गे ऐप से ढूँढ कर जवान लौंडे की गांड मारी

यंग बॉय गांड लव कहानी में मैंने एक गे ऐप से एक गांडू लड़के को सेट किया, उसे होटल के कमरे में बुलाया और उसकी गांड मारी.

नमस्कार पाठको, मैं अन्तर्वासना का पुराना पाठक हूं और यह मेरी एक लेखक के तौर पर पहली गे गांड लव सेक्स कहानी है.

हालांकि मैं काफी समय से सोच रहा था कि मैं भी अपनी जिंदगी के कुछ हसीन पल आपके साथ साझा करूं परंतु कोई सटीक माध्यम नहीं मिल रहा था.

अब काफी सोच विचार के बाद मैंने सोचा है कि अन्तर्वासना के जरिए मैं अपने जिंदगी के कुछ किस्से आप सभी को सुनाऊंगा.

यंग बॉय गांड लव कहानी में सबसे पहले मैं आप लोगों को अपने बारे में बता देता हूँ.

मेरा नाम ऋषभ हुड्डा है और लोग मुझे प्यार से रिशु बुलाते हैं. मैं रोहतक, हरियाणा का रहने वाला हूं.
मेरी उम्र 21 साल की है और दिखने में मैं एक 6 फुट 1 इंच फुट लंबा हूँ व गोरा, जिम जाने वाला लड़का हूं.
मेरा वजन लगभग 75 किलो है, तो आप अंदाजा लगा सकते हैं कि मैं न मोटा और ना ज्यादा पतला हूँ, बल्कि एथलीट के जैसी बॉडी रखता हूं.

हालांकि मेरे पास सुनाने के लिए किस्से और कहानियों की कमी नहीं है, फिर भी मैं अपनी शुरुआत सबसे हाल ही में हुए वाकिये से शुरू करना चाहूंगा ताकि आप लोग मुझसे बेहतर तरीके से जुड़ पाएं.

ये बात एक नवंबर की है. तब मुझे हरियाणा पुलिस कांस्टेबल के पेपर के चलते रोहतक से यमुनानगर जाना था.

चूंकि मेरा पेपर एक तारीख को दूसरी शिफ्ट में था, इसलिए मैंने दो की रात को वहीं रुकना ठीक समझा.
अब जैसा कि मुझे मालूम था मैं कहीं बाहर जाऊं और किसी से मिले बिना वापिस आ जाऊं, ये तो संभव नहीं था. इसलिए मैंने एक तारीख से 2-3 दिन पहले ही अपने शिकार की खोज शुरू कर दी थी.

आप लोगों को मालूम ही होगा बाईसेक्सुअल और गे लोगों के लिए एक दूसरे से मिलने के लिए कुछ एप आजकल मोबाइल पर उपलब्ध हैं, जिससे आप अपने आस पास के लोगों से मिल सकते हैं.
मैंने भी अपनी लोकेशन यमुनानगर की डाल कर अपने गांड लव की खोज शुरू कर दी.

बहुत सारे लोगों से बात करने के बाद, पसंद नापसंद जानने के बाद मुझे फाइनली एक ऐसा मस्त लड़का मिला, जिससे मैं मिलने के लिए बेताब हो गया था … और शायद उसको भी मैं इतना ज्यादा पसंद आ गया था कि वो भी मिलने को बेचैन हो गया था.

उसका नाम वरुण था. उम्र 23 साल और दिखने में बहुत ही ज्यादा मस्त.
उसकी हाइट हालांकि 5 फुट 8 इंच ही थी और वजन कुछ 70 किलो का रहा होगा.

उसका रंग गेहुंआ और शरीर एकदम भरा हुआ था क्योंकि वो भी 2-3 साल से जिम जा रहा था.
उसके मोटे मोटे डोले थे और दिखने में एकदम सेक्सी बॉडी कि देखते ही किसी को भी पसंद आ जाए.

हमने दो दिन ऐसे ही बातें करके निकाला और सारा प्लान बनाया कि कैसे कब कहां मिलना है और क्या कुछ करना है.
दो दिनों तक बात करने के बाद फिर वो दिन आ ही गया था, जिस दिन मेरा हरियाणा पुलिस का पेपर था.

एक तारीख की सुबह सुबह मैं रोहतक से यमुनानगर के लिए निकल लिया.
करीब 12 बजे तक वहां पहुंच कर मैं रात को रुकने के लिए रूम की तलाश में लग गया. उधर ही हम दोनों को मिलना भी था.

काफी समय तक ढूंढने के बाद एक जगह कमरा मिला. वो सिंगल रूम अटैच्ड बाथरूम के साथ था.
मैंने फटाफट वो रूम लिया और सामान रख दिया.

