अपनी अपनी जरूरत- 2

वाइफ एक्सचेंज सेक्स कहानी में तीन दोस्तों ने बीवियों को चुदाई का पूरा मजा दिलाने के लिए अदल बदल कर सेक्स करने का फैसला किया. कैसे खेला गया यह खेल?

कहानी के पहले भाग
अपनी अपनी जरूरत- 1
में आपने पढ़ा कि दो दोस्तों के सेक्स जीवन में समस्या थी।
हिमांशु की बीवी कल्पना जल्दी झड़ जाती, हिमांशु बहुत देर बाद झड़ता।
वरुण जल्दी झड़ जाता, उसकी बीवी रति बहुत देर बाद झड़ती।
तीसरे दोस्त अमित और उसकी बीवी मोना दोनों सेक्स में बहुत देर टिकते, उनकी कोई समस्या नहीं थी।
तीनों की पत्नियों में दोस्ती थी।
दोस्तों ने तय किया हिमांशु, वरुण आपस में बीवी की अदला बदली के लिए अपनी बीवियों को राजी करेंगे.

अब आगे वाइफ एक्सचेंज सेक्स कहानी:

अमित ने अपनी पत्नी मोना से बात की- मोना, तुमको अपनी सहेली कल्पना और रति से मालूम ही है, वो दोनों अपने पतियों के साथ सेक्स जीवन में संतुष्ट नहीं है। वरुण जल्दी झड़ जाता है, रति के झड़े बिना। कल्पना जल्दी झड़ जाती है, हिमांशु बहुत देर से। मुझे हाल ही में हिमांशु और वरुण से पता चला, वे दोनों भी इस बात से परेशान हैं.

मोना- हाँ मुझे मालूम है, पर हम क्या कर सकते है? हम दोनों को अपने सेक्स जीवन से सन्तुष्टि है। यदि तुम्हारा इरादा रति को संतुष्ट करने का है तो मुझे भूल जाओ.

अमित- मेरा ऐसा इरादा नहीं है। हम तीन दोस्तों ने इसके बारे में सोचा। यदि हिमांशु रति के साथ और वरुण कल्पना के साथ सम्भोग करे तो समस्या का समाधान हो सकता है। दोनों का ऑपरेशन हो गया है, गर्भ ठहर नहीं सकता, घर की बात घर में ही रहेगी। वरुण और हिमांशु अपनी पत्नियों को इस बात के लिए राजी करने की कोशिश कर रहे हैं। तुम्हारी मदद चहिये, तुम कल्पना, रति से बात करो.

मोना- अमित, बात तो तुम सही कह रहे हो, मैं मौका देखकर उनसे बात करती हूँ.

तब मोना ने कल्पना और रति को फ़ोन किया, पति काम पर बच्चा स्कूल जाने के बाद अपने घर बुलाया, कहा कि बहुत दिन सिर्फ हम तीनों नहीं मिली, साथ लंच करेंगी, गप्पे मारेंगी.

दूसरे दिन कल्पना, रति मोना के घर आयी.
तीनों बियर का गिलास लेकर बात करने लगी।

बात सेक्स पर पहुंची.
रति बतलाने लगी कि उसका पति वरुण उसको हिमांशु के साथ सम्भोग के लिए उकसा रहा है।
कल्पना बोली कि उसका पति हिमांशु भी उसे वरुण के साथ सेक्स के लिए बोल रहा है।

रति ने ऐसा दिखाया जैसे उसे कुछ मालूम नहीं!

मोना ने बियर का दूसरा गिलास बनाया और बोली- मेरा विचार है कि जिंदगी एक बार ही मिलती है। तुम दोनों को झड़ने की टाइमिंग के कारण सेक्स में पूरी सन्तुष्टि नहीं मिलती, तुम्हारे पतियों का भी यही हाल है। तुम्हारे पति तुमसे प्यार करते हैं, तुम्हारी सन्तुष्टि के बारे में सोचते है। मेरे ख्याल से तुम दोनों को मान लेना चाहिए। घर की बात बाहर नहीं जाएगी, तुम दोनों गर्भवती नहीं हो सकती, बीमारी का भी खतरा नहीं है.

