता हुआ ले गया था. इससे उनका ब्लाउज दब गया पर उन्होंने कुछ नहीं कहा.

अब मैं समझ चुका था कि भाभी का झुकाव भी मेरी ओर हो रहा है.

मैंने भाभी की तरफ देखा और उन्हें मोबाइल में समझाने लगा. उनके जिस्म की रगड़ मुझे मिलने लगी और मेरी आंखें वासना से तप्त हो गईं.

चूंकि मैं सिगरेट पीता था तो इस वक्त मुझे अपनी उत्तेजनावश सिगरेट पीने की तलब लग रही थी.
मैंने भाभी से कई बार सिगरेट खरीदी थी लेकिन अम्मा या भाभी के सामने कभी सिगरेट पी नहीं थी.

मैंने भाभी से धीमे से पूछा- भाभी, सिगरेट किधर रखी है.

अम्मा ने शायद सुन लिया था तो वो मुझसे दूर होने के लिए बाहर निकल कर सामने वाले घर में चली गईं.

अम्मा के जाते ही भाभी ने सिगरेट निकाल कर दे दी.

मैंने उनकी तरफ देखा तो बोलीं- पीना है क्या?
मैंने कहा- आपको कोई दिक्कत न हो तो!

भाभी बोलीं- पी लो … मुझे कोई दिक्कत नहीं है.
मैंने सिगेरट सुलगाई और कश लगाने लगा.

उनका बेटा भी उसी समय अन्दर चला गया. मैंने भाभी की आंखों में देखा और सर ऊपर करके धुंआ उड़ा दिया.

भाभी बोलीं- अब पूरा कैसे जाएगा?

मैं हड़बड़ा गया और मैंने उनकी सवालिया नजरों को उठाया तो वो मोबाइल दिखाने लगीं.

‘पूरा पैसा खाते में कैसे जाएगा?’

मैं समझ गया कि भाभी दोअर्थी बात कर रही थीं.

मैंने कहा- धीरे धीरे सब चला जाएगा. मैं हूँ न सब कर दूंगा.

चंचल भाभी अपने होंठों को दांत से दबा कर मुस्कुराने लगीं.

फिर अम्मा आती हुई दिखीं तो मैं बाहर आ गया और सिगरेट फैंक कर घर चला गया.

अगले दिन मैं उनकी दुकान पर गया तो अम्मा अपने पोते को ना पढ़ने के कारण डांट रही थीं.

मुझे देख कर अम्मा मुझसे अपने पोते को लेकर कहने लगीं- ये पढ़ता नहीं है … सारा दिन मोबाइल में घुसा रहता है.
मैंने कहा- मैं इसे पढ़ा दिया करूंगा.

इस पर भाभी और अम्मा दोनों मान गईं.

मैं 2 दिन बाद से भाभी के लड़के को पढ़ाने उनके घर पर जाने लगा.
हॉट सेक्सी भाभी मेरे लिए चाय बना कर लाया करती थीं और मेरी भाभी से हल्की-फुल्की बात भी हो जाया करती थी.
अम्मा दुकान पर ही बैठा करती थीं.

ऐसे ही एक हफ्ता चलता रहा.

एक दिन मैंने मजाक में भाभी से बोल दिया कि आप एक और बच्चा पैदा कर लो.
उन्होंने बोला- सही कह रहे हो … जब तुम्हारी शादी होगी, तब पता चलेगा कि एक बच्चा संभालने में कितनी दिक्कत होती है.

मैंने भी कह दिया- मेरी शादी हुई होती भाभी, तो हर साल एक पैदा होता.
भाभी हंस कर चली गईं.
वो अम्मा को चाय देने गई थीं.

अब मैंने हिम्मत बढ़ाई और आगे बढ़ने की सोची.

उस दिन मैं पढ़ा रहा था और भाभी किचन में अपना काम कर रही थीं.
मैंने उनके बच्चे से बोला कि मैं टॉयलेट करके अभी आता हूं.

मैं जाकर के किचन में चला गया तो भाभी थोड़ी सी घबरा गईं और पूछने लगीं- क्या हुआ, क्या चाहिए?
मैंने कहा- भाभी मुझे सिगरेट पीने की तलब लगी थी तो इधर आ गया हूँ … उधर अम्मा हैं न!

भाभी ओके बोल कर सर झुका कर चाय बनाने लगीं.
मैंने सिगरेट सुलगा ली और कहा- भाभी, आज गाढ़े दूध की चाय बनाना.
वह हंस कर बोलीं- कल से अपना दूध ले आया करना. मेरे पास इतना ज्यादा गाढ़ा दूध नहीं होता है.

मैंने कहा- आपके पास है तो … इन्हीं के दूध की बना दिया करो.

भाभी ये सुनकर एकदम से चौंक गईं तभी मैंने बाहर देखा और सब कुछ मुताबिक़ पाते हुए भाभी के करीब आ गया.

मैंने हिम्मत करके भाभी को पीछे से पकड़ लिया.
भाभी सिहर गईं.

मैंने एक हाथ से उनकी चूची दबाना शुरू कर दी और दूसरे हाथ को उनकी कमर में डालकर कसके पकड़ लिया.
भाभी मुझसे दूर हटने की कोशिश कर रही थीं और साथ ही कामुक सिसकारियां भी ले रही थीं.

मैं लगातार भाभी की गर्दन पर चूम रहा था.

थोड़ी देर बाद हॉट सेक्सी भाभी का विरोध खत्म हो गया और अब वो आंख बंद कर आह आह कर रही थीं.
भाभी के निप्पल कड़क होने लगे थे. मैंने तुरन्त ब्लाउज के ऊपर से उनका एक निप्पल पकड़ लिया और मींजने लगा.

अब वो मचलने लगी थीं.
मेरा लंड भी उन्हें अपनी गांड पर महसूस हो रहा था.

मैंने उन्हें अपनी तरफ घुमाया और आगे से चूचे दबाने लगा.
भाभी बोलीं- अनुज क्या कर रहे हो … मेरे अन्दर आग लगती जा रही है.
मैंने कहा- हां भाभी आज मुझे अपनी और आपकी दोनों की जवानी की इस आग को बुझाना है.

भाभी कसमसाने लगी थीं और मैं उन्हें मसलता जा रहा था.

दोस्तो, पड़ोसन हॉट सेक्सी भाभी की कहानी को अगले भाग में पूरे विस्तार से लिखूंगा. आपको मेरी देसी भाभी सेक्स कहानी कैसी लग रही है, प्लीज़ मेल करना न भूलें.
[email protected]

हॉट सेक्सी भाभी की कहानी जारी है.

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