आंटी की वासना मेरे लंड से शांत हुई

इंडियन हॉट आंटी चुदाई कहानी हमरे पड़ोस में किराए पर आई आंटी के साथ सेक्स की है. यह मेरा पहला सेक्स था. मैं आंटी को वासना की नजर से देखता था. वे समझ गयी.

दोस्तो, मेरा नाम दीपक है, मेरी उम्र 19 साल है. मैं दिल्ली में एक अपार्टमेंट में रहता हूं.
मेरी फैमिली में मेरे मां बाप और बहन विनीता है.

मैंने यह इंडियन हॉट आंटी चुदाई कहानी पहली बार लिखी है. तो गलतियाँ मत देखना, बस मजा लेना.

हमारे फ्लैट के सामने एक फैमिली शिफ्ट हुई, जिसमें अंकल सुनील यादव, उम्र 50 साल, उनकी पत्नी आरती, उम्र 44 साल और उनकी बड़ी बेटी सीमा उम्र 21 साल और छोटी बेटी पूनम उम्र 20 साल है.

अंकल कंपनी में जॉब करते हैं और उन्हें अक्सर शहर से बाहर जाना पड़ता था.

आरती आंटी का नेचर काफी मजाकिया था.
आंटी की हाइट 5 फीट 5 इंच है और फिगर 32-26-34 का है. उनका रंग गेहुंआ और सेक्सी बदन है, आंटी एकदम चित्रांगदा सिंह के जैसी लगती हैं.

उनकी बेटियों को मैं दीदी बुलाता था.

एक दो हफ्ते में ही हम सब उनकी फैमिली से घुल मिल गए थे.

मुझे आंटी बहुत सेक्सी लगती थीं और मैं उन्हें हर समय वासना से देखता रहता था.
इस बात को शायद आंटी ने समझ लिया था.

मेरी उम्र एक ऐसे दौर में थी कि मुझमें वासना भरने लगी थी.

मेरे मोबाइल मैं ब्लू फिल्मों का स्टॉक बना रहता था. मैं उन्हें डिलीट भी नहीं करता था.
चूंकि मेरा मोबाइल और कोई नहीं लेता था इसलिए मुझे कोई भय नहीं था.

एक दिन आरती आंटी हमारे घर आईं और बोलीं- दीपक, मुझे तेरे अंकल को कॉल करना ही है. मेरे फोन का रिचार्ज खत्म हो गया है. जरा अपना फोन दे.
मैंने उन्हें फोन दे दिया.

उन्होंने कॉल किया और बातें करने लगीं.
मैं टीवी देखने में लगा था.

कुछ देर बाद उन्होंने मुझे मोबाइल वापस किया और सेक्सी सी स्माइल देती हुई अपने फ्लैट में चली गईं.
मुझे अचानक से कुछ अहसास हुआ तो मैंने चैक किया.
मेरी गैलरी ओपन थी.

अब मेरी गांड फट गई कि आंटी ने अगर मम्मी या पापा को बता दिया तो क्या होगा.
पर आंटी ने किसी को नहीं बताया.

अगले दिन आंटी मेरे घर आईं और उन्होंने मेरी मम्मी से कहा कि उन्हें कुछ भारी सामान सैट करने के लिए मेरी हेल्प चाहिए.
मेरी मम्मी ने मुझसे कहा- दीपक, जा आंटी की हेल्प कर दे.

मैं आंटी के साथ उनके घर आ गया.
उन्होंने अन्दर आकर कुंडी लगाई और मुझे सोफे पर बैठने के लिए कहा.
मैं सोफे पर बैठ गया.

उनकी बेटियां कॉलेज गई थीं.
आंटी ने नीले रंग की मैक्सी पहन रखी थी.

वो मेरे पास आकर बैठ गईं.
मैंने पूछा- आंटी, बताइए क्या करना है?
आंटी बोलीं- अरे बता दूंगी, पहले यह तो बता, तू अपने फोन में क्या देखता रहता है?

