गर्लफ्रेंड की सहेली की कुंवारी चूत

मेरी गर्लफ्रेंड के साथ सेक्स की पिछली कहानी
गर्लफ्रेंड के साथ लिव इन रिलेशनशिप
में आपने पढ़ा कि मेरी गर्लफ्रेंड मेरे साथ मेरे रूम में रहने लगी थी और मैं रोज गर्लफ्रेंड की चूत चुदाई करता था. एक दिन मेरी गर्लफ्रेंड रूम पर नहीं थी तो उसकी एक सहेली मेरे रूम पर आई.
वो मुझे पसंद करती थी तो वो मुझे किस करने लगी और तभी मेरी गर्लफ्रेंड आ गयी.
अब आगे:

निधि गुस्से में दूसरे रूम में चली गई.
इतने में नित्या पलट कर मुझे किस करने लगी और मेरा लन्ड दबाने लगी। मैं उसके बूब्स दबाने लगा और चूत में उंगली करने लगा।

थोड़ी देर किस करते करते मैं और नित्या ने एक दूसरे के कपड़े उतारे। अब हम दोनों बिल्कुल नंगे हो गए थे। नित्या मेरे लंड को मुंह में ले कर चूसने लगी।

थोड़ी देर लंड चूसने के बाद नित्या अपने बैग से चॉकलेट निकली जो बिल्कुल पिघल गई थी। चॉकलेट अपने बूब्स और मेरे लंड पे लगाया और मेरा लन्ड अपने बूब्स के बीच लेकर घुसाने लगी और चूसने लगी।

फिर मैं लंड हटा कर बूब्स को दबाने और चूसने लगा। मैं नित्या की चूत को चाटने लगा.
फिर नित्या ने भी मेरा सर अपनी चूत में दबा दिया और कहने लगी- ह्म्म्म चाटो … इसे और चाटो… ह्म्म्म्म मम्म … और जोर से … फाड़ दो आज … अपनी जान की चूत.
मैं भी मज़े से चूत चाट रहा था।

नित्या ने मचलते हुए अपनी पूरी टांगें पसार दीं और कहने लगी- प्लीज़ … चाट और जोर-जोर से चाट ना.
मैं भी उसकी रोटी की तरह फूली चूत चाटता जा रहा था और साथ में उसके मम्मों को भी दबाए जा रहा था.

नित्या- हम्म्म … चाट … मैं आने वाली हूँ जानू … आज मेरी चूत का भोसड़ा बना दे … फाड़ दे इसे … चूस जा मेरे राजा … आज इसका सारा रस पी जा … सारा रस इस निगोड़ी चूत का … आअह ह्हह … उम्म्ह… अहह… हय… याह… म्मम … आई … मर्रर्र … गईई मैं आ … रहीई … हूँ … ओह्ह्ह … ह्म्म्म्म … और तेज चाट जल्दी से लंड मेरी चूत में डाल कर शांत कर दो। बहुत दिन हो गए तुमसे दूर ह रह कर। अब रहा नहीं जा रहा … उम्मम अअअ मर्रर्र … गईईई।

मैं नित्या की चूत का सारा रस पी गया।

थोड़ी देर बाद मैंने अपनी जीभ नित्या की चूत पर रखकर फिर से चोदने लगा.

नित्या- उह्ह … ह्म्म्म आअह ह्हह … हम्म्म म्मम … आई … मर्रर्र … गईईई मैं आ … रहीई … हूँ … ओह्ह्ह … ह्म्म्म … और … उह्ह … ह्म्म्म्म … अब और मत तड़पाओ जानू. … और अपना लंड डाल दो ना!