थोड़ी देर बाद ही मेरा पेपर शुरू होना था, तो मैं सेंटर पर पहुंच गया और शाम के 4-30 बजे पेपर देकर वापिस रूम पर आ गया.

मैंने आते की वरुण को मैसेज किया कि आज आ रहे हो ना मिलने के लिए?
तो उसका रिप्लाई आया- हां बिल्कुल, इसी दिन का तो इंतजार था.

अब मतलब ये तो साफ था कि जितनी जल्दबाजी मिलने की मुझे थी, उतनी ही उसे भी थी.
मैं फटाफट कमरे के अटैच बाथरूम में गया, नहाया और तैयार होकर वरुण को फिर से मैसेज किया.
तब तक शाम के कुछ 6 बज चुके थे.

अब मुझे वरुण को लेने पास में ही चौक पर जाना था. मैं जल्दी से वहां पहुंचा और उसके आने का इंतजार करने लगा.
इसी बीच मेरी नजर वहां आस-पास घूम रहे मस्त लौंडों पर भी थी, जो सब भी हरियाणा पुलिस का पेपर देने के लिए आए थे.

मैं उन लोगों की जांघों और गांड को घूर ही रहा था कि इतने में सामने से वरुण आ गया.
यकीन मानिए जितना हॉट वो फोटो में दिख रहा था, असल में उससे कहीं ज्यादा था.

उसने सफेद रंग की टी-शर्ट डाल रखी थी जिसमें उसके मोटे डोले कुछ ऐसे उभरे हुए थे कि कोई भी देखने वाला मदहोश हो जाए.
जींस की पैंट पहनने के बावजूद भी उसकी मोटी गोल मटोल गांड एकदम बाहर निकली हुई थी.
रंग सांवला और हल्की हल्की दाढ़ी बहुत ही सुंदर लग रही थी.

मैं उससे गले मिला और हम दोनों यूं ही बात करते करते मेरे कमरे की ओर चल दिए.
यूं तो जैसे मैंने बताया चौक से मेरा कमरा ज्यादा दूर नहीं था लेकिन उसको देखने के बाद वो रास्ता इतना लंबा लग रहा था कि अभी यहीं शुरू हो जाऊं.

जैसे तैसे करके हम कमरे तक गए, वो पहले अन्दर घुसा और मैंने फिर अन्दर घुस कर कमरे को कुंडी लगा दी.

फिर मैंने आव देखा न ताव सीधा वरुण को खींच कर दीवार पर लगाया और शुरू हो गया.

मैंने अपने गुलाबी होंठ उसके रस भरे होंठों पर रखे और बेदर्दी से उसको चूसना चालू किया.
कभी ऊपर वाला होंठ तो कभी नीचे वाला, कभी जीभ तो कभी गाल. मैंने इतना चूसा, जैसे मैं कई सालों से भूखा होऊं.

किस करते करते मेरा एक हाथ उसकी गांड पर था और एक हाथ उसकी कमर पर.
जितनी गोल उसकी गांड थी, उससे कई ज्यादा सेक्सी उसकी कमर भी थी.

मैं 10 मिनट से लगातार उससे चूसे जा रहा था और वो कामुक सिसकारियां भरे जा रहा था.
फिर मैंने उसको घुमाया और बेड पर पटक दिया. अगले ही पल मैं भूखे शेर की तरह उस पर चढ़ गया.

मैंने फिर से उसके होंठों को चूसना चालू कर दिया.
अगले 15 मिनट तक उसके होंठों और चेहरे को अच्छे से चूसने के बाद मेरा हाथ उसकी टाइट छाती पर पड़ा, जो यूं तो एकदम सख्त थी.
क्योंकि वो इतने समय से जिम जो करता आ रहा था परंतु मेरे हाथ लगाते ही कुछ इस तरह मेरे हाथ में समा गई, जैसी कोई बड़ा सा ठोस मम्मा हो.

फिर मैंने उसकी टी-शर्ट को ऊपर खींचकर निकाला और चूचियों को दबाना शुरू कर दिया.
उसके शरीर पर बॉडी बिल्डरों जैसे हल्के हल्के बाल थे, जो बहुत ही सेक्सी लग रहे थे.

मैंने उसके एक मम्मे को पकड़ा और मुँह में भर लिया. हाथ से दूसरे को दबाता रहा और चूसते चूसते दांत से काट भी देता तो वो उछल पड़ता.

काफी देर तक और तरीके से उसके पूरे शरीर को चूसने के बाद मैंने उसकी पैंट खोलकर निकाल फैंकी.
अब वो जवां मर्द सा मेरे सामने सिर्फ अंडरवियर में पड़ा सिसकारियां भर रहा था.

मैं भी कहां रुकने वाला था, मैंने भी अपनी टी-शर्ट और पैंट फटाक से उतारी और उसके ऊपर फिर से चढ़ गया.
इस बार हम दोनों के गर्म शरीर एक दूसरे से रगड़ खा रहे थे, जिससे उत्तेजना और भी ज्यादा बढ़ रही थी.