मोना के अच्छी तरह समझाने से कल्पना, रति राजी हो गयी वाइफ एक्सचेंज सेक्स के लिए!

मोना, अमित दो बेड रूम फ्लैट में रहते हैं. उन्होंने बाजू का एक बेडरूम का फ्लैट अभी ख़रीदा है। दोनों फ्लैट के बीच कॉमन दीवार है। उस फ्लैट में कभी कभी उनके रिश्तेदार आकर रहते हैं.

तो मोना बोली- हमारा एक बेडरूम का फ्लैट तुम दोनों के काम आएगा, उसकी चाबी जब तुम को चाहिए ले लेना। उसमें सब सुविधा है। फ्लैट का थोड़ा काम बाकी है, वह एक हफ्ते में हो जायेगा। अमित को मैं सभाल लूँगी.

मोना शरारती है, उसने सोच रखा था कि क्या करना है.
अमित के घर आते ही मोना ने अमित को सब बताया.

दूसरे दिन मिस्त्री बुलाकर दोनों फ्लैट के कॉमन दीवार पर छोटी सी खिड़की बनाई।
खिड़की को एक तरफ वाले आइना वाला कांच लगाकर ढक दिया।
आईने वाला साइड 1 बेडरूम वाले फ्लैट की तरफ था.

इस आईने की विशेषता है कि जब आईने वाले साइड में उजाला हो और उसके पीछे वाले साइड में अँधेरा, आईने वाले साइड से वह साधारण आईने की तरह लगता है, पर कांच के पीछे से सब दिखता है।
आईने वाले साइड में आईने के ऊपर बल्ब लगा दिया, बल्ब का स्विच 2 बेडरूम फ्लैट में था और वह इन्वर्टर से जुड़ा था.

उन्होंने जांच की, 1 बेडरूम फ्लैट का कमरा साफ दिख रहा था, पर वहां से देखने पर आइना लगता था।
2 बेडरूम फ्लैट में उन्होंने उस खिड़की पर एक तस्वीर टांग दी जिससे खिड़की छुप गयी.

मोना ने रति को फ़ोन किया- कमरा तैयार है। आने से एक दिन पहले फ़ोन करके टाइम बता देना, हम लोग घर पर रहेंगे।

रति ने हिमांशु से बात करके मोना को बताया कि कल रात वे लोग आएंगे.

रात 9 बजे हिमांशु सजधज कर आया, उसने 1 बेडरूम फ्लैट की चाबी अमित से ली.
अमित बोला- जाते समय चाबी टेबल पर रखना और दरवाज़ा बंद करना, सेल्फ लैच है, हमारे पास दूसरी चाबी है।

मोना और अमित कांच के पीछे से देखने लगे।

हिमांशु ने पलंग पर फूल बिछा दिये.
9,30 बजे उसने फ़ोन किया।

थोड़ी देर में रति अंदर आयी।
रति ने सेक्सी ब्लाउज साड़ी पहनी थी, शायद पार्लर से मेकअप कराके आयी थी.

रति पलंग पर फूल देखकर खुश होकर बोली- पूरी तैयारी है दूसरी सुहागरात की!
हिमांशु ने दरवाज़ा बंद करके चिटकनी लगा दी.

हिमांशु रति का कन्धा पकड़कर बोला- रति, आज तुम बहुत सुन्दर लग रही हो।

उसने रति के कपाल, आँखें फिर होठों को चूमा.
रति भी हिमांशु को चूमने लगी।

आग दोनों तरफ लगी थी।

फिर दोनों एक दूसरे के लब चूसने लगे.

हिमांशु ब्लाउज के ऊपर रति के चूचे दबाने लगा, दोनों पलंग पर लेटकर आलिंगनबद्ध हो गए.