तभी नित्या मेरे ऊपर आकर लंड को अपने मुंह में लेकर गीला किया और अपने चूत में लगाने लगी। उसने मेरे लंड को अपनी चूत में आधा ले लिया और मैंने भी नीचे से जोर से 1 झटका मारा। जिससे मेरा लन्ड नित्या की चूत में बच्चेदानी से टकरा गया।
नित्या ने दर्द से मेरे सीने पर अपने नाखून गड़ा दिए।

मैंने लंड बाहर निकाल दिया।
नित्या- सॉरी, गलती से हो गई। प्लीज़ लंड कर डाल कर चोद दो, नहीं तो मैं मर जाऊंगी।

फिर मैं उठ कर नित्या के ऊपर दोनों टांगों के बीच आया और चूत में लंड को सेट किया, फिर जोरदार 2 झटके मारे.
नित्या- आह्ह्ह ह्ह्ह्ह … उईईई माँआअ … मरर गई.
मैं- तुम्हारी चूत तो फिर से टाइट हो गई।
नित्या- उस दिन की चुदाई के बाद रोज चूत की मालिश करती थी तो शायद हो गई।

मेरा लन्ड जोर से बार बार नित्या के बच्चेदानी से टकरा रहा था। जिससे नित्या की जोर से सिसकारियां निकलने लगीं और जोर जोर नित्या बोलने लगी- कम ऑन फक मी … हार्ड फक मी.
फिर हम दोनों की धक्कम पेल चुदाई शुरू हो गई।

20 मिनट तक चुदाई की जिसमें नित्या 2 बार झड़ गई।
मेरा भी निकलने का हुआ तो मैं लंड बाहर निकालने लगा तो नित्या बोली- क्या हुआ?
मैं- वीर्य निकालने वाला है.
नित्या- जानू मेरी चूत वीर्य से भर दो। कई दिन से मेरी चूत सूखी पड़ी है।

फिर मैं अपना सारा वीर्य चूत में भर कर उसी के ऊपर सो गया।

थोड़ी देर बाद नित्या उठ कर पेशाब करने बाथरूम में चली गई।

अब जो मैं लिख रहा हूँ, ये पूरी बातें मुझे नित्या ने बताई.

जब नित्या बाथरूम में पेशाब करने गई तो उसने देखा कि दूसरे कमरे का दरवाजा खुला था और अंदर से कुछ आवाजें आ रही थी.

नित्या धीरे से दरवाजा खोला तो देखा कि निधि अपनी चूत में उंगली कर रही थी और कुछ बोल रही थी- शैलेश, फक मी … कम ऑन … फक मी … आह्ह्ह ह्ह्ह्ह …शैलेश मेरी प्यास बुझा दे।

तो नित्या बोल पड़ी- ये क्या कर रही है?
निधि हड़बड़ाती हुई- कुछ नहीं, उंगली कर रही हूं।
नित्या- क्यों?
निधि- तुम जब चुदाई कर रही थी तो तुम्हारी चुदाई की चीखने और सिसकारियों की आवाज सुनाई दे रही थी तो मेरा मन तुम्हारी चुदाई देखने को हुआ। तुम्हारी चुदाई देखकर मेरी चूत में खुजली होने लगी थी। तो वहीं शांत कर रही हूं।
नित्या- ठीक है। चलो, फिर आज फिर से एक दूसरी की चूत में उंगली कर शांत करती हैं।

दोनों ने लेस्बियन सेक्स किया और बातें करने लगी।
निधि- नित्या, उनका लन्ड कितना बड़ा है?
नित्या- क्यों?
निधि- बता ना?
नित्या- 6.5 इंच है
निधि- तुम दोनों रोज सेक्स करते हो?
नित्या- हां रोज।

निधि- नित्या, मुझे वो बहुत पसंद हैं। अगर तू मेरी दोस्त ना होती तो कब का उसे अपना बना लेती।
नित्या- तो बना ले।
निधि- क्या बोल रही हो? तुम प्यार नहीं करती हो उनसे?
नित्या- बहुत प्यार करती हूं खुद से भी बहुत ज्यादा। लेकिन वो मुझसे शादी नहीं करेगा। और ना अब मैं कर पाऊंगी। हम सिर्फ रिलेशनशिप में रह रहे हैं।

निधि- क्यों? वो तुमसे प्यार नहीं करता।
नित्या- वो भी मुझसे बहुत प्यार करता है लेकिन मेरी शादी तय हो गई है।
निधि- ये बात बताई उनको?
नित्या- कल बता दूंगी। अगर तुम उसे अपना सकती हो तो बना लो।

रात के अंधेरे में करीब 3 बजे के आसपास निधि मेरे पास आई और मेरे चिपक कर लेट गई। मैं यही सोच रहा था कि नित्या है तो मैं भी चिपक कर लेट गया।

मैं नंगा ही लेटा हुआ था। निधि मुझे किस करने लगी और अपने एक हाथ से मेरा लन्ड जोर से दबाने लगी और साथ में मेरे अंडकोश भी। जिससे मुझे बहुत तेज़ दर्द हो रहा था।
5 मिनट तक किस करने के बाद निधि सीधा मेरा लन्ड को पूरा मुंह में ले चूस रही थी तो कभी मेरे अंडकोश को मुंह में भर कर चूस रही थी।

तभी मेरे दिमाग में एक बात आई कि नित्या ने कभी ऐसा नहीं किया तो मैंने मैंने पूछा- नित्या क्या कर रही हो? मुझे बहुत दर्द हो रहा है।
मुझे नित्या की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला।

तो निधि मेरे नीचे आ गई और मैं ऊपर आ गया. निधि मेरे लंड को अपनी चूत पे सेट करने लगी। जब मैंने धक्का लगाया तो लंड फिसल कर बाहर निकाल गया।
मैं- नित्या क्या बात है तुम्हारी चूत फिर से टाइट कैसे हो गई।
निधि कुछ नहीं बोली.

मैंने लंड को सेट करके धीरे धीरे चूत में डाल रहा था। ऐसा लग रहा था कि जैसे मेरा लन्ड किसी सकरी तपती गर्म भट्टी में जा रही हो।

चूत इतनी कसी थी कि मेरा थोड़ा सा लंड अंदर गया था कि जैसे लगा कुछ है जो लंड को अंदर जाने से रोक रहा है। मैंने जोर से झटका लगा दिया और मेरा लन्ड चूत चीरता हुआ अंदर तक घुस गया तो मेरा लन्ड में बहुत तेज़ दर्द होने लगा और ऐसा लग रहा था जैसे मेरा लन्ड छिल गया हो।

निधि दोनों हाथ से अपना मुंह दबाए हुए थी, वो रोती हुई सिसकारी भर रही थी। मैं धीरे धीरे लंड से झटके मार रहा था।

तभी मैंने निधि के दोनों हाथ पकड़ कर साइड में किया और होंठों को चूसने लगा। मैंने एक जोर से झटका फिर से मारा जिससे निधि की चीख निकल पड़ी। मेरा लन्ड चूत चीरते हुए अन्दर बच्चेदानी से टकरा गया।
निधि- आह्ह्ह ह्ह्ह्ह उईईई आअ … मरर गई!
उसने अपने हाथ छुड़ा कर अपना मुंह फिर से दबा लिया.

मैं निधि की चीख सुन कर समझ गया कि ये नित्या नहीं निधि है। मेरा लन्ड अभी भी निधि की चूत में घुसा हुआ था।

मैं- निधि तुम हो ना? यहां कैसे? नित्या कहां है?
निधि- हां मैं हूं। नित्या सो रही है दूसरे रूम में।
मैं- तुमने बताया क्यों नहीं कि तुम नित्या नहीं निधि हो।

निधि- अगर बता देती तो क्या तुम मेरे साथ सेक्स करते?
मैं- नहीं।
निधि- इसलिए तो नहीं बताया। तुम्हारी जोरदार चुदाई देख कर रहा नहीं गया। चलो जल्दी से मेरी चुदाई करो।
मैं- यार, तुम मेरी जानू की दोस्त हो।

निधि ने मुझे घुमा कर नीचे कर दिया और खुद ऊपर आ गई। वो मेरे लन्ड को धीरे धीरे से अपनी चूत से अन्दर बाहर कर रही थी।
निधि- उम्म्ह… अहह… हय… याह… आह्ह ह्ह्ह!

थोड़ी देर बाद मुझे लगा मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा तो मैं निधि के ऊपर आ गया। मैंने अपने लंड को पकड़ा तो देखा कि लंड पे खून लगा था।
फिर मैंने निधि की चूत में हाथ लगाया तो चूत खून से लथपथ हो चुकी थी।

मैं- तुमने पहले कभी सेक्स किया है?
निधि- नहीं, मैं कुंवारी थी, अब से नहीं हूं। मैं चाहती थी कि मैं उसी के सेक्स करूंगी जिसको मैं चाहती हूं। और मैं तुम्हें बहुत चाहती हूं।
मैं- लेकिन …
निधि- अब तुम मेरी जोरदार चुदाई करो। बाकी सब बाद में।
मैं- दर्द बहुत होगा।
निधि- मुझे सब दर्द मंजूर है तुम करो।

मैंने जोर से झटके मारने शुरु किये जिससे निधि के आंसू रुक नहीं रहे थे और निधि सिसकारियां निकाल रही थी.
अब वो मजे से चिल्लाने लगी थी- अहाआअ … राआजा … मर गई … आईसीई … और जोर से … और जोर से चोदो … आज मेरी चूत को फाड़ दो … आज कुछ भी हो जाए लेकिन मेरी चूत फाड़े बगैर मत झड़ना … आआआआ और ज़ोर से … उउईईई माँ … आहहहां.

निधि- आहह … आहह … उम्म्ह … तुम्हारा लन्ड बहुत बड़ा है बहुत दर्द हो रहा है ह्म्म्म्म … आआह्ह ह्!ह्ह
मैं- थोड़ा धीरे आवाज़ करो … नित्या जाग जाएगी।
निधि- क्या करूँ यार … आवाज़ अपने आप निकल रही है।

मैं उसके बूब्स दबाते हुए- रुक जाऊं?
निधि- नहीं, करते रहे. मज़ा भी बहुत आ रहा है।

हम दोनों ने 40 मिनट तक सेक्स किया।

मैं- मेरा लन्ड का पानी निकालने वाला है।

निधि- मैं चाहती हूं तुम अपना लन्ड का पानी मेरी चूत में ही डालो। पहली बार सेक्स का पूरा मज़ा लेना चाहती हूं।
मैंने निधि की चूत को अपने वीर्य से लबालब भर दिया।

निधि- आई लव यू!
मैं- हम्म!
निधि ने मेरा लन्ड का पानी चूस कर मेरा लंड साफ कर दिया।

मैं बहुत थक गया था तो मैं सो गया। पता ही नहीं चला कब नींद लग गई।

6 बजे अलार्म बजा तो मेरी नींद खुली तो देखा कि एक तरफ नित्या तो दूसरी तरफ निधि और बीच में मैं! हम तीनों नंगे लेटे हुए थे।
अलार्म की वजह से तीनों लोग उठ गए।

मैं अपनी अंडरवियर ढूँढने लगा।
नित्या- क्या ढूंढ रहे हो?
मैं- अंडरवियर।
निधि दिखाते हुए- कहीं ये तो नहीं?

मैंने अंडरवियर निधि के हाथ से छीन लिया। मुझे लगा कि कहीं ये दोनों फिर से लड़ाई शुरू ना कर दें।
तो देखा मैंने कि वे दोनों लड़कियां हंस रही थी.

नित्या- तुम्हें क्या लगा … हमारी लड़ाई होगी?
मुझे कुछ समझ नहीं आया तो मैं कुछ देर कुछ नहीं बोला।

निधि- यार, नित्या को पता है कि मैंने तुम्हारे साथ सेक्स किया है।
मैं बिल्कुल शॉक्ड हो गया और सोचने लगा कि यह क्या हो रहा है।

निधि फ्रेश होने के लिए उठी तो लड़खड़ा कर गिर गई। उससे उठा नहीं जा रहा था.
तो नित्या उसे पकड़ कर कमोड पर बैठा आई।

और मैं अंडरवियर पहन कर बिस्तर ठीक करने लगा।
नित्या ने देखा कि बिस्तर खून से लाल हो गया था। वो पूछने लगी- इतना खून कहां से आ गया? कैसे चुदाई की है निधि की? बेचारी चल नहीं पा रही … और पूरा बिस्तर में खून ही खून है।

मेरे लन्ड पे दर्द हो रहा था तो मैं बोला- मेरे लन्ड में भी दर्द हो रहा है।
नित्या- लाओ दिखाओ।
उसने लंड देखते देखते मुंह में ले लिया।

तो मुझे बहुत अच्छा लगा और आराम भी मिला।
नित्या- तुम फ्रेश हो जाओ, मैं दवा लगा दूंगी।
वह रसोई में चली गई।

निधि ने फ्रेश होकर दरवाजा खोला तो मैंने उसे पकड़ कर कुर्सी पे बैठा दिया।

निधि मुझे देख कर मुस्कुरा रही थी और फिर उसने मेरे गाल पे किस कर दिया। मैं भी मुस्कुराते हुए फ्रेश होने के लिए चला गया।

जब मैं वापस आया तो देखा कि नित्या निधि की चूत को गर्म पानी से सिकाई कर रही थी।

नित्या- रात भर निधि की चुदाई की है, मज़ा आया होगा?
मैं- बहुत!
निधि- रात भर चुदाई की, मेरी चूत फाड़ दी. मज़ा कैसे नहीं आयेगा।
इस पर नित्या- मुझे भी साथ बुला लेती!

नित्या मेरे पास आई और मुझे किस करने लगी। और मैं धीरे धीरे नित्या को नंगी करने लगा। नित्या मुझे किस करना छोड़ अंडरवियर उतार कर मेरे लन्ड को मुंह में लेकर चूसने लगी। मेरा लंड डंडे की तरह टाईट हो गया था।

मैंने नित्या को उठा कर बिस्तर में पटक दिया और फिर नित्या की चूत चाटने लगा।
नित्या- जोर से … ह्म्म्म चाटो … इसे और चाटो … ह्म्म्म्म मम्म … और जोर से!

मैं नित्या की चूत चाट ही रहा था कि निधि मुझे पीछे से पकड़ कर मेरे पीठ और गर्दन में चूमने लगी।

चूमते चूमते निधि नीचे आती गई और मेरे लंड को पकड़ कर मुंह में ले लिया। मेरे मुंह से तो आह्ह निकल गई।
मैं नित्या की चूत चाट और उंगली डाल कर चोद रहा था.

नित्या- चाटो … ह्म्म्म्म मम्म … जोर जोर से!
उधर निधि मेरा लंड जोर जोर से चूसने लगी थी।

थोड़ी देर में नित्या जोर से हांफती हुई झड़ गई- आह्ह … आहह्ह्ह … आहह्ह्ह!

कुछ देर बाद मैं भी झड़ गया। निधि मेरा लंड का पानी पी गई और लंड चूस कर साफ़ कर रही थी. मैं नित्या की चूत चाट कर साफ़ कर रहा था।

फिर थोड़ी देर बाद नित्या और निधि ने अपनी अपनी जगह बदल ली। अब मैं निधि की चूत चाटने लगा और नित्या मेरा लंड मुंह में लेकर मेरा लंड खड़ा कर रही थी।

जब मेरा लंड खड़ा हुआ तो निधि की चूत में लंड लगा कर जोर से झटका मारा. निधि को तेज दर्द हुआ और जैसे उसकी सांसें रुक गई थी.
नित्या जल्दी से उठ कर निधि के पास आई और निधि को किस करने लगी और बूब्स को दबाने लगी।

निधि की आंखों से में आंसुओं की धारा बहने लगी थी. फिर मैंने निधि की टांगें ऊपर उठा कर फोल्ड की, टांगें पकड़ कर मैंने धीरे धीरे चुदायी शुरू की. निधि जोर जोर चीखने लगी।
काफी देर चुदायी के बाद निधि झड़ गई।

नित्या बोली- रात भर निधि की चूत चुदायी की, अभी भी इसी की की. मेरी चूत की चुदाई कब करोगे?
मैं- आओ ले लो मेरा लंड।

नित्या चूत खोल कर मेरे सामने लेट गई मुझे अपने ऊपर खींच कर अपने हाथ से मेरा लन्ड पकड़ कर अपनी चूत में लगा लिया- आह ह्ह्ह अह आहह ज़ोर से … उउईई माँ … आहह हां …
आह्ह ज़ोर से … फक मी!
हमारी जोरदार चुदाई के बाद अपने लंड का पानी नित्या की चूत में भर दिया। फिर हम तीनों बात करते करते नंगे ही सो गए।

आपको मेरी गर्लफ्रेंड की सहेली की चुदाई की सेक्स स्टोरी कैसी लगी? मुझे बताना जरूर.
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