मैंने उसको अपने ऊपर ले लिया और अब वो मेरे ऊपर बैठ कर मुझे किस कर रहा था.
धीरे धीरे गर्दन से होते हुए वो नीचे आ गया और मेरी अंडरवियर के ऊपर से किस करने लगा.

इससे मेरी भी सिसकारियां छूट रही थीं.

नीचे जाते हुए उसने मेरे पैरों को किस किया और अंगूठे को चूसा.
फिर धीरे धीरे ऊपर आते हुए उसने मेरी अंडरवियर नीचे सरका कर और मेरे आधे खड़े लंड को आजाद कर दिया.

बिना समय गंवाए उसने मेरे लंड को मुँह में भर लिया और मैं मदहोशी में डूब गया.
उसने मेरे लंड को चूसना चालू किया और मेरे लंड ने भी उसके मुँह में ही पूरा आकार ले लिया.

मेरा लंड करीब 7.5 इंच का मोटा और गोरा है, जो किसी के भी मुँह को भर दे.
चूसते चूसते उसने मेरे टोपे पर किस की और गले तक लंड को उतार ले गया.
जैसे ही पूरा लंड गले में उतरा, मैं सातवें आसमान पर पहुंच गया.

फिर धीरे धीरे करते हुए वो मेरे लंड को चूसे जा रहा था. कभी बाहर से तो कभी मुँह में लेकर मेरा पूरा लंड उसने चूस लिया.
उसके बाद उसने मेरे दोनों आंडों को मुँह में भर कर चूसा.

करीब आधे घंटे की इस मस्त चुसाई के बाद वरुण ऊपर आकर मुझे बेतहाशा किस करने लगा.

मेरे वीर्य की महक उसके मुँह से आ रही थी, जो काफी कामुक भी लग रही थी.
इसी तरह हमने किस करते हुए एक दूसरे को चूसा.

वरुण एक बार फिर से जोश में आकर नीचे की तरफ सरका और लंड को चूसना चालू कर दिया.
परंतु इस बार बात सिर्फ लंड तक ही सीमित नहीं रही. उसने मुझे अपनी बाजुओं से ऊपर उठा कर मेरी गांड पर मुँह रख दिया.

मैं सोच रहा था कि अब यह क्या करने वाला है, पर मेरी हवस उस सोच से काफी आगे निकल चुकी थी.
उसने गांड को और ऊपर उठाते हुए अपनी जीभ निकाली और मेरी गांड को चाटने लगा.

जब मैंने विरोध नहीं किया तो उसको शायद ग्रीन सिग्नल मिला और अचानक से उसने अपनी जीभ मेरी गांड के छेद पर टिका दी.

मैं कुछ सोच पाता, इससे पहले वरुण मेरी गांड में जीभ डाल चुका था. वो जीभ को अन्दर बाहर करते हुए मेरी गांड को चोदने लगा.

मैं ये चीज पहली बार ही करवा रहा था. इसमें मुझे बहुत ज्यादा मजा आ रहा था.
जैसे जैसे उसकी गीली लार से भरी जीभ मेरे छेद के अन्दर जाती, मैं कामुक होकर सिसकारियों से भर जाता और आवाज निकालने लगता.

ये मेरे साथ आज पहली बार ही हो रहा था कि किसी ने मेरी गांड के साथ कुछ ऐसा किया हो.

थोड़ी देर तक वरुण मेरी गांड चूसने के बाद फिर से लंड की तरफ आया और चूसना चालू कर दिया.
काफी देर तक मेरे लंड को चूसने के बाद वह दोनों तरफ पैर फैलाकर मेरे ऊपर बैठने लगा.

अब मैं समझ गया था कि इसकी गांड का उद्घाटन करने का समय आ गया है.

मैंने भी अपने लंड के साथ खेलते हुए उसके छेद को छुआ और इधर उधर मारने लगा.
वह उछल उछल कर अपनी गांड को मेरे लंड पर सैट करने के लिए तरस रहा था.

मैंने वरुण को उठा कर बेड पर पटका और उसकी टांगों को ऊपर उठा कर गांड पर जीभ लगाई और ठीक उसी तरह उसकी गांड गीली की, जैसे उसने कुछ देर पहले मेरी की थी.

गांड में कुछ देर तक जीभ डालने के बाद उसकी गांड एकदम गीली हो गई तो मैंने अपनी उंगली अन्दर घुसाई और उसकी गांड को उंगली से ही चोदने लगा.
धीरे-धीरे एक उंगली से दो उंगली और फिर 3 उंगली तक उसकी गांड में डाल कर चोदने लगा.