मेरा तो गला सूख गया.
मैं आंटी से गिड़गिड़ाने लगा- सॉरी आंटी, अब ऐसे नहीं करूंगा, मम्मी को मत बताना प्लीज!
आंटी सेक्सी स्माइल देती हुई बोलीं- नहीं बताऊंगी, पर यह बता कि यह सब देख कर तू क्या करता है?

मैं उनसे आंख नहीं मिला पा रहा था. मैं कुछ नहीं बोल पाया.
आंटी ने कहा- अरे बता ना, नहीं तो अभी तेरी मम्मी को जाकर बताऊं?

मैं गिड़गिड़ाने लगा- ऐसा मत कीजिए आंटी. आप जो कहेंगी, मैं वो करूंगा.
उन्होंने बोला- हां नहीं बताऊंगी. पर जैसा मैं बोलूंगी, वैसा करेगा ना?
मैंने हां में सिर हिला दिया.

आंटी खिसककर मेरे पास आईं और आहिस्ते से मेरी जांघ पर हाथ रखकर बोलीं- तू डर मत यार, मैं किसी को नहीं बताऊंगी.

फिर उन्होंने मुझे हाथ पकड़कर उठाया और मुझे लिप किस करने लगीं.
वो मेरे होंठों को होंठों से खींच खींचकर चूसे जा रही थीं.

इससे मेरी समझ में आ गया कि आंटी को मुझसे चुदवाना है.
मैंने अन्तर्वासना और फ्री सेक्स कहानी पर कई सेक्स कहानियां पढ़ी थीं, जिसमें पड़ोसन आंटी की चुदाई का मसला था.

मैं भी आंटी को चूमने लगा.
आंटी ने मेरी जीभ को अपने मुँह में खींच लिया और वो मेरी जीभ चूसती हुई मुझे मजा देने लगीं.

उनका एक हाथ मेरे लंड को टटोल रहा था.
मेरा लंड भी हरकत में आने लगा था.

कुछ ही देर में मैं अपने फुल मूड में आ गया और मैंने आंटी के मम्मों पर हाथ फेरना शुरू कर दिया.

किस करते करते उन्होंने मेरे एक हाथ को पकड़कर अपनी गांड पर रख दिया.
मैं अपने दोनों हाथ उनकी गांड पर रख दिए और अब मैं मजे से आंटी के चूतड़ों को सहलाए और दबाए जा रहा था.

लगभग 5 मिनट की होंठ चुसाई के बाद उन्होंने मुझे पकड़कर सोफे पर बैठाया और मेरा शॉर्ट्स खींचकर उतार दिया.

मेरा लंड भी खड़ा हो गया था.
मेरा 6 इंच का मोटा लंड देखकर आंटी बोलीं- अरे वाह … तेरा लंड तो अच्छा ख़ासा मोटा है. तेरी गर्लफ्रेंड तो खुश हो जाती होगी!
मैंने कहा- गर्लफ्रेंड है ही नहीं आंटी.

वो चौंक गईं और बोलीं- तो ब्लूफिल्म देख कर क्या लंड हिलाता है?
मैंने हंस कर कहा- हां आंटी, मुठ मारने के सिवाए कोई रास्ता ही नहीं है.

वो ख़ुशी से चहक कर बोलीं- यानि कि ये तेरा पहली बार है … वाह यार मजा आ गया. आज कुंवारा लंड मेरी चूत में जाएगा.
मेरा मन तो हुआ कि मैं उन्हें कहूँ कि आंटी अपनी कुंवारी बेटियों को चुदवा कर मेरे कुंवारे लंड की ओपनिंग करवा दो, मगर उस वक्त मेरी गांड फटी हुई थी, तो मैं कह नहीं पाया.

उन्होंने मुझे सोफे पर बैठने को कहा और मेरे सामने नीचे घुटनों पर बैठ गईं. मेरी दोनों टांगें फैला कर मेरे लंड को हाथ से पकड़ा और उसकी चमड़ी को पीछे हटाते हुए लंड के टोपे पर सेक्सी तरीके से जीभ फिरा दी.
मेरी आह निकल गई.