तभी हिमांशु रति का ब्लाउज उतारने लगा.
रति ने हाथ उठा लिए, ब्रा में रति के बड़े बड़े चूचे लुभावने लग रहे थे।

हिमांशु ब्रा के ऊपर चूचे दबा रहा था, क्लीवेज चूम रहा था।
फिर उसने ब्रा भी उतार दी और वो रति के बड़े चूचे बड़ी हसरत से देखने लगा.

अमित रति के नंगे बड़े चूचे देखकर रोमांचित हो गया। अमित जब भी रति के बड़े चूचे ब्लाउज के अंदर देखता था, वह सोचता था, बिना कपड़ों के चूचे कैसे दिखेंगे। अमित अपनी पत्नी मोना के चूचों पर हाथ फेरने लगा.
मोना ने अमित के कान में कहा- पूरा लाइव सेक्स देखने तो दो!

देखते देखते दोनों ने एक दूसरे के कपड़े उतार दिए।

हिमांशु का लंड पूरे जोश में खड़ा था। उसने रति को पीठ के बल लिटा दिया, उसके ऊपर लेटकर रति के होंठ चूसने लगा.
रति ने समर्पण में अपने पांव फैला दिए।

हिमांशु ने अपना लंड एक झटके में रति की गीली चूत में डाल दिया और चोदने लगा.
रति भी कमर उछाल कर साथ दे रही थी.

तभी रति ने हिमांशु को रोका और उसको लिटाकर उसका लंड चूत में डालकर उछलने लगी।

रति के तरबूजे जैसे चूचे हिल रहे थे, उसके निप्पल तन गए थे।
बड़ा की उत्तेजक दृश्य था।

हिमांशु रति के चूचे दबा रहा था, निप्पल मरोड़ रहा था.
दोनों सिसकारी ले रहे थे।

रति उछल उछल कर थककर उतर गयी और पलंग के किनारे घोड़ी बनकर खड़ी हो गयी. उसका मुँह आईने की तरफ था।

हिमांशु ने ज़मीन पर खड़े होकर अपना लंड रति की चूत में पेल दिया; रति की कमर पकड़कर धुआँधार चोदने लगा।
रति की गीली चूत से पच पच की आवाज़ आ रही थी।

जब हिमांशु लंड झटके से पूरा अंदर डालता, उसका शरीर रति के कूल्हे से टकराता और थप थप की आवाज़ आती.

रति के चूचे पैंडुलम की तरह झूल रहे थे।
चुदाई 20 मिनट से चल रही थी।

रति आ आ सी सी कर रही थी, बोल रही थी- और जोर से!
तभी रति का शरीर अकड़ने लगा, उसके चूचे तन गए, उसकी चूत से ढेर सारा कामरस निकला, चादर गीली हो गयी,वह शांत हो गयी.
कुछ ही देर में हिमांशु के झटके और तेज हो गए और वह झड़ गया.

दोनों थककर पलंग पर लेट गए. संतुष्टि उनके चेहरे में झलक रही थी।

हिमांशु- इतना मजा मुझे जिंदगी में पहली बार आया।
रति- मैंने पहली बार जाना कि सेक्स की संतुष्टि कैसी होती है, मजा आ गया।

दोनों ने उठकर पलंग पे बिखरे, मसले फूलों को इकठ्ठा करके डस्टबिन में डाला।

मोना ने एक एक्स्ट्रा चादर रखी थी, तो रति ने गीली चादर हटाकर दूसरी चादर बिछा दी।

वे दोनों पसीने से भीगे थे, तो बाथरूम चले गए.

अमित, मोना यह सब देखकर बहुत उत्तेजित हो गए थे।
लाइव शो देख़ते देखते उन्होंने एक दूसरे के कपड़े उतार दिए थे।
दोनों पलंग पर जाकर जोरदार चुदाई करने लगे।

दूसरे दिनों की अपेक्षा आज दोनों जल्दी झड़ गए।

चुदाई के बाद वे दोनों फिर खिड़की के पास गए.