जब उसकी गांड पूरे तरीके से खुल गई तो मैंने अपने लंड पर थूक लगाया और उसके छेद पर टिका दिया, एक बार फिर से उसकी गांड को गीला किया.

इतने लंबे इंतजार के बाद जब वरुण सह नहीं पाया तो उसने मेरे लंड को पकड़ा और अपनी गांड में घुसाने की जबरदस्त कोशिश करने लगा.

मैंने भी उसको ज्यादा इंतजार ना कराते हुए लंड के टोपे को उसके छेद पर लगाया और एक झटके के साथ टोपा उसकी गांड में उतार दिया.
जैसे ही टोपा उसकी की गांड के अन्दर गया, वो दर्द के मारे चीख उठा और फटाक से मेरे लंड को बाहर निकाल दिया.
क्योंकि यह उसका पहली बार था इसलिए दर्द होना लाजिमी था.

मैंने उसको किस करते हुए थोड़ा समझाया और वो दोबारा से अन्दर घुसवाने को तैयार हो गया.

इस बार मैंने थोड़ा और ज्यादा थूक लगाकर उसकी गांड में अपने लंड को मसला और एक जोरदार धक्के के साथ अपने पूरे लंड को उसकी गांड में उतार दिया.
मेरा कड़ा लंड अन्दर जाने के बाद वरुण एकदम से चिल्ला दिया और लंड बाहर निकालने की दुहाई मांगने लगा.
पर मैं कौन सा उसकी बातें सुनने वाला था.

मैंने उसके दोनों हाथों में हाथ डालकर बेड से हटा दिए और टांगों को अपने कंधों पर रखकर लंड को आगे पीछे करते हुए उसको चोदने लगा.
नई गांड फटने के साथ उसके आंसू बाहर आ गए, लेकिन मैंने किस करते हुए उसको समझाया और चोदना जारी रखा.

कुछ देर बाद जब दर्द कम हुआ तो उसको भी मजा आने लगा.
मैंने अपनी रफ्तार को बढ़ाते हुए तेजी से लंड अन्दर बाहर करना शुरू कर दिया.

अब वरुण भी मेरा पूरा साथ देते हुए गांड को उठा उठा कर चुदवा रहा था.
कुछ देर तक इसी पोजीशन में चोदने के बाद मैंने लंड बाहर निकालना और उसको उल्टा कर डॉगी पोजिशन में बैठा दिया.

फिर मैंने पीछे से टांगों को फैला कर उसकी गांड पर अपने लंड का टोपा टिकाया और एक जोरदार धक्के के साथ लंड को गांड में घुसा दिया.
इस बार उसको ना तो ज्यादा दर्द हुआ और ना ही उसने रोकने की कोशिश की क्योंकि अब तक उसकी गांड पूरी तरह से खुल चुकी थी.

मैंने उसके कंधों पर हाथ रखकर लंड को अन्दर बाहर करते हुए उसको चोदना चालू किया.
कभी बालों को पकड़कर तो कभी उसके निपल्स को दबाकर मैं उसे लगातार चोदे जा रहा था.

करीब आधे घंटे की तेजतर्रार चुदाई के बाद आखिरकार जब मेरा झड़ने का समय आया तो मैंने उसकी गांड से फटाफट लंड निकाला और उसके मुँह पर व छाती पर माल छोड़ दिया.
वरुण भी प्यार से मेरे माल को पी रहा था और लंड को चाट चाट कर साफ़ कर रहा था.

जब पूरा लंड उसने अच्छे से साफ कर दिया और चुदाई का सिलसिला खत्म हुआ तो हम दोनों ने उठकर अपने अपने कपड़े पहने और आराम से बेड पर लेट गए.

फिर उसी रात वरुण मेरे साथ ही कमरे पर था तो यह बताने की बात नहीं है कि मैंने उस यंग बॉय की गांड का क्या हाल किया होगा.
क्योंकि उस एक रात में मैंने उसे 3 बार चोदा और उसके पूरे मजे लिए.

सुबह सुबह फिर जल्दी से मुझे अपने घर के लिए निकलना था तो मैंने वरुण को वहीं चौक पर छोड़ दिया जहां से वह आया था.
हमने अलग होने से पहले दोबारा मिलने का प्लान भी बनाया.

दोस्तो, इस तरह मैं वरुण की मस्त गांड को चोद कर अगले दिन यमुनानगर से वापस अपने घर आ गया.
आशा करता हूं कि आपको मेरी पहली गे सेक्स कहानी पसंद आई होगी.

कृपया अपने सुझाव व टिप्पणियां मेरी मेल आईडी [email protected] पर साझा करें ताकि मुझे पता चल सके कि आप पाठको को मेरी यंग बॉय गांड लव कहानी कितनी पसंद आई है.
मुझे आगे भी इस तरह की कहानियां लिखना जारी रखना चाहिए या नहीं.
धन्यवाद.

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