उनकी जीभ मेरे लौड़े के गुलाबी टोपे पर चलने लगी. मेरी नसें फूलने लगीं और लंड एकदम सख्त हो गया.

आंटी ने अपने होंठों से मेरे सुपारे के मुँह को रगड़ा और उसे सूँघा.
मेरे लंड से आती हुई मादक महक ने उनका नशा बढ़ा दिया था. मेरे सामने वो अभी भी नाइटी में थीं और उनके तने हुए दूध मुझे मस्त कर रहे थे.

तभी आंटी मुझे देखती हुई मेरा लंड चूसने लगीं.
लंड चुसाई से मेरा लंड और सख्त होने लगा.

लंड चूसते चूसते आंटी ने मेरे दोनों आंडों को मुँह में भरा और खींच खींच कर चूसने लगीं.
मुझे उनकी इस हरकत से बहुत मज़ा आ रहा था.

उसके बाद वो मुझे अपने मुँह पर खींच कर किस करने लगीं.
किस करते हुए वो खड़ी हो गईं और उन्होंने दोनों हाथों से अपनी चड्डी उतार फेंकी.

फिर जल्दी से मेरा सिर पकड़कर मेरा मुँह झुका दिया और अपनी चूत पर दबा दिया.
मैं सोफे पर गिर गया था और उनकी काली व गीली चूत में मैं जीभ चलाने लगा था.

वो खड़ी होकर मुझसे चूत चटवा रही थीं और कह रही थीं- आंह अन्दर तक जीभ चला मादरचोद … मजा आ रहा है.
कुछ देर बाद उन्होंने अपनी एक टांग मेरे कंधे पर रखी और चूत चटवाती हुई मादक आवाजें निकालने लगीं- उम्म उम्म्म आह … चाट मादरचोद … आह साले बड़ी आग लगी है मेरी चूत में.

उनकी चिकनी चूत से रिसते हुए पानी को मैं कुत्ते की तरह चाटे जा रहा था.
कुछ ही देर में उन्होंने अपनी मैक्सी उतार कर फेंक दी और मुझे उठाकर मेरे होंठों को किस करती हुई मेरी जीभ को चूसने लगीं.

आंटी ने मेरी टी-शर्ट भी उतार दी. वो पागलों की तरह कभी मेरा सीना चूमतीं, कभी गला, कभी होंठ और कभी गाल.
आंटी मुझे खींचती हुई वहीं जमीन पर लेट गईं और अपनी टांगें फैला दीं.

वो चूत पर हथेली ठोकती हुई बोलीं- आ जा मेरे चोदू लाल … अब और बर्दाश्त नहीं हो रहा.
मैंने लंड चूत पर सैट किया और ऐसा जोरदार धक्का मारा कि उनकी फटी हुई चूत चिर गई और उनकी ‘आह मर गई …’ की आवाज निकल गई.

मैंने कहा- काहे की आह आह आंटी, आप तो फटी भोसड़ी वाली हो … अपनी चूत में हजारों बार लंड ले चुकी होगी.
आंटी बोलीं- आराम से पेल मादरचोद … तेरा लंड गधे जैसा है. तेरे अंकल का लंड अब काम का नहीं रहा है … चार साल से लंड नहीं लिया है … आह चोद दे.

मैं हंसते हुए उन्हें किस करते हुए धीरे धीरे धक्के मारने लगा. मस्त चुदाई चलने लगी.
आंटी बोलीं- मेरी चूचियां भी तो चूस ले बेटा.

मैं एक हाथ से उनकी सफेद ब्रा के ऊपर से उनकी चूची दबाने लगा.
मैंने कहा- आंटी मस्त माल हो आप. आज तो आपको अच्छे से चोदूंगा.

आंटी मुस्काती हुई बोलीं- अबे जल्दी जल्दी चुदाई कर ले, नहीं तो तेरी मां बुलाने आ जाएगी. अपनी आंटी को अच्छे से फिर कभी चोद लेना.