रति और हिमांशु नहाकर नंगे बाथरूम से निकले।

तब रति लाड़ से बोली- हिमांशु तुम घोड़ा बन जाओ, मैं तुम्हारी सवारी करूंगी।
हिमांशु पलंग पर घोड़ा बनकर खड़ा हुआ।

रति उसकी पीठ पर बैठी तो ऐसा लग रहा था लेडी टार्ज़न बैठी हो।
रति के बड़े चूचे, उसकी मांसल जाँघें … वाह … क्या सुन्दर दृश्य था।

हिमांशु ने चलकर पलंग का एक चक्कर लगाया, रूककर बोला- घोड़े को मत थकाओ, उसे और मेहनत करनी है।
रति उतर गयी.

हिमांशु ने बैग से व्हिस्की की बोतल, दो गिलास, कुछ चखना निकालकर कहा- रति आज वोडका नहीं है, व्हिस्की चलेगी?
रति चहककर बोली- आज कुछ भी चलेगा।

हिमांशु ने दो बड़े पेग बनाये, पानी डाला।
दोनों कुर्सी पर नंगे बैठकर पीने लगे.

जब दोनों का आधा गिलास व्हिस्की बचा, तो हिमांशु रति के पैरों के बीच बैठकर उसकी चूत पर व्हिस्की डालने लगा और चूत में मुँह लगाकर पीने लगा.

हिमांशु की व्हिस्की ख़त्म होते ही रति ने हिमांशु को खड़ा किया, हिमांशु को लंड पर धीरे से रति के गिलास की व्हिस्की डालने को कहा.
रति लंड के नीचे मुँह खोलकर मुँह खोलकर बैठ गयी, लंड से होते हुए व्हिस्की रति के मुँह में गिरती, वह पी जाती!

हिमांशु और 69 पोजीशन में एक दूसरे का लंड / चूत चूसने लगे।

कुछ देर बाद हिमांशु ने रति को मिशनरी आसन में चोदा, रति कमर उछाल रही थी।
उसके बाद कुछ देर रति ने थकने तक हिमांशु के लंड की सवारी की।

फिर हिमांशु ने रति को पलंग से थोड़ी दूर खड़े होकर झुकने को कहा।
रति ने हाथ और सर पलंग पर रखकर पांव फैला दिए.

हिमांशु रति की कमर पकड़कर उसकी चूत पीछे से चोदने लगा.
वह बीच बीच में रूककर रति के कूल्हों पर थप्पड़ मार रहा था.

दोनों की यौन क्रीड़ा काफी देर चली, रति की चूत ने फव्वारे की तरह पानी छोड़ा।
थोड़ी देर में हिमांशु भी झड़ गया।

दोनों ने अपने अंग पौंछे और नंगे ही के दूसरे की बांहों में सो गए.

सुबह जल्दी उठकर दोनों ने अपने मॉर्निंग वाक के कपड़े, जूते बैग से निकालकर पहने।
दोनों अपने अपने घर वापस गए, जैसे मॉर्निंग वाक से लौट रहे हों.

हिमांशु का अमित को और रति का मोना को फ़ोन आया- सुझाव देने के लिए धन्यवाद, कल रात बहुत आनंद आया।
दोनों समय फ़ोन स्पीकर पर था।

अमित, मोना ने तो सब देखा था यह उन लोग बता नहीं सकते।
उन्होंने इतना ही कहा- अब वरुण और कल्पना को तैयार करो यहाँ आने के लिए!

वरुण और कल्पना की सेटिंग भी बन गयी, वे शनिवार की रात 10 बजे आने वाले हैं।

शनिवार रात पहले वरुण ने आकर फ्लैट की चाबी ली, कुछ ही देर में कल्पना आयी।

अमित, मोना आईने के पीछे बैठकर देखने लगे।

वरुण और कल्पना सज धज कर आये थे।
कल्पना ने बिना स्लीव का ब्लाउज, साड़ी पहनी थी। कल्पना की कांख (आर्मपिट) को चूमने, चाटने से कल्पना को जोश आता है, यह वरुण को हिमांशु ने बताया था.

दोनों बैठ कर बात करने लगे.

पर कल्पना थोड़ी सकुचा रही थी।

वरुण ने बैग से वोडका, लिम्का, काजू, उबले अंडे निकाले- कल्पना, मैं तुम्हारी पसन्द का वोडका लाया हूँ, आज मैं भी वोडका लूंगा। पीने से हम दोनों का संकोच कम होगा.

उसने कल्पना के गिलास में डबल पेग वोडका डाला, खुद के गिलास में कम डाला।
दोनों ने पीना शुरू किया।

थोड़ा पीने के बाद वरुण ने लाल गुलाब निकाला और कल्पना के पास जाकर बोला- क्या मुझे तुम्हारे बालों में गुलाब लगाने का सौभाग्य मिल सकता है?
कल्पना मुस्करा उठी.
वरुण ने गुलाब लगा दिया.

अमित बहुत देर से वरुण, कल्पना का सम्भोग देखने का इंतजार कर रहा था।
उसने मोना के कान में कहा- असली खेल (चुदाई) कब शुरू होगा?
मोना बोली- यह कपोत कपोती की जोड़ी है, धैर्य रखो, इनको कोमल प्यार और फोरप्ले में ज्यादा मजा आता है.

पीना ख़त्म होने के बाद, कल्पना ने बैग से एक डिब्बा निकाला और तरंग में बोली- वरुण, मैंने अपने हाथ से गुलाबजामुन बनाये हैं।
वरुण ने कहा- तुम ही खिला दो!

कल्पना चम्मच से वरुण को गुलाबजामुन खिलाने लगी।
वरुण ने भी कल्पना को गुलाब जामुन खिलाया.

वरुण- गुलाबजामुन बहुत अच्छा है कल्पना … तुम्हारे हाथ में जादू है!
कहकर कल्पना का हाथ पकड़कर चूम लिया, कल्पना ने हाथ नहीं छुड़ाया।

वरुण हाथ चूमते चूमते ऊपर की ओर बढ़ा, उसने कल्पना के कंधे चूमे, फिर कपाल आंख और गाल।
उसने हल्के से कल्पना के होंठ चूम लिए.

कल्पना ने अपने हाथ ऊपर किये और अपना जूड़ा ठीक करने लगी।
वरुण समझ गया कि कल्पना उसकी कांख (आर्मपिट) चूमने का संकेत दे रही है।

वह कल्पना की कांख चूमने, चाटने लगा।
कल्पना उत्तेजना में मचलने लगी।
उसने वरुण को आलिंगन में ले लिया, दोनों एक दूसरे के लब चूमने, चूसने लगे.

वरुण कल्पना के चूचे भी दबा रहा था।

काफी देर चूमा चाटी से उनकी साँस फूलने लगी, दोनों अलग हुए।
वरुण ने, कल्पना का ब्लाउज निकाल दिया, कल्पना ने उसका साथ दिया, उसने वरुण का कुरता उतार दिया.

वरुण- कल्पना, मैं तुम्हारे साथ बकरी का खेल खेलना चाहता हूँ.

वरुण ने बैग से सुन्दर हल्के गुलाबी रंग का गले का पट्टा निकाला, उसमें गुलाबी रस्सी लगी थी.

कल्पना सुन्दर गुलाबी पट्टा और रस्सी देख कर भावुक हो गयी- सिर्फ मैं अपने कपड़े उतारूं और तुम कपड़े पहने रहो, यह बेइंसाफी है.
वरुण- चलो हम एक दूसरे को कपड़े निकलने में मदद करते हैं।

दोनों नंगे हो गए।
कल्पना का सुन्दर फिगर, मध्यम आकार के तने चूचे, सुडौल कूल्हे वरुण मंत्रमुग्ध होकर देख रहा था.

कल्पना ने पट्टा अपने गले में बांधा और बकरी के समान पलंग पर खड़ी हो गयी, वरुण ने पट्टे की रस्सी पलंग से बांध दी, एक कटोरा स्तन के नीचे रखा।
वह चूचों को सहलाने, हल्के से दबाने लगा।

कल्पना के कूल्हे पर हाथ फेरकर उसने कहा- मेरी अच्छी बकरी, दूध निकालूं?
तो कल्पना ने मस्ती में हाँ में सर हिलाया।

वरुण कल्पना के निप्पल खींचकर दूध निकालने लगा।
कल्पना की चूत गीली हो गयी.
वरुण का लंड भी खड़ा हो गया।

कल्पना बोली- बकरी का दूध खत्म हो गया है।
तब कल्पना ने अपना पट्टा निकाला और पाँव फैलाकर पीठ के बल लेट गयी, उसकी आँखों में आमंत्रण था.

वरुण कल्पना के ऊपर चढ़कर चुदाई करने लगा.
कल्पना सिसकारी ले रही थी, कमर उचकाकर साथ दे रही थी।

2- 3 मिनट बाद कल्पना बोली- अब मेरी बारी है।
वरुण लेट गया, कल्पना उसके लंड की सवारी करने लगी वरुण कल्पना के चूचे दबा रहा था, निप्पल चूस रहा था.

दोनों को मजा आ रहा था.
रति एक बार उसके ऊपर चढ़ी थी, वरुण का चेहरा रति के बड़े चूचों से ढक गया था.

5 मिनट बाद, कल्पना के चूचे और तन गए, उसका शरीर ऐठने लगा, उसकी चूत से कामरस बहने लगा।
कल्पना निढाल होकर वरुण के ऊपर लेट गयी।

वरुण ने कल्पना को प्यार से पलंग पर लिटाया, उसके ऊपर चढ़कर चुदाई करने लगा.

1 मिनट बाद वरुण झड़ गया, कल्पना की चूत वरुण के वीर्य से भर गयी।
वरुण के चेहरे पर ऐसे भाव थे, जैसे उसने कोई बड़ा विजय प्राप्त की हो.
अपनी पत्नी रति से चुदाई में वरुण झड़ जाता था, रति नहीं झड़ती थी.

वरुण कल्पना के ऊपर लेटकर उसके बालों पर हाथ फेरने लगा।
दोनों के चेहरे पर ख़ुशी और सन्तुष्टि झलक रही थी।

थोड़ी देर बाद दोनों ने कपड़े पहने.
रात के 11 बजे थे।

दोनों ने एक दूसरे कहा- इतना मजा और संतोष पहली बार मिला!

उन्होंने फिर मिलने का वादा किया और दोनों अपने अपने घर चले गए.

5 साल से ऐसा ही चल रहा है।
वरुण और उसकी पत्नी रति, हिमांशु और उसकी पत्नी कल्पना सभी खुश हैं।

बाकी विषयों में उन पति पत्नियों का अच्छा तालमेल है।
उनकी एक मात्र समस्या- आपस में सम्भोग में एक का जल्दी, एक का बहुत देर बाद झड़ने की समस्या का समाधान मिल गया है.

एक बार मोना ने अपने पति अमित को पूछा- अमित, तुमको तो रति के बड़े स्तन अच्छे लगते हैं, कभी उसके साथ सम्भोग की इच्छा नहीं हुई?

अमित- मोना, मुझे रति के बड़े स्तन बिना कपड़े के देखने थे, देख लिए। हम दोनों आपस में सम्भोग से खुश हैं। हमने लाइव शो में जो देखा, वह हम भी करने लगे हैं. तुम्हें बकरी बनाकर दूध निकालना, मेरे ऊपर तुम्हारी घोड़े की सवारी, मुख मैथुन … और क्या चाहिए?

रति, हिमांशु आपस में सम्भोग से खुश हैं। कल्पना, वरुण आपस में सम्भोग से खुश हैं।
सबसे बड़ी बात यह कि वाइफ एक्सचेंज सेक्स यानि पति पत्नी की अदला बदली दोनों जोड़ों की आपसी सहमति से हुई।

इसको कहते हैं- पति पत्नी का एक दूसरे की जरूरत का ख्याल दिल से रखना!

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