एक नए लंड से चूत और गांड मरवा ली

इंडियन भाभी की गांड में लंड गया तो भाभी की गांड फट गयी, उसमें से खून निकलने लगा क्योंकि भाभी ने उतना मोटा लंड पहले कभी गांड में नहीं लिया था.

दोस्तो, मैं अंकिता राठौर एक बार फिर से आपकी सेवा में हाजिर हूं.
मेरी पिछली कहानी
विधवा सहेली की चूत चुदवा कर मजा दिलाया
को आप लोगों ने बहुत प्यार दिया है.
उसके लिए आप सभी का बहुत बहुत शुक्रिया!

आज मैं फिर एक नई कहानी लेकर आई हूं.
अगर आपने मेरी पिछली कहानी नहीं पढ़ी है तो उसे पहले पढ़ लें वरना ये आपको समझ नहीं आयेगी.

तो जैसा आपने मेरी पिछली कहानी में पढ़ा था कि शोभा का बेटा आर्यन मुझको चोद चुका था और मैंने प्लान बना के शोभा को भी आर्यन से चुदवा दिया था।

अब आगे इंडियन भाभी की गांड में लंड:

ऐसे एक दिन मैं घर में फ्री आराम कर रही थी तो सोचा क्यों न आर्यन से बात करूं क्योंकि मेरी भी चूत में बहुत खुजली हो रही थी, काफी दिनों से लौड़ा अंदर नहीं लिया था मैंने भी!
मैंने आपको पिछली कहानी में बताया था कि आर्यन मेरी सबसे अच्छी सहेली शोभा का बेटा है जिसकी उम्र 24 साल है.

तो मैंने झट से फोन उठाया और आर्यन का नंबर डायल किया.
उसने फोन उठाया और बोला- कैसी हो मेरी जान?
मैंने कहा- अपनी जान को भूल गये या मन भर गया है क्या जो अब मिलने नहीं आते?

तो उसने बताया कि उसके एग्जाम थे तो वह व्यस्त था.
मैंने कहा- अच्छा ठीक है. फिर बताओ कब मिल रहे हो?
तो उसने बताया- मम्मी कल परसों में दिल्ली जाने वाली हैं ऑफिस के काम से! तो घर खाली रहेगा. तो फिर हमारे मजे ही मजे हैं मेरी रण्डी!

उसके मुंह से रण्डी सुन कर मेरी चूत में खुजली होने लगी.
मैंने कहा- यार बेटा, बहुत मन कर रहा है. जल्दी मिलो!

उसने बोला कि फोन करेगा वो!

उस दिन मैं चूत में उंगली कर के सो गई।

फिर एक दिन सुबह आर्यन का फोन आया- मम्मी अभी थोड़ी में निकल रही हैं. तो घर आ जाना!
मैंने कहा- ठीक है.

तब मैंने अपने पति को बोल दिया- मुझको मेकअप का ऑर्डर मिला है. एक लड़की का मेकओवर करना है. तो मैं बाहर जा रही हूं.
तो पति ने कहा- ठीक है … लेकिन आराम से जाना!

आप सबको तो पता ही है कि मैं एक ब्यूटी पार्लर चलाती हूं.

फिर आर्यन का फोन आया बोला- कहाँ हो जानेमन? आओ ना … घर में मैं बिल्कुल अकेला हूं!
मैं बोली- बस आ रही हूं यार!

करीब बारह बजे मैं आर्यन के घर पहुंच गई.
उसने दरवाजा खोला, मैं अंदर जाकर सोफे पे टांगें ऊपर कर फैका कर बैठ गई.

आर्यन ने मुझको देखा.
मैं बोली- क्या हुआ?
उसने बोला- कुछ नहीं … आज बहुत खूबसूरत लग रही हो!

मैंने उस दिन काली साड़ी और ब्लैकलेस ब्लाउज पहना था. अंदर ब्रा पहनी नहीं थी. हाँ पैंटी पहनी थी नीले रंग की!

आर्यन मेरे पास बैठ कर मेरी चिकनी टांगें सहलाने लगा.

थोड़ी देर में मैं गर्म हो गई थी.
काफी देर मेरी चूचियों और जांघें सहलाने के बाद आर्यन बोला- यार, एक बात बोलूं … मेरा एक फ्रेंड है. मैंने उसे बताया कि मैंने एक भाभी के साथ मजे लिए. तो वो भी बोलने लगा करने से लिए!
मैंने पूछा- कौन है वो?
तो आर्यन बोला- बबलू!
मैंने पूछा- कौन बबलू?

तो उसने बताया- अरे यार, वो जिसकी चौराहे पे पान शॉप है वही!
तब मुझे पता चला वो बबलू!

दरअसल बबलू की हमारे चौराहे पर शराब के ठेके के पास पान सिगरेट की दुकान है. वहाँ हमेशा भीड़ ही लगी रहती है.

मैंने आर्यन से पूछा- तुमने ऐसे लोगों से दोस्ती कर रखी है?
तो उसने बताया- यार, एक दिन मैं नशे में था बहुत ज्यादा … तो उसी की दुकान पे खड़ा होकर सिगरेट पी रहा था. तो मैंने ऐसे नशे में इसको हमारी बात बता दी.

मैंने उसे कहा- यार, यह क्या कर दिया तुमने? उसने हमारे बारे में सबको बता दिया तो?
आर्यन बोला- वह अब मुझसे बोल रहा था कि सिर्फ एक बार … बस एक बार दिला दो यार! अब तुम बताओ मैं क्या करूं?

उसने मुझसे पूछा तो मैं बोली- अब सबको बता देगा बबलू!
तो आर्यन बोला- ऐसा नहीं है. तुम एक बार बस उसके साथ कर लो ना … फिर ऐसा कुछ नहीं होगा, नहीं बताएगा वह किसी को!

मैं आर्यन से बोली- ऐसे कैसे यार कर लूं उसके साथ?
तो आर्यन बोला- यार और कोई दूसरा ऑप्शन नहीं है!

फिर मैंने काफी देर सोचने के बाद आर्यन से कहा- बोल तो तुम सही रहे हो! लेकिन तुम भी साथ में रहना!

आर्यन बोला- ठीक है. बताओ अभी बुला लूं बबलू भैया को?
मैंने कहा- अभी?
तो आर्यन बोला- हाँ, वह 5 मिनट में दुकान बंद कर के आ जाएगा.
मैंने कहा- ठीक है, बुला लो!

फिर आर्यन ने बबलू को फोन किया और बोला- भैया, मेरे घर आ जाओ. आपका काम हो गया है.

करीब आधे घंटे बाद घण्टी बजी.

आर्यन मुझसे बोला- तुम अंदर रहना. जब मैं बोलूं तब आना!
मैं अंदर कमरे में चली गई.

आर्यन दरवाजा खोलने चला गया.

मैंने दोनों की आवाज सुनी.
बबलू बोल रहा था- कहाँ हैं भाभी जी?
तो आर्यन बोला- बैठो, अभी बुलाता हूं.

आर्यन ने मुझ को आवाज दी.
मैं बाहर वाले कमरे में गई.

बबलू और आर्यन दोनों बैठे थे.
बबलू ऐसे नजरें फाड़ कर देख रहा था मुझे!

मैंने टेबल पर देखा तो एक बोतल शराब की रखी हुई थी और दो पैकेट सिगरेट थे.
आर्यन बोला- तुम दोनों बैठो, मैं ग्लास लेकर आता हू.

वह अंदर ग्लास लेने चला गया.
तो बबलू मेरे पास आकर बैठ गया और बोला- भाभी, आपको कोई दिक्कत तो नहीं है न? बता दो?
मैं बोली- अगर मैं मना करूंगी तो क्या तुम मान जाओगे?
तो बबलू बोला- भाभी, आप मुझे बहुत मस्त लगती हो. मैं हमेशा आपके पार्लर की तरफ से निकलता हूँ आपको देखने के लिए! यहाँ तक कि कभी कभी राज से भी पूछ लेता था कि ‘मम्मी पापा कैसे हैं’ जब वो मेरी दुकान पे आता था.

आप सबको बता दूँ कि राज मेरे बेटे का नाम है.

मैंने पूछा- वह तुम्हारे वहाँ क्या करने आता है?
तो बबलू बोला- अरे भाभी, अब मेरी जिस चीज की दुकान है, वही सामान लेने आता है … सिगरेट!

अब मुझे पता चला कि मेरा बेटा भी सिगरेट पीता है.

तब तक आर्यन ग्लास लेकर आ चुका था और हमारी बातें सुन रहा था.
आर्यन बोला- चलो, मैं पीछे कमरे में हूँ. आप लोग एंजॉय करो.

तो बबलू बोला- अरे तू कहाँ जा रहा … रुक यहीं … दो पेग ले यार!
आर्यन बोला- अरे रहने दो, आपको डिस्टर्ब होगा.
तो बबलू बोला- नहीं होगा मेरे भाई!

तभी बबलू बोला- अंकिता भाभी, एक काम करो … आप बनाओगे हमारा पेग!
मैंने पहले कभी पेग नहीं बनाया था.

तो मैंने उसको बताया- मैंने पहले कभी बनाया है.
बबलू बोला- अरे बस बोतल से थोड़ी थोड़ी शराब ग्लास में डालनी है. इसमें क्या दिक्कत है?

उसने बोतल का ढक्कन खोल कर मुझे दी और मैंने दोनों ग्लास में थोड़ी थोड़ी शराब डाली.
लेकिन दोनों में ज्यादा हो गई.

तो आर्यन बोला- अरे, ये तो पटियाला पेग बना दिया यार!
बबलू बोला- अरे अब भाभी जी ने बना दिया है तो पी लेंगे!

वे दोनों आराम से पीने लगे.

फिर बबलू ने सिगरेट जलाई, आर्यन और बबलू दोनों सिगरेट पीने लगे और मुझे घूर घूर के देखने लगे.

तब बबलू उठा और मेरे पास आकर बैठ गया और मेरी जांघें सहलाने लगा आर्यन के सामने!
आर्यन बोला- चलो बबलू भैया, मैं अंदर जाता हूं.

बबलू बोला- नहीं बे … यहीं रुक … दोनों साथ में मजे लेंगे.

आज तो वैसे अंदर से आग मेरे भी लगी थी.
लेकिन दो लंड एक साथ कभी नहीं लिए मैंने!

फिर बबलू बोला- भाभी, एक पेग ऐसा ही और बनाओ.

मैं फिर पेग बनाने लगी झुक कर!

तो पीछे से बबलू ने मेरे चूतड़ों पर हाथ फेर दिया और दबाने लगा.

फिर आकर उसने पेग खतम किया और मेरी साड़ी उतारने लगा.
मैं अब सिर्फ पेटिकोट ब्लाउज में थी.

आर्यन सब कुछ बैठ कर देख रहा था और अपना लंड सहला रहा रहा था.
मैं देख रही थी कि उसका लंड बिल्कुल खड़ा हो गया था.

बबलू ने अब अपने कपड़े उतार दिए पूरे बस चड्डी में था।
फिर धीरे से बबलू ने मेरा ब्लाउज उतार दिया और मेरे स्तन के साथ खेलने लगा.

बार बार मेरी दोनों चूचियों को काटता तो कहीं दबाता.
मैं बहुत गर्म हो गई थी.

तब तक आर्यन ने मेरा पेटीकोट उतार दिया.
अब मैं सिर्फ पैंटी में थी … दो जवान मर्दों के बीच मैं अबला!

आर्यन मेरी पैंटी के ऊपर से ही मेरी चूत पर जीभ लगा के चाटने लगा.

मैं पैंटी में ही झड़ गई और मेरी चूत का पानी बह कर टांगों से होते हुए बहने लगा.
फिर बबलू उठा, मेरी पैंटी उतारी और बोला- अरे भाभी, अभी तो हमने कुछ किया भी नहीं और आप इतना गर्म गई!

मेरी पैंटी उतार कर वह सारा माल चाटने लगा जिससे मैं और झड़ने लगी और मैंने बबलू के मुंह पर ही मूत दिया.

मेरे मूत की धार सीधे बबलू के मुंह में जा रही थी जिसे बबलू बड़े मजे से पी रहा था.
फिर बबलू बोला- भाभी, अब आप बेड पे लेट जाओ.

मैं अब आराम से अपनी टांगें फैलाकर बेड पे लेट गई.
अब बबलू मेरी चूत को चाटने लगा और आर्यन मेरे मुंह में लंड देने लगा.

आर्यन का लंड भी बहुत मोटा और बड़ा है लेकिन बबलू का लंड लम्बा बहुत है आर्यन से ज्यादा … लेकिन मोटा नहीं है.

थोड़ी देर में बबलू मेरे ऊपर आकर मेरे मुंह में लंड देने लगा जिसे मैं बड़े मजे से चाटने लगी.

आर्यन अब मेरी चूत चाट रहा रहा था.
मैं दोबारा गर्म हो गई थी.

मैंने बबलू से बोला- अब जल्दी से डाल दो यार!

फिर बबलू ने अपने लंड को मेरे मुंह से बाहर निकाला और बोला- भाभी, पलट जाओ!

मैंने पूछा- क्यों?
तो बबलू बोला- मुझे आपकी गांड का छेद चाटना है.

उसके कहने से मैं पलट कर लेट गई.

मैब बेड पर लेटी थी और मेरा मुंह बेड से नीचे लटक रहा था.
अब बबलू मेरी गांड का छेद चाट रहा था और आर्यन मेरे मुंह में अपना लंड डालकर अंदर बाहर कर रहा था.

मैं भी बड़े मजे से उसका लंड चूस रही थी और अपनी गांड चटवा रही थी.

फिर बबलू बोला- भाभी, आप की गांड बहुत गोरी है यार!

बबलू ने दो तीन चांटे मेरी गांड पे लगा दिए जिससे मेरी गांड बिल्कुल लाल टमाटर हो गई थी.

आर्यन बोला- आंटी, अब मैं झड़ने वाला हूँ.
ऐसा बोलते ही वह मेरे मुंह में ही झड़ गया. उसका सारा माल मेरे मुंह से टपक टपक के बेड के नीचे बिछी हुई कार्पेट पर टपकने लगा.

बबलू बोला- भाभी, अब सीधी लेट जाओ मेरे जान!
मैं जैसे ही सीधी लेटी, बबलू ने मेरी चूत पर अपने लंड का टोपा रगड़ कर रखा और बड़े प्यार से हल्का हल्का अंदर डालने लगा.

मुझे और उसको इतना मजा रहा था कि मैं आपको शब्दों में जाहिर भी नहीं कर सकती.
मेरी दोनों टांगें बबलू की गांड पर थी और हाथ बबलू की बांहों में थे.

वह मेरे वक्ष से चिपका हुआ था और मुझे प्यार से चोद रहा था.

काफी देर चोदने के बाद बबलू ने मुझे कुत्ती बनने को बोला.
मैं दोनों टांगें मोड कर कुतिया बन गई.

बबलू ने अब मेरी गांड के गुलाबी छेद पर अपने लंड का टोपा टिकाया और एक झटके में पूरा लंड अंदर कर दिया जिससे मुझे बहुत दर्द हुआ और मैं बेड पर नीचे गिर गई.
उसका लंड बहुत लंबा था.

मेरी गांड से लहू निकलने लगा और मैं रोने लगी और बब्लू काल्न्द निकलवाकर बैठ गयी.

आर्यन ने मुझे चुप कराया और बोला- आंटी मत रोओ! इसने थूक लगाए बिना डाल दिया!
तब आर्यन ने हमको कुछ देर अपने जिस्म से चिपका के रखा.

बबलू भी बोला- भाभी सॉरी! मैंने बिना बताए गांड में डाल दिया. माफ कर दो!
और वह बोला- बस थोड़ी देर बर्दाश्त कर लो, मेरा निकलने वाला है.

उसके बहुत कहने के बाद मैं फिर से बेड पर कुतिया बन गई.

इस बार बबलू ने अपने लंड पे थूक लगाया, मेरी गांड का सारा लहू साफ करने से बाद उस पर भी थूक लगाया और लंड डाल के अंदर बाहर करने लगा.
आर्यन सब कुछ बैठ कर देख रहा था और अपना लौड़ा हिला रहा था.

मैं भी अब बड़े मजे से अपनी गांड मरवा रही थी.
इस टाइम मुझे जन्नत वाली फील आ रही थी.
मेरी गांड अब पूरी खुल गई थी. इंडियन भाभी की गांड में लंड सही से जा आ रहा था.

थोड़ी देर गांड मारने के बाद बबलू ने मुझे बोला- अब मेरे लंड पे बैठ!

मैं उसके लंड पे बैठ गई और मौज से उछलने लगी.
बबलू बार बार मेरी गांड पर तमाचे लगाता जिससे मुझे और भी जोश चढ़ जाता.

मैं फिर से झड़ चुकी थी और मेरा माल निकलने की वजह से मेरी चूत पूरी गीली हो गई थी और चिकनी भी … जिससे लंड बड़े आराम से अंदर बाहर हो रहा था.

बबलू बोला- भाभी, मेरा निकलने वाला है.

और इतना बोलते ही उसका माल मेरी चूत में ही अंदर निकल गया जिसे मैंने अपने अंदर गर्म गर्म महसूस किया.

फिर मैं आराम से लंड से उठी जिससे बबलू का लंड मेरी चूत से बाहर निकल गया और उसका सारा माल जो मेरी चूत के अंदर निकल गया था, वो बहने लगा.

जैसे मैं खड़ी हुई, मेरी चूत से उसका माल गिरने लगा जो कुछ बबलू के सीने पर और कुछ बूंदें उसके चेहरे, होठों पे गिर गया.

मेरी चूत से माल अभी भी निकल रहा था.

मैं नीचे बबलू के बगल में बैठ कर उसके ऊपर गिरा हुआ सारा माल अपनी जीभ से चाटने लगी और धीरे धीरे करके सारा माल चाट गई.
और फिर आर्यन ने मेरी चूत चाटकर सारा माल साफ किया.

फिर हम तीनों ने एक साथ किस किया और जो भी माल चाटा था, उसे बार बार एक दूसरे के मुंह में दिया, चाटा फिर दिया, फिर चाटा.
बहुत मजा आया.

तो इस तरह मेरी चुदाई एक नए लंड से हुई.

दोस्तो, आपको मेरी यह इंडियन भाभी की गांड में लंड कहानी कैसी लगी?
मेल करके बताना जरूर!
मैं सबका रिप्लाई जरूर करूंगी.
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