मुझे मेरी मम्मी का ख्याल आया तो मैं तेज़ धक्के मारने लगा और बोला- आंटी, अब तो कभी भी बुला लेना, आपकी सेवा करने आ जाया करूंगा.
आंटी कामुक सिसकारियां लेती हुई बोलीं- हां … आ आह उम्मम … नहीं … यह पहली और आखिरी बार है … अब के बाद नहीं.

मैं बोला- आंटी यार ऐसा न बोलो, आप जो भी कहोगी, मैं वो सब करूंगा.

आंटी हंस कर बोलीं- उम्म्म्म आह आह … अरे मेरे चोदू पहलवान, ऐसे कैसे तुझे जाने दूंगी, मैं तो मजाक कर रही थी, बस मुझे अकेले में आंटी मत बुलाया कर, नाम से या गाली देकर जो बुलाना है, बुला ले, पर जब बुलाऊं तब अपनी इस रांड को चोदने आ जाना.
मैंने कहा- आई लव यू आंटी … सॉरी आरती मेरी जान.

मैं उनको किस करके उनके होंठों को चूसता हुआ उनको जोर से चोदने लगा.
उनकी गीली चूत में मेरा लंड तेजी से चल रहा था और वो फर्श पर सिर्फ ब्रा में पड़ी थीं.

आंटी मेरी गांड पकड़कर मुझसे चुदवा रही थीं.
करीब दस मिनट की तेज़ चुदाई के बाद मैं झड़ने वाला था.

मैंने हांफते हुए आंटी से कहा- आंटी, मेरा निकलने वाला है.
आंटी ने कहा- अरे फिर से आंटी … अन्दर ही निकलना मेरे चोदू लाल, मेरी चूत में ही रस निकाल दे मेरी जान.

मैंने ज़ोरदार धक्के मारते हुए आंटी की चूत में अपना गाढ़ा वीर्य भर दिया और उनके ऊपर निढाल हो गया.
आंटी मेरी पीठ पर हाथ फेरती हुई बोलीं- आह मज़ा आ गया. मैं भी दो बार झड़ गई … तुझे मजा आया न?

मैं- बहुत मजा आया आरती मेरी जान, अब मैं तुमको ही चोदना चाहता हूं.
आंटी बोलीं- ह्म्म्म … अब कपड़े पहन ले, कोई आ न जाए.

मैं उठा और कपड़े पहनने लगा.
आंटी ने अपनी चड्डी उठाई और चूत से रिसते हुए मेरे वीर्य को चड्डी से ही पौंछ कर चड्डी पहन ली, फिर मैक्सी डाल ली.

मैं जाने लगा.
तो आंटी में मुझे हाथ से पकड़ कर रोका और बोला- जरा देर बैठ जा मेरे चिकने चोदू लाल. अभी चुदाई हो चुकी है, अब किसी बात का डर नहीं है.
मैं भी बैठ गया और आंटी की तरफ मुस्कुरा कर देखने लगा.

आंटी फ्रिज से जूस निकाल लाईं और हम दोनों बैठ कर जूस पीने लगे.
मैंने सोफे पर बैठ कर काफी देर तक आंटी को किस किया.

मेरे मूड बनने लगा, लंड फिर से तनतनाने लगा.
मैंने आंटी का हाथ लंड पर रख दिया.

फिर आंटी ने मुस्कुरा कर कहा- अब नहीं, फिलहाल तुमको घर जाना चाहिए. बाद में मौका मिलते ही आ जाना.

मैं अपने घर वापस आ गया.
वो मेरा पहला सेक्स यानि यह इंडियन हॉट आंटी चुदाई मुझे हमेशा याद रहेगी.

उसके बाद आंटी ने मुझे चुदाई का चस्का लगा दिया, मौका मिलने पर वो मुझसे चुदवाती रहती हैं.
आपको मेरी देसी आंटी चुदाई कहानी कैसी लगी, मुझे बताइएगा.

मैं आगे की सेक्स कहानी आप सबके साथ शेयर करूंगा, जिसमें आंटी के अलावा और भी छेद मुझे चोदने को मिले.

आपको यह इंडियन हॉट आंटी चुदाई कहानी कैसी लगी? मुझे मेल और कमेंट्स में बताएं